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आग से झुलसी तीन किशोरियों की मौत
Bareilly
Updated Fri, 11 May 2012 12:00 PM IST
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शादी के घर में गैस सिलेंडर फटने से हुआ था हादसा
बिथरी चैनपुर। गांव रामचंद्रपुर में सप्ताह भर पहले गैस सिलेंडर फटने से झुलसी तीन किशोरियों ने बृहस्पतिवार को दम तोड़ दिया। तीनों चचेरी-चहेरी बहनें थीं। एक के बाद एक तीन मौतों की खबर ने न सिर्फ परिवार बल्कि गांव के लोगों को भी हिला दिया। डेढ़ साल की एक और बच्ची की हालत नाजुक है।
घटना दो मई को हुई थी। भगवान देई की बेटी सोमवती की 30 अप्रैल को शादी हुई थी, लेकिन शादी के मौके पर आए कई रिश्तेदार उनके घर पर ही थे। दोपहर के वक्त घर के बरामदे में चूल्हे पर खाना बनाया जा रहा था। इसी दौरान पास ही रखे पांच किलोग्राम के गैस सिलेंडर ने आग पकड़ ली। जब तक पास बैठे लोग संभल पाते, सिलेंडर जोरदार धमाके के साथ फट गया। इस घटना में भगवान देई के अलावा उनकी तेरह वर्षीय बेटी भूरी, आठ वर्षीय ममता, भूपराम की 15 वर्षीय बेटी सरस्वती, फतेहगंज पश्चिमी के गांव रहपुरा के नारायनदास की 14 वर्षीय बेटी रजनी, आठ महीने का बेटा गौतम, डेढ़ साल की बेटी नीतू, आंवला के गांव रमपुरा के जयपाल की 16 वर्षीय बेटी रूपवती, छेदालाल की 14 वर्षीय बेटी पूनम और कल्यानपुर गांव के रहने वाले बुजुर्ग रामसनेही बुरी तरह झुलस गए थे। इन सभी लोगों को शहर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन बाद में पूनम को छोड़कर बाकी सभी के परिजन उन्हें घर ले गए। बृहस्पतिवार दोपहर पूनम ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। इसके कुछ ही देर बाद घर पर ही इलाज करा रही भूरी और रजनी की भी मौत हो गई। डेढ़ वर्षीय नीतू की भी हालत नाजुक है।
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बिथरी चैनपुर। गांव रामचंद्रपुर में सप्ताह भर पहले गैस सिलेंडर फटने से झुलसी तीन किशोरियों ने बृहस्पतिवार को दम तोड़ दिया। तीनों चचेरी-चहेरी बहनें थीं। एक के बाद एक तीन मौतों की खबर ने न सिर्फ परिवार बल्कि गांव के लोगों को भी हिला दिया। डेढ़ साल की एक और बच्ची की हालत नाजुक है।
घटना दो मई को हुई थी। भगवान देई की बेटी सोमवती की 30 अप्रैल को शादी हुई थी, लेकिन शादी के मौके पर आए कई रिश्तेदार उनके घर पर ही थे। दोपहर के वक्त घर के बरामदे में चूल्हे पर खाना बनाया जा रहा था। इसी दौरान पास ही रखे पांच किलोग्राम के गैस सिलेंडर ने आग पकड़ ली। जब तक पास बैठे लोग संभल पाते, सिलेंडर जोरदार धमाके के साथ फट गया। इस घटना में भगवान देई के अलावा उनकी तेरह वर्षीय बेटी भूरी, आठ वर्षीय ममता, भूपराम की 15 वर्षीय बेटी सरस्वती, फतेहगंज पश्चिमी के गांव रहपुरा के नारायनदास की 14 वर्षीय बेटी रजनी, आठ महीने का बेटा गौतम, डेढ़ साल की बेटी नीतू, आंवला के गांव रमपुरा के जयपाल की 16 वर्षीय बेटी रूपवती, छेदालाल की 14 वर्षीय बेटी पूनम और कल्यानपुर गांव के रहने वाले बुजुर्ग रामसनेही बुरी तरह झुलस गए थे। इन सभी लोगों को शहर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन बाद में पूनम को छोड़कर बाकी सभी के परिजन उन्हें घर ले गए। बृहस्पतिवार दोपहर पूनम ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। इसके कुछ ही देर बाद घर पर ही इलाज करा रही भूरी और रजनी की भी मौत हो गई। डेढ़ वर्षीय नीतू की भी हालत नाजुक है।
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