{"_id":"120-58926","slug":"Bareilly-58926-120","type":"story","status":"publish","title_hn":"रूहेलखंड में अचानक सक्रिय हुई भगवा ब्रिगेड ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रूहेलखंड में अचानक सक्रिय हुई भगवा ब्रिगेड
Bareilly
Updated Wed, 16 Jan 2013 05:31 AM IST
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बरेली। बहेड़ी में शनिवार को हुए विवाद के बाद भगवा ब्रिगेड एकाएक सक्रिय हो गई है। दोनों पक्षों की ओर से कार्रवाई होने के बाद भी मंगलवार को दर्जन भर स्कूल-कॉलेज बंद कराए गए। संघ परिवार की ओर से तहसील मुख्यालयों पर प्रदर्शन हुए। उसके बड़े नेताओं ने डीएम, कमिश्नर और डीआईजी से मिलकर जेल में बंद छात्रों को दो दिनों में रिहा करने, मामले की न्यायिक जांच कराने और दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई करने की मांग की। इससे पहले बरेली कॉलेज के पश्चिमी गेट पर सभा की। मांगें न माने जाने पर 25 जनवरी को कलेक्ट्रेट घेराव, चक्का जाम और सामूहिक जेल भरो आंदोलन करने की घोषणा भी की गई।
भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को राष्ट्रीय सचिव संतोष गंगवार की अगुवाई में कमिश्नर और डीएम से मिला। उन्होंने बहेड़ी में स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर निकाली जा रही शोभायात्रा के दौरान पुलिस और सपा से जुड़े लोगों की अराजक गतिविधियों की शिकायत की। सभी के खिलाफ कार्रवाई करने, जेल में बंद एबीवीपी के छात्रों पर लगे मुकदमे वापस लेने और बहेड़ी थाने के पूरे स्टाफ को निलंबित करने की मांग भी की। प्रतिनिधिमंडल में विधायक डॉ. अरुण कुमार, पूर्व विधायक छत्रपाल सिंह, पूर्व मंत्री बहोरन लाल मौर्य, प्रांत सह संयोजक मनोज थपलियाल, जिलाध्यक्ष राजकुमार शर्मा, महानगर अध्यक्ष पुष्पेंदु शर्मा, डा. श्याम बिहारी लाल, डॉ. एमएल मौर्य और बरेली कॉलेज छात्र संघ अध्यक्ष जवाहर लाल भी शामिल थे।
दूसरी ओर डीआईजी के यहां ज्ञापन देने पहुंचे एबीवीपी कार्यकर्ताओं की पुलिस वालों से जबरदस्त नोकझोंक हुई। पुलिस वाले उन्हें आगे बढ़ने से रोक रहे थे। इससे भड़के छात्र पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वहीं धरने पर बैठ गए। डीआईजी से फौरन कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर ही वहां से हटे। धरने पर बैठने वालों में दुष्यंत गौड़, सुमित गुर्जर, अर्पित तिवारी, अभिषेक, अंशुमान पटेल, अभय आदि मौजूद रहे।
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आंदोलन के लिए बनाई जन संघर्र्ष समिति
बरेली। बहेड़ी कांड पर आंदोलन के लिए संघ परिवार ने जन संघर्ष समिति गठित की है। इसमें अभाविप के प्रदेश मंत्री दीपक ऋषि को संयोजक बनाया गया है। डॉ. हरिशंकर गंगवार और बरेली कॉलेज छात्र संघ अध्यक्ष जवाहर लाल को सह संयोजक बनाया गया है। बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय सचिव संतोष गंगवार, विधायक डॉ. अरुण कुमार, आरएसएस के धर्मपाल सिंह, गुलशन आनंद, शिव प्रताप सिंह रिंकू, अधीर सक्सेना, आदेश प्रताप सिंह समेत भाजपा और इससे जुड़े संगठनों के पदाधिकारी मौजूद थे।
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प्रमुख सचिव (गृह) से मिले राजेश अग्रवाल
बरेली। कैंट विधायक राजेश अग्रवाल मंगलवार को लखनऊ में बहेड़ी कांड को लेकर प्रमुख सचिव (गृह) और आईजी (लॉ एंड ऑर्डर) से मिले। उन्होंने पूरे ब्यौरे से उन्हें अवगत कराया। इस मामले में जिला प्रशासन के रवैये को पक्षपातपूर्ण बताया। संघ से जुड़े लोगों पर लादे गए फर्जी मुकदमे वापस लेने और दोषी पुलिसकर्र्मियों पर कठोर कार्र्यवाही करने का आग्रह किया।
माहौल तो नहीं बिगड़ेगा?
