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Bareilly News: अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से 9.50 करोड़ लोन लेकर 982 लोग लापता
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बरेली। जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से जिले के 982 लोग 9.50 करोड़ रुपये लोन लेकर लापता हो गए हैं। इन सभी को लोन लिए 20 से 30 साल हो चुके हैं। इस अवधि में विभाग के अधिकारी लोन की धनराशि नहीं वसूल पाए हैं। वर्षों बाद विभाग ने लोन दी गई धनराशि वसूलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने टॉप टेन बकाएदारों की सूची जारी की है। टॉप टेन बकाएदार एक करोड़ से अधिक की धनराशि दबाए बैठे हैं। उनको 15 दिन के भीतर बकाया जमा करने का नोटिस दिया गया है।
अल्पसंख्यक वर्ग के शिक्षित युवाओं को स्वरोजगार करने के लिए प्रदेश सरकार ने 1995 में ऋण देने की योजना शुरू की थी। स्वरोजगार के लिए टर्म लोन योजना 2007 तक चली। उस समय योजना का लाभ लेने के लिए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के पास हजारों आवेदन आए थे। उसमें से जिले के 982 लोगों को लोन दिया गया। लोन लेने के बाद उन लोगों ने स्वरोजगार शुरू किया या नहीं। इसकी जानकारी विभाग के पास नहीं है। लोन लेने के बाद विभाग ने वसूली की सुध नहीं ली। लेने वालों ने भी जमा नहीं किया।
लोन जमा न होने के कारण 18 साल पहले योजना बंद कर दी गई थी। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अंजना सिरोही ने बताया कि अल्पसंख्यक वित्तