मैं ससुराल नहीं जाऊंगी: दूल्हे पर पड़ी सहेलियों की नजर, फिर दुल्हन तक पहुंची ये बात, निकाह के बाद विदाई से किया इनकार
सुबह मेहर को लेकर टिप्पणी करने के लिए लड़के के पिता ने माफी मांगकर दुल्हन को विदा करने को कहा। पंचायत बैठाकर मसले को निपटाने की दिन भर कोशिश की, लेकिन अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला है।
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बरेली के नौबतियां गांव में दूल्हे के रंग के बारे में जानकर दुल्हन रूठ गई। निकाह के बाद विदाई का वक्त आया तो उसने ससुराल जाने से इनकार कर दिया। मेहर की रकम अदा करने को लेकर हुए विवाद को इसलिए इतना तूल दिया गया कि दुल्हन को दूल्हा ही पंसद नहीं था। शुक्रवार को दिन भर पंचायत चलती रही, लेकिन दुल्हन मानी ही नहीं।
थाना किला के नौबतिया गांव से बृहस्पतिवार शाम पांच बजे एक मांझा कारीगर की बारात स्वालेनगर पहुंची। मेहमानों के स्वागत के बाद दूल्हे के काले रंग को लेकर चर्चा होने लगी। सहेलियों ने यह बात दुल्हन को बताई तो वह परेशान हो गई। पहले तो निकाह के दौरान मेहर की रकम को लेकर काफी देर बहस होती रही।
किसी तरह से 25 हजार रुपये के मेहर तय होने पर निकाह भी हो गया, लेकिन दहेज का सामान ले जाते वक्त लड़के के पिता ने मेहर को लेकर टिप्पणी की तो विवाद खड़ा हो गया। बहाना मेहर का था और दुल्हन ने विदाई से इनकार कर दिया। दुल्हन के परिवार ने कहा कि उन्हें दूल्हा ही पंसद नहीं है। बड़े बुजुर्गों के समझाने के बावजूद बात नहीं बनी तो बरात को बिन दुल्हन ही वापस जाना पड़ा।
शुक्रवार की सुबह मेहर को लेकर टिप्पणी करने के लिए लड़के के पिता ने माफी मांगकर दुल्हन को विदा करने को कहा। सभासद अलीम मुल्तानी, अजीम सुल्तानी और फरहत आदि ने पंचायत बैठाकर मसले को निपटाने की दिन भर कोशिश की, लेकिन अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला है। शनिवार को फिर से इस मामले में बिरादरी के लोगों की पंचायत होगी।