1. माहौल क्यों बिगड़ेगा? कौमी एकता के जज्बे में सभी रमे हैं। स्वामी विवेकानंद सार्द्धशती शोभायात्रा के दौरान बहेड़ी में हुए घटनाक्रम में प्रशासन की ओर से रही चूक से प्रशासनिक उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। वे भी इसे जान गये है और चूक को सुधारने का भरोसा दिया है। यह अमल में आते ही पूरे घटनाक्रम को लेकर उभरा जनाक्रोश स्वत: शांत हो जायेगा। -- संतोष गंगवार
2. बरेली में जब भी माहौल बिगड़ा है, उसके पीछे प्रशासनिक चूक रही है। बहेड़ी कांड में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने जिस तरह सत्ताधारी दल के निष्ठावान कार्यकर्त्ता की भूमिका निभाई है, वह नितांत गलत और निंदनीय है। इससे आम जन का आक्रोशित होना स्वाभाविक है। निर्दोष छात्रों सलाखों के पीछे ठूंसना और उन पर झूठे मुकदमे लादकर भविष्य बिगाड़ने के काम की जितनी निंदा की जाए, कम है। -- राजेश अग्रवाल, कैंट विधायक
3. बहेड़ी कांड में पुलिस - प्रशासन की भूमिका बेहद खराब रही। स्वामी विवेकानंद भारतीय युवाओं के लिए पूज्य हैं, आदर्श हैं और उनकी आस्था से जुड़े हैं। उन्हीं की 150वीं जयंती पर निकली शोभायात्रा में शामिल निरीह छात्रों पर हमला करने वालों और माहौल बिगाड़ने में अग्रणी भूमिका निभाने वाले पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। -- दिनेश कुमार, प्रांत प्रचारक, ब्रज प्रांत, आरएसएस।
होगी मजिस्ट्रेटी जांच,विवेचना एसआईएस करेगी
बरेली। बहेड़ी प्रकरण डीएम और एसएसपी ने कुछ महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। डीएम ने बताया कि पारदर्शिता बनाए रखने को पूरे प्रकरण की मजिस्ट्रेटी जांच का निर्णय लिया गया है। यह जांच एडीएम (ई) करेंगे। इसके अलावा दोनों पक्षों की ओर से दर्ज कुल चार मुकदमों की विवेचना ट्रांसफर करने का निर्णय लिया गया। एसएसपी ने तय किया है कि चारों ही मुकदमों की जांच विशेष जांच प्रकोष्ठ (एसआईएस) करेगी।
ये था पूरा मामला
शनिवार को बहेड़ी में स्वामी विवेकानंद जयंती पर शोभायात्रा निकली थी। शोभायात्रा के दौरान सिंह गौंटिया के पास समाजवादी छात्रसभा के अध्यक्ष बालमुकुं द और गन्ना उत्पादक महविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष गजेंद्र के बीच कहासुनी हो गई थी। उस वक्त बीच-बचाव कर दिया गया। लेकिन बाद में संघ कार्यालय पर दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई। आरोप है कि बीच-बचाव को पहुंचे पुलिस कर्मियों के साथ भी मारपीट की गई। घटना के ही दिन बालमुकुंद की तरफ से पूर्व विधायक छत्रपाल सिंह समेत आठ लोगों के खिलाफ कई संगीन धाराओं में मुकदमा कायम किया गया था। इन लोगों के खिलाफ चौकी इंचार्ज की तरफ से पुलिस पार्टी पर हमले के आरोप में भी एक मुकदमा कायम हुआ। पूर्व विधायक को हिरासत में लिए जाने से गुस्साए कुछ युवकों ने शनिवार की रात थाने पर पथराव किया था। पुलिस ने इस मामले में भी पांच लोगों को नामजद करते हुए काफी अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा कायम कर लिया था। हालांकि रात में ही पूर्व विधायक को छोड़ दिया गया। अगले दिन थाना बहेड़ी में संघ परिवार की ओर से दी गई तहरीर पर भी मुकदमा कायम हो गया। इस मामले में तीन पुलिसकर्मियों को भी आरोपी बनाया गया है। कहा गया है कि यह लोग सादा कपड़ों में बालमुकुंद के साथ संघ कार्यालय में घुसे थे।
फोटो - अता उर रहमान
मेन हैडिंग ---
गुंडई पर उतारू है संघी कुनबा : अताउर
सब हैडिंग ---
प्रेस कांफ्रेंस में कहा, कभी सच नहीं बोले भाजपाई
बरेली।
बहेड़ी के विधायक और सपा के राष्ट्रीय सचिव अताउर रहमान ने सर्किट हाउस में आज एक प्रेस कांफ्रेंस बुला कर कहा कि जिले में भाजपाई कानून को न मानने पर आमादा हैं। खुद ही दूसरों पर हमला बोलते हैं और फिर आरोप मढ़ देते हैं। एक नहीं कई मामलों में ऐसा हो चुका है। लेकिन अब हम चुप नहीं बैठेंगे। अफसरों से कह दिया है कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बहेड़ी में जब स्वामी विवेकानंद शोभायात्रा निकल रही थी, उस समय सछास नेता बालमुकुंद गंगवार भी रास्ते में खड़े थे। पूर्व विधायक छत्रपाल गंगवार ने उन्हें शोभायात्रा में शामिल होने को कहा, लेकिन बालमुकुंद ने भाजपा के कार्यक्रम में शामिल होने से इनकार कर दिया। इसी बीच शोभायात्रा में शामिल कुछ लोग बालमुकुंद पर भद्दी टिप्पणी करते हुए उससे भिड़ गए।
इस बारे में पुलिस को तहरीर देने जब बालमुकुंद जा रहे थे, तो भाजपाइयों ने उन्हें पकड़ लिया और आरएसएस दफ्तर में ले गए हैं। वहां बालमुकुंद को बुरी तरह से पीटा गया। विधायक अताउर रहमान ने कहा कि उनके फोन करने पर पुलिस आरएसएस दफ्तर पहुंची तो पूर्व विधायक छत्रपाल ने सिपाही तक को पीट दिया। पूरे मामले में भाजपाई दोषी हैं और उल्टा सपाइयों पर आरोप लगा रहे हैं। अताउर रहमान ने कहा कि भाजपाइयों की पुरानी आदत है, उन पर जो आरोप बनता है, उसे अपने विरोधियों पर मढ़ देते हैं। कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए वे यह हथकंडा अपनाते हैं। उन्होंने कहा कि बहेड़ी में भाजपाई गुंडई पर उतारू हैं और आरएसएस उन्हें संरक्षण दे रहा है। लेकिन अब इस स्थिति को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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प्रदेश का माहौल बिगाड़ रही है सपा: डा.बाजपेयी
लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने सपा सरकार पर आरोप लगाया है कि वह प्रदेश का माहौल बिगाड़ रही है। डॉ. वाजपेयी ने कहा कि बहेड़ी में सपा नेताओं ने स्वामी विवेकानंद की जयंती में व्यवधान पैदा किया, जिससे वहां तनाव पैदा हो गया।
उन्होंने कहा कि सरकार के इशारे पर बहेड़ी में भाजपा के पूर्व विधायक छत्रपाल गंगवार और विद्यार्थी परिषद के छात्र नेताओं को गिरफ्तार किया गया। पूर्व विधायक को तो निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया, लेकिन छात्र नेताओं पर फर्जी मुकदमे लगाकर जेल भेज दिया गया। दोषी सपा नेता के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। घटना के विरोध में बहेड़ी बंद रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा नेता बालमुकुंद के साथ सादी वर्दी में पुलिस वाले आरएसएस कार्यालय में घुसे और स्वामी विवेकानंद के पोस्टर जला दिए। स्वामी विवेकानंद का सम्मान तो विदेशों में भी होता है, उनके बैनर-पोस्टर फाड़ना पीड़ादायक है। सपा नेताओं को इसके लिए देश से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि छात्र नेताओं पर दर्ज फर्जी मुकदमे वापस कर उन्हें तत्काल रिहा किया जाए, वरना इसके गंभीर परिणाम होंगे। जिसकेलिए सरकार जिम्मेदार होगी।
