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बाकरगंज ईदगाह के गड्ढे में कूड़ा डालना गुनाह
Bareilly
Updated Mon, 24 Dec 2012 05:31 AM IST
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बरेली। बाकरगंज ईदगाह के गड्ढे में कूड़ा डालना नाजायज है। ऐसा करने वाले गुनाह में शामिल हो रहे हैं। यह फतवा जारी किया है मरकजी दारुल इफ्ता (दरगाह आला हजरत) के मुफ्ती मोहम्मद कौसर अली रजवी ने। इसके अलावा कूड़े में कुरान के औराक (पन्ने और अल्फाज) डालने और जानवरों को दरगाह के मैदान में टहलाने वाले भी गुनहगार हैं। ऐसे सभी लोगों को इससे तौबा करनी होगी।
मुफ्ती ने फाजिले बरेलवी आला हजरत के फतवा रजबिया का हवाला देते हुए बताया कि ईदगाह एक जमीन है, जो मुसलमानों ने नमाजे ईद के लिए खास की। इमाम ताजुस शरिया ने फरमाया कि सही यह है कि वह मस्जिद है, उस पर तमाम अहकाम अहकामे मस्जिद है। इसलिए ईदगाह के पास गड्ढे में कूड़ा डालना, जानवर टहलने के लिए छोड़ देना नाजायज और गुनाह है। बहारे शरीयत ने हवाले से बताया गया कि यदि कुरान तिलावत के लायक न रहे और यह अंदेशा हो कि उसके औराक बिखर सकते हैं तो किसी पाक कपड़े में लपेटकर एहतियात की जगह दफन करें। दफन करने के लिए क ब्र बनाई जाए। कब्र में तख्ते भी लगाएं, जिससे मिट्टी कपड़े में लिपटे कुरान के औराक पर न पड़े। कुरान शरीक के बोसीदा होने पर उसे जलाया नहीं जाए। फतवे में इस तरह की हरकत से बाज आने को कहा गया है।
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मुफ्ती ने फाजिले बरेलवी आला हजरत के फतवा रजबिया का हवाला देते हुए बताया कि ईदगाह एक जमीन है, जो मुसलमानों ने नमाजे ईद के लिए खास की। इमाम ताजुस शरिया ने फरमाया कि सही यह है कि वह मस्जिद है, उस पर तमाम अहकाम अहकामे मस्जिद है। इसलिए ईदगाह के पास गड्ढे में कूड़ा डालना, जानवर टहलने के लिए छोड़ देना नाजायज और गुनाह है। बहारे शरीयत ने हवाले से बताया गया कि यदि कुरान तिलावत के लायक न रहे और यह अंदेशा हो कि उसके औराक बिखर सकते हैं तो किसी पाक कपड़े में लपेटकर एहतियात की जगह दफन करें। दफन करने के लिए क ब्र बनाई जाए। कब्र में तख्ते भी लगाएं, जिससे मिट्टी कपड़े में लिपटे कुरान के औराक पर न पड़े। कुरान शरीक के बोसीदा होने पर उसे जलाया नहीं जाए। फतवे में इस तरह की हरकत से बाज आने को कहा गया है।
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