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रूटा पंजीकृत चुनाव डॉ. एके रुस्तगी बने अध्यक्ष
Bareilly
Updated Mon, 26 Aug 2013 05:35 AM IST
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मुरादाबाद/बरेली। रूटा पंजीकृत के चुनाव में पहली बार अपनाई गई मतदान प्रक्रिया पर शिक्षकों ने अपनी मोहर लगा दी। रूटा पंजीकृत के चुनाव को लेकर शिक्षकाें ने जबरदस्त उत्साह दिखाया। अमरोहा के जेएस हिंदू कालेज में कराए गए चुनाव में साठ प्रतिशत मतदान हुआ। इसमें डॉ. एके रुस्तगी अध्यक्ष और डॉ. दानवीर सिंह यादव महामंत्री चुने गए। बरेली कालेज की डॉ. चारु मेहरोत्रा सबसे ज्यादा 292 वोट पाकर उपाध्यक्ष पद पर चुनी गई।
अमरोहा के जेएस हिंदू कालेज में रूटा पंजीकृत का रविवार को हुए चुनाव में विश्वविद्यालय परिक्षेत्र के 47 कालेजों से 411 शिक्षकों ने मतदान किया। चुनाव में फुपुक्टा की ओर से डॉ. पीआर यादव, डा. वीके कटियार और विश्वविद्यालय से डॉ. विजय बहादुर पर्यवेक्षक के तौर पर उपस्थित रहे। डॉ. केके दीक्षित, डॉ. वीके वत्स और डॉ. उमाचरण ने चुनाव अधिकारी की भूमिका निभाई। चुनाव में सुबह से ही शिक्षक जुटने लगे थे। मतदान के बाद शाम पांच बजे से मतगणना शुरू हुई। अध्यक्ष पद पर जेएस हिंदू कालेज के डॉ. एके रुस्तगी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी डॉ. आरके सोनकर को 231 वोट से हराया। महामंत्री पद पर केजीके कालेज के डॉ. दानवीर सिंह यादव 286 वोट पाकर जीते। बरेली कॉलेज के शिक्षक डॉ. डीके सिंह और डॉ. नीरज राठौर ने कहा कि लोकतंत्र बहाल हुआ है। मतदान प्रणाली से पदाधिकारी चुने गए हैं। यह बहुत बड़ा ऐतिहासिक बदलाव है। इसको लेकर शिक्षकों में काफी खुशी है। चुनाव में काफी रोक-टोक के बावजूद बरेली कॉलेज के शिक्षकों ले काफी उत्साह से मतदान किया।
कुल मतदान- 411
अध्यक्ष
एके रुस्तगी - 315
राजकुमार सोनकर 84
-----------
महामंत्री
डॉ. दानवीर यादव 286
नीरज राठौर 122
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संगठन मंत्री कोषाध्यक्ष
डा. एके अग्रवाल 287
सीपी पांडे 110
--------------
उपाध्यक्ष
डॉ. चारु मेहरोत्रा 292
डॉ. अभय मित्तल 261
डॉ. सोमपाल सिंह 260
डॉ. राकेश कुमार 248
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संयुक्त सचिव
डॉ. राका शर्मा 282
डॉ. भारती चौहान 253
डॉ. मोहसिन हसन खान 224
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प्रांतीय प्रतिनिधि
मनवीर सिंह 280
नवीश कुमार 241
--------------
आठ सितंबर को होेंगे रूटा के चुनाव
रूटा के चुनाव आठ सितंबर को कराए जाएंगे। रूटा के पदाधिकारी भी अपनी तैयारियों में जुटे हुए हैं। रूटा पंजीकृत के चुनाव से पूर्व फुपुक्टा कार्यकारिणी की बैठक को लेकर काफी विवाद हुआ। फुपुक्टा महामंत्री के निर्णय के आगे किसी की नहीं चली। हालांकि इस चुनाव को टलवाने की कोशिशें भी हुईं। लेकिन, सारी कोशिशाें के बावजूद दोनों के संगठनों के चुनाव अलग अलग होंगे। आठ सितंबर को रूटा के चुनाव के बाद विवाद मान्यता को लेकर होगा। रूटा के महामंत्री डॉ. स्वदेश सिंह ने कहा कि यह चुनाव फुपुक्टा के नियमों के विपरीत हुआ है, क्योंकि राजकीय महाविद्यालयों के शिक्षक फुपुक्टा या रूटा किसी भी संगठन के सदस्य नहीं होते हैं। मतदान में शामिल लगभग पचास फीसदी शिक्षक राजकीय महाविद्यालयों के ही रहे।
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क्या था विवाद
रूटा के चुनाव 2007 में डीएसएम कालेज कांट में कराए गए थे। रूटा का कार्यकाल तीन वर्ष निर्धारित किया गया था। लेकिन, विभिन्न कारणों से चुनाव नहीं हुए। रूटा के पदाधिकारी चुनाव कराने को तैयार नहीं थे। इसके विरोध में नया संगठन खड़ा हो गया। रूटा पंजीकृत के बैनर तले शिक्षक रूटा के विरोध में आने लगे। इनकी मांग थी कि चुनाव डेलीगेशन पद्धति के बजाय प्रत्यक्ष पद्धति को अपनाया जाए। लेकिन रूटा पदाधिकारी इसके लिए तैयार नहीं थे। खींचतान और विरोध के बाद रूटा पंजीकृत ने अपने चुनाव की घोषणा कर दी। इसके तुरंत बाद रूटा ने भी चुनाव की तिथि घोषित कर दी। इसके बाद फुपुक्टा की ओर से शिक्षकों की एकता के लिए संगठनों का विवाद सुलझाने के लिए बैठक बुलाई। अंतिम फैसला फुपुक्टा कार्यकारिणी की बैठक में लिया जाना था। लेकिन उससे पहले ही फुपुक्टा महामंत्री ने रूटा पंजीकृत के 25 अगस्त हो होेने वाले चुनाव का मान्यता दे दी और पर्यवेक्षक तैनात कर दिए।
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मुरादाबाद मंडल का रहा जलवा
रूटा पंजीकृत के चुनाव में मुरादाबाद मंडल के शिक्षक ही सबसे ज्यादा पदों पर चुने गए हैं। इस तरह से देखें तो मुरादाबाद मंडल का चुनाव में जलवा रहा। बरेली कॉलेज से उपाध्यक्ष पद पर केवल डॉ. चारु मेहरोत्रा ही जगह बना पाई हैं, बाकी के पद मुरादाबाद मंडल की झोली में ही गए हैं।
अमरोहा के जेएस हिंदू कालेज में रूटा पंजीकृत का रविवार को हुए चुनाव में विश्वविद्यालय परिक्षेत्र के 47 कालेजों से 411 शिक्षकों ने मतदान किया। चुनाव में फुपुक्टा की ओर से डॉ. पीआर यादव, डा. वीके कटियार और विश्वविद्यालय से डॉ. विजय बहादुर पर्यवेक्षक के तौर पर उपस्थित रहे। डॉ. केके दीक्षित, डॉ. वीके वत्स और डॉ. उमाचरण ने चुनाव अधिकारी की भूमिका निभाई। चुनाव में सुबह से ही शिक्षक जुटने लगे थे। मतदान के बाद शाम पांच बजे से मतगणना शुरू हुई। अध्यक्ष पद पर जेएस हिंदू कालेज के डॉ. एके रुस्तगी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी डॉ. आरके सोनकर को 231 वोट से हराया। महामंत्री पद पर केजीके कालेज के डॉ. दानवीर सिंह यादव 286 वोट पाकर जीते। बरेली कॉलेज के शिक्षक डॉ. डीके सिंह और डॉ. नीरज राठौर ने कहा कि लोकतंत्र बहाल हुआ है। मतदान प्रणाली से पदाधिकारी चुने गए हैं। यह बहुत बड़ा ऐतिहासिक बदलाव है। इसको लेकर शिक्षकों में काफी खुशी है। चुनाव में काफी रोक-टोक के बावजूद बरेली कॉलेज के शिक्षकों ले काफी उत्साह से मतदान किया।
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कुल मतदान- 411
अध्यक्ष
एके रुस्तगी - 315
राजकुमार सोनकर 84