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भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को राष्ट्रीय सचिव संतोष गंगवार की अगुवाई में कमिश्नर और डीएम से मिला। उन्होंने बहेड़ी में स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर निकाली जा रही शोभायात्रा के दौरान पुलिस और सपा से जुड़े लोगों की अराजक गतिविधियों की शिकायत की। सभी के खिलाफ कार्रवाई करने, जेल में बंद एबीवीपी के छात्रों पर लगे मुकदमे वापस लेने और बहेड़ी थाने के पूरे स्टाफ को निलंबित करने की मांग भी की। प्रतिनिधिमंडल में विधायक डॉ. अरुण कुमार, पूर्व विधायक छत्रपाल सिंह, पूर्व मंत्री बहोरन लाल मौर्य, प्रांत सह संयोजक मनोज थपलियाल, जिलाध्यक्ष राजकुमार शर्मा, महानगर अध्यक्ष पुष्पेंदु शर्मा, डा. श्याम बिहारी लाल, डॉ. एमएल मौर्य और बरेली कॉलेज छात्र संघ अध्यक्ष जवाहर लाल भी शामिल थे।
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दूसरी ओर डीआईजी के यहां ज्ञापन देने पहुंचे एबीवीपी कार्यकर्ताओं की पुलिस वालों से जबरदस्त नोकझोंक हुई। पुलिस वाले उन्हें आगे बढ़ने से रोक रहे थे। इससे भड़के छात्र पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वहीं धरने पर बैठ गए। डीआईजी से फौरन कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर ही वहां से हटे। धरने पर बैठने वालों में दुष्यंत गौड़, सुमित गुर्जर, अर्पित तिवारी, अभिषेक, अंशुमान पटेल, अभय आदि मौजूद रहे।
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आंदोलन के लिए बनाई जन संघर्र्ष समिति
बरेली। बहेड़ी कांड पर आंदोलन के लिए संघ परिवार ने जन संघर्ष समिति गठित की है। इसमें अभाविप के प्रदेश मंत्री दीपक ऋषि को संयोजक बनाया गया है। डॉ. हरिशंकर गंगवार और बरेली कॉलेज छात्र संघ अध्यक्ष जवाहर लाल को सह संयोजक बनाया गया है। बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय सचिव संतोष गंगवार, विधायक डॉ. अरुण कुमार, आरएसएस के धर्मपाल सिंह, गुलशन आनंद, शिव प्रताप सिंह रिंकू, अधीर सक्सेना, आदेश प्रताप सिंह समेत भाजपा और इससे जुड़े संगठनों के पदाधिकारी मौजूद थे।
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प्रमुख सचिव (गृह) से मिले राजेश अग्रवाल
बरेली। कैंट विधायक राजेश अग्रवाल मंगलवार को लखनऊ में बहेड़ी कांड को लेकर प्रमुख सचिव (गृह) और आईजी (लॉ एंड ऑर्डर) से मिले। उन्होंने पूरे ब्यौरे से उन्हें अवगत कराया। इस मामले में जिला प्रशासन के रवैये को पक्षपातपूर्ण बताया। संघ से जुड़े लोगों पर लादे गए फर्जी मुकदमे वापस लेने और दोषी पुलिसकर्र्मियों पर कठोर कार्र्यवाही करने का आग्रह किया।
माहौल तो नहीं बिगड़ेगा?
