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असली लड़ाई तो 200 गज जमीन की है

Mon, 18 Aug 2014 05:30 AM IST
Bareilly
Bareilly Updated Mon, 18 Aug 2014 05:30 AM IST
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बरेली। किला के लीची बाग में मूर्ति तोड़कर बवाल करने के पीछे असल वजह धर्म स्थल के लिए 200 गज जमीन लेने की है। एक खुफिया एजेंसी ने छानबीन करने के बाद यह रिपोर्ट शासन को भेजी है।
खुफिया विभाग के सूत्रों के मुताबिक यहां महेश मल्होत्रा के परिवार वालों ने देवस्थान के लिए एक सप्ताह पहले जमीन छोड़ दी थी। यह परिवार यहीं पर मजार के लिए भी जमीन का कुछ हिस्सा दे चुका है। मजार को यह कहकर जमीन दी गई कि यहां उनके बुजुर्गों का आना-जाना था। मोहल्ले के कुछ लोगों की मंशा मंदिर के लिए दो सौ गज जमीन महेश के परिवार से लेने की है। इस जमीन की कीमत 30 से 40 लाख रुपये हैं। महेश इसके लिए बिल्कुल राजी नहीं है। खुफिया विभाग की टीम घटना के बाद छानबीन करने पहुंची तो यह बात सामने आई है।
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जमीन मालिक और पुलिस ने लिखाए मुकदमे

सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप
महेश बोले, मंदिर से बाहरी लोगों का लेना-देना नहीं

बरेली। शनिवार को मूर्ति तोड़ने के बाद हुए बवाल के मामले में लीची बाग के मालिक महेश मल्होत्रा और इंस्पेक्टर किला ने अलग-अलग दो मुकदमे दर्ज कराए हैं। किला पुलिस ने इसके बाद आरोपियों की शिनाख्त कराने की कवायद भी शुरू कर दी है।
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सिविल लाइंस निवासी महेश मल्होत्रा ने 100-150 लोगों के खिलाफ मुकदमा लिखाया है। इसमें कहा है कि मंदिर उनकी निजी संपत्ति है। उनके आवासीय इलाके में घुसकर शिव की मूर्ति तोड़ दी गई। इसके बाद उनके आवास में घुसकर नारेबाजी की गई। उत्तेजक बातें कहकर धार्मिक उन्माद फैलाने की कोशिश की गई जबकि मंदिर से किसी बाहरी व्यक्ति का कोई लेना देना नहीं है। 25-30 साल पहले उन्होंने यहां मूर्ति स्थापित करके छोटा सा मंदिर बनाया था। महेश ने मूर्ति तोड़ने वालों को चिहिन्त करके कार्रवाई करने की मांग की है। यह भी कहा कि घटना के बाद उनके आवास में बवाल करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।

इंस्पेक्टर किला विद्याराम दिवाकर की तरफ से डेढ़ सौ लोगों के खिलाफ मुकदमा लिखा गया है। इसमें आरोप है कि लीची बाग में मूर्ति तोड़ने से आक्रोशित भीड़ में शामिल लोगों ने हाईवे जाम कर दिया। आने-जाने वाले लोगों से अभद्रता की। डिवाइडर तोड़कर सड़क पर पत्थर फेंके । इससे राजकीय संपत्ति का नुकसान हुआ है।
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