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महामंत्री
डॉ. दानवीर यादव 286
नीरज राठौर 122
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संगठन मंत्री कोषाध्यक्ष
डा. एके अग्रवाल 287
सीपी पांडे 110
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उपाध्यक्ष
डॉ. चारु मेहरोत्रा 292
डॉ. अभय मित्तल 261
डॉ. सोमपाल सिंह 260
डॉ. राकेश कुमार 248
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संयुक्त सचिव
डॉ. राका शर्मा 282
डॉ. भारती चौहान 253
डॉ. मोहसिन हसन खान 224
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प्रांतीय प्रतिनिधि
मनवीर सिंह 280
नवीश कुमार 241
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आठ सितंबर को होेंगे रूटा के चुनाव
रूटा के चुनाव आठ सितंबर को कराए जाएंगे। रूटा के पदाधिकारी भी अपनी तैयारियों में जुटे हुए हैं। रूटा पंजीकृत के चुनाव से पूर्व फुपुक्टा कार्यकारिणी की बैठक को लेकर काफी विवाद हुआ। फुपुक्टा महामंत्री के निर्णय के आगे किसी की नहीं चली। हालांकि इस चुनाव को टलवाने की कोशिशें भी हुईं। लेकिन, सारी कोशिशाें के बावजूद दोनों के संगठनों के चुनाव अलग अलग होंगे। आठ सितंबर को रूटा के चुनाव के बाद विवाद मान्यता को लेकर होगा। रूटा के महामंत्री डॉ. स्वदेश सिंह ने कहा कि यह चुनाव फुपुक्टा के नियमों के विपरीत हुआ है, क्योंकि राजकीय महाविद्यालयों के शिक्षक फुपुक्टा या रूटा किसी भी संगठन के सदस्य नहीं होते हैं। मतदान में शामिल लगभग पचास फीसदी शिक्षक राजकीय महाविद्यालयों के ही रहे।
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क्या था विवाद
रूटा के चुनाव 2007 में डीएसएम कालेज कांट में कराए गए थे। रूटा का कार्यकाल तीन वर्ष निर्धारित किया गया था। लेकिन, विभिन्न कारणों से चुनाव नहीं हुए। रूटा के पदाधिकारी चुनाव कराने को तैयार नहीं थे। इसके विरोध में नया संगठन खड़ा हो गया। रूटा पंजीकृत के बैनर तले शिक्षक रूटा के विरोध में आने लगे। इनकी मांग थी कि चुनाव डेलीगेशन पद्धति के बजाय प्रत्यक्ष पद्धति को अपनाया जाए। लेकिन रूटा पदाधिकारी इसके लिए तैयार नहीं थे। खींचतान और विरोध के बाद रूटा पंजीकृत ने अपने चुनाव की घोषणा कर दी। इसके तुरंत बाद रूटा ने भी चुनाव की तिथि घोषित कर दी। इसके बाद फुपुक्टा की ओर से शिक्षकों की एकता के लिए संगठनों का विवाद सुलझाने के लिए बैठक बुलाई। अंतिम फैसला फुपुक्टा कार्यकारिणी की बैठक में लिया जाना था। लेकिन उससे पहले ही फुपुक्टा महामंत्री ने रूटा पंजीकृत के 25 अगस्त हो होेने वाले चुनाव का मान्यता दे दी और पर्यवेक्षक तैनात कर दिए।
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मुरादाबाद मंडल का रहा जलवा
रूटा पंजीकृत के चुनाव में मुरादाबाद मंडल के शिक्षक ही सबसे ज्यादा पदों पर चुने गए हैं। इस तरह से देखें तो मुरादाबाद मंडल का चुनाव में जलवा रहा। बरेली कॉलेज से उपाध्यक्ष पद पर केवल डॉ. चारु मेहरोत्रा ही जगह बना पाई हैं, बाकी के पद मुरादाबाद मंडल की झोली में ही गए हैं।