1. माहौल क्यों बिगड़ेगा? कौमी एकता के जज्बे में सभी रमे हैं। स्वामी विवेकानंद सार्द्धशती शोभायात्रा के दौरान बहेड़ी में हुए घटनाक्रम में प्रशासन की ओर से रही चूक से प्रशासनिक उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। वे भी इसे जान गये है और चूक को सुधारने का भरोसा दिया है। यह अमल में आते ही पूरे घटनाक्रम को लेकर उभरा जनाक्रोश स्वत: शांत हो जायेगा। -- संतोष गंगवार
2. बरेली में जब भी माहौल बिगड़ा है, उसके पीछे प्रशासनिक चूक रही है। बहेड़ी कांड में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने जिस तरह सत्ताधारी दल के निष्ठावान कार्यकर्त्ता की भूमिका निभाई है, वह नितांत गलत और निंदनीय है। इससे आम जन का आक्रोशित होना स्वाभाविक है। निर्दोष छात्रों सलाखों के पीछे ठूंसना और उन पर झूठे मुकदमे लादकर भविष्य बिगाड़ने के काम की जितनी निंदा की जाए, कम है। -- राजेश अग्रवाल, कैंट विधायक
3. बहेड़ी कांड में पुलिस - प्रशासन की भूमिका बेहद खराब रही। स्वामी विवेकानंद भारतीय युवाओं के लिए पूज्य हैं, आदर्श हैं और उनकी आस्था से जुड़े हैं। उन्हीं की 150वीं जयंती पर निकली शोभायात्रा में शामिल निरीह छात्रों पर हमला करने वालों और माहौल बिगाड़ने में अग्रणी भूमिका निभाने वाले पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। -- दिनेश कुमार, प्रांत प्रचारक, ब्रज प्रांत, आरएसएस।
होगी मजिस्ट्रेटी जांच,विवेचना एसआईएस करेगी
बरेली। बहेड़ी प्रकरण डीएम और एसएसपी ने कुछ महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। डीएम ने बताया कि पारदर्शिता बनाए रखने को पूरे प्रकरण की मजिस्ट्रेटी जांच का निर्णय लिया गया है। यह जांच एडीएम (ई) करेंगे। इसके अलावा दोनों पक्षों की ओर से दर्ज कुल चार मुकदमों की विवेचना ट्रांसफर करने का निर्णय लिया गया। एसएसपी ने तय किया है कि चारों ही मुकदमों की जांच विशेष जांच प्रकोष्ठ (एसआईएस) करेगी।
ये था पूरा मामला
शनिवार को बहेड़ी में स्वामी विवेकानंद जयंती पर शोभायात्रा निकली थी। शोभायात्रा के दौरान सिंह गौंटिया के पास समाजवादी छात्रसभा के अध्यक्ष बालमुकुं द और गन्ना उत्पादक महविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष गजेंद्र के बीच कहासुनी हो गई थी। उस वक्त बीच-बचाव कर दिया गया। लेकिन बाद में संघ कार्यालय पर दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई। आरोप है कि बीच-बचाव को पहुंचे पुलिस कर्मियों के साथ भी मारपीट की गई। घटना के ही दिन बालमुकुंद की तरफ से पूर्व विधायक छत्रपाल सिंह समेत आठ लोगों के खिलाफ कई संगीन धाराओं में मुकदमा कायम किया गया था। इन लोगों के खिलाफ चौकी इंचार्ज की तरफ से पुलिस पार्टी पर हमले के आरोप में भी एक मुकदमा कायम हुआ। पूर्व विधायक को हिरासत में लिए जाने से गुस्साए कुछ युवकों ने शनिवार की रात थाने पर पथराव किया था। पुलिस ने इस मामले में भी पांच लोगों को नामजद करते हुए काफी अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा कायम कर लिया था। हालांकि रात में ही पूर्व विधायक को छोड़ दिया गया। अगले दिन थाना बहेड़ी में संघ परिवार की ओर से दी गई तहरीर पर भी मुकदमा कायम हो गया। इस मामले में तीन पुलिसकर्मियों को भी आरोपी बनाया गया है। कहा गया है कि यह लोग सादा कपड़ों में बालमुकुंद के साथ संघ कार्यालय में घुसे थे।
