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वकीलों ने अदालतों में तोड़फोड़ की, हंगामा
Bareilly
Updated Thu, 22 Nov 2012 12:00 PM IST
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बरेली। मकान पर जबरन कब्जे की कोशिश और जानलेवा हमले के आरोप में जेल में बंद फौजदारी के वरिष्ठ अधिवक्ता निर्मल सिंह ग्रेवाल की जमानत अर्जी बुधवार को सत्र न्यायाधीश मुख्तार अहमद ने खारिज कर दी। इससे वकीलों में गुस्सा फैल गया। उन्होंने अदालतों में काम का बहिष्कार कर अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी और फिर अदालतों में पहुंचकर हंगामा करते हुए तोड़फोड़ भी की। इसके बाद शाम तक वकील जजी के गेट पर धरने पर बैठे रहे।
निर्मल सिंह ग्रेवाल की जमानत अर्जी पर सत्र न्यायाधीश की अदालत में मंगलवार को सुनवाई हुई थी और इसके बाद अदालत ने आदेश को सुरक्षित रख लिया था। बुधवार को अदालत ने जमानत अर्जी खारिज कर दी। इससे वकीलों में गुस्सा फैल गया। दोपहर तीन बजे बार भवन में बैठक कर वकीलों ने कहा कि पहले जमानत अर्जी मंजूर होने की बात थी। बैठक में वकीलों ने आम सहमति से अदालतों में कामकाज न करने और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला किया। गुस्साए वकील समूह बनाकर अदालतों में पहुंच गए और वहां जमकर हंगामा करते हुए तोड़फोड़ भी की। इसके बाद वे जिला जज के विरोध में जजी के गेट पर धरने पर बैठ गए।
इस घटनाक्रम की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसएसपी खुद जजी परिसर पहुंचे और फिर वहां भारी तादाद में पुलिस फोर्स तैनात कर दिया। जजी गेट पर वकील चार से साढ़े पांच बजे तक धरने पर बैठे रहे। इसके बाद बार अध्यक्ष राधाकमल सारस्वत, पूर्व अध्यक्ष घनश्याम शर्मा और सचिव अमर भारती उन्हें समझाबुझाकर बार भवन ले गए। वकीलों ने फैसला किया कि वे इस मामले में उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति, चेयरमैन बार कौंसिल ऑफ यूपी और चेयरमैन बार कौंसिल ऑफ इंडिया से करेंगे।
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- मुझे बार एसोसिएशन का प्रत्यावेदन मिल गया है। इसे मैं बार कौंसिल ऑफ यूपी के चेयरमैन को पहुंचा दूंगा। मैं मौके पर तो नही था, लेकिन पांच बजे जब मैं कचहरी पहुंचा तो मुझे निर्मल सिंह ग्रेवाल के मामले में हुई ज्यादती की जानकारी हुई। मैं इसकी कड़े शब्दों में भर्त्सना करता हूं। - शिरीष मेहरोत्रा सदस्य बार कौंसिल ऑफ यूपी
- कल कलमबंद हड़ताल रहेगी। उसके बाद तीन बजे बार भवन में वकीलों की आम सभा बुलाई गई है, जिसमें आग की रणनीति तय की जाएगी। -अमर भारती, सचिव बार एसोसिएशन
यह था मामला
बीसलपुर नगर पालिका के चेयरमैन छेदालाल जायसवाल के बेटे नितिन जायसवाल ने निर्मल सिंह ग्रेवाल और उनके दोनों बेटों के खिलाफ 21 अक्तूबर को कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने कि वह नर्मल सिंह ग्रेवाल से एक मकान खरीदा था और उसी में रह रहे थे। निर्मल सिंह और उनके दोनों बेटों ने इस मकान को खाली कराने के लिए हमला कर असलहों से फायर किए। फायरिंग में उनके भाई सचिन जायसवाल समेत चार लोग घायल हो गए।
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निर्मल सिंह ग्रेवाल की जमानत अर्जी पर सत्र न्यायाधीश की अदालत में मंगलवार को सुनवाई हुई थी और इसके बाद अदालत ने आदेश को सुरक्षित रख लिया था। बुधवार को अदालत ने जमानत अर्जी खारिज कर दी। इससे वकीलों में गुस्सा फैल गया। दोपहर तीन बजे बार भवन में बैठक कर वकीलों ने कहा कि पहले जमानत अर्जी मंजूर होने की बात थी। बैठक में वकीलों ने आम सहमति से अदालतों में कामकाज न करने और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला किया। गुस्साए वकील समूह बनाकर अदालतों में पहुंच गए और वहां जमकर हंगामा करते हुए तोड़फोड़ भी की। इसके बाद वे जिला जज के विरोध में जजी के गेट पर धरने पर बैठ गए।
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इस घटनाक्रम की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसएसपी खुद जजी परिसर पहुंचे और फिर वहां भारी तादाद में पुलिस फोर्स तैनात कर दिया। जजी गेट पर वकील चार से साढ़े पांच बजे तक धरने पर बैठे रहे। इसके बाद बार अध्यक्ष राधाकमल सारस्वत, पूर्व अध्यक्ष घनश्याम शर्मा और सचिव अमर भारती उन्हें समझाबुझाकर बार भवन ले गए। वकीलों ने फैसला किया कि वे इस मामले में उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति, चेयरमैन बार कौंसिल ऑफ यूपी और चेयरमैन बार कौंसिल ऑफ इंडिया से करेंगे।
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- मुझे बार एसोसिएशन का प्रत्यावेदन मिल गया है। इसे मैं बार कौंसिल ऑफ यूपी के चेयरमैन को पहुंचा दूंगा। मैं मौके पर तो नही था, लेकिन पांच बजे जब मैं कचहरी पहुंचा तो मुझे निर्मल सिंह ग्रेवाल के मामले में हुई ज्यादती की जानकारी हुई। मैं इसकी कड़े शब्दों में भर्त्सना करता हूं। - शिरीष मेहरोत्रा सदस्य बार कौंसिल ऑफ यूपी
- कल कलमबंद हड़ताल रहेगी। उसके बाद तीन बजे बार भवन में वकीलों की आम सभा बुलाई गई है, जिसमें आग की रणनीति तय की जाएगी। -अमर भारती, सचिव बार एसोसिएशन
यह था मामला
बीसलपुर नगर पालिका के चेयरमैन छेदालाल जायसवाल के बेटे नितिन जायसवाल ने निर्मल सिंह ग्रेवाल और उनके दोनों बेटों के खिलाफ 21 अक्तूबर को कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने कि वह नर्मल सिंह ग्रेवाल से एक मकान खरीदा था और उसी में रह रहे थे। निर्मल सिंह और उनके दोनों बेटों ने इस मकान को खाली कराने के लिए हमला कर असलहों से फायर किए। फायरिंग में उनके भाई सचिन जायसवाल समेत चार लोग घायल हो गए।