फोटो - अता उर रहमान
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गुंडई पर उतारू है संघी कुनबा : अताउर
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प्रेस कांफ्रेंस में कहा, कभी सच नहीं बोले भाजपाई
बरेली।
बहेड़ी के विधायक और सपा के राष्ट्रीय सचिव अताउर रहमान ने सर्किट हाउस में आज एक प्रेस कांफ्रेंस बुला कर कहा कि जिले में भाजपाई कानून को न मानने पर आमादा हैं। खुद ही दूसरों पर हमला बोलते हैं और फिर आरोप मढ़ देते हैं। एक नहीं कई मामलों में ऐसा हो चुका है। लेकिन अब हम चुप नहीं बैठेंगे। अफसरों से कह दिया है कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बहेड़ी में जब स्वामी विवेकानंद शोभायात्रा निकल रही थी, उस समय सछास नेता बालमुकुंद गंगवार भी रास्ते में खड़े थे। पूर्व विधायक छत्रपाल गंगवार ने उन्हें शोभायात्रा में शामिल होने को कहा, लेकिन बालमुकुंद ने भाजपा के कार्यक्रम में शामिल होने से इनकार कर दिया। इसी बीच शोभायात्रा में शामिल कुछ लोग बालमुकुंद पर भद्दी टिप्पणी करते हुए उससे भिड़ गए।
इस बारे में पुलिस को तहरीर देने जब बालमुकुंद जा रहे थे, तो भाजपाइयों ने उन्हें पकड़ लिया और आरएसएस दफ्तर में ले गए हैं। वहां बालमुकुंद को बुरी तरह से पीटा गया। विधायक अताउर रहमान ने कहा कि उनके फोन करने पर पुलिस आरएसएस दफ्तर पहुंची तो पूर्व विधायक छत्रपाल ने सिपाही तक को पीट दिया। पूरे मामले में भाजपाई दोषी हैं और उल्टा सपाइयों पर आरोप लगा रहे हैं। अताउर रहमान ने कहा कि भाजपाइयों की पुरानी आदत है, उन पर जो आरोप बनता है, उसे अपने विरोधियों पर मढ़ देते हैं। कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए वे यह हथकंडा अपनाते हैं। उन्होंने कहा कि बहेड़ी में भाजपाई गुंडई पर उतारू हैं और आरएसएस उन्हें संरक्षण दे रहा है। लेकिन अब इस स्थिति को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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प्रदेश का माहौल बिगाड़ रही है सपा: डा.बाजपेयी
लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने सपा सरकार पर आरोप लगाया है कि वह प्रदेश का माहौल बिगाड़ रही है। डॉ. वाजपेयी ने कहा कि बहेड़ी में सपा नेताओं ने स्वामी विवेकानंद की जयंती में व्यवधान पैदा किया, जिससे वहां तनाव पैदा हो गया।
उन्होंने कहा कि सरकार के इशारे पर बहेड़ी में भाजपा के पूर्व विधायक छत्रपाल गंगवार और विद्यार्थी परिषद के छात्र नेताओं को गिरफ्तार किया गया। पूर्व विधायक को तो निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया, लेकिन छात्र नेताओं पर फर्जी मुकदमे लगाकर जेल भेज दिया गया। दोषी सपा नेता के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। घटना के विरोध में बहेड़ी बंद रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा नेता बालमुकुंद के साथ सादी वर्दी में पुलिस वाले आरएसएस कार्यालय में घुसे और स्वामी विवेकानंद के पोस्टर जला दिए। स्वामी विवेकानंद का सम्मान तो विदेशों में भी होता है, उनके बैनर-पोस्टर फाड़ना पीड़ादायक है। सपा नेताओं को इसके लिए देश से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि छात्र नेताओं पर दर्ज फर्जी मुकदमे वापस कर उन्हें तत्काल रिहा किया जाए, वरना इसके गंभीर परिणाम होंगे। जिसकेलिए सरकार जिम्मेदार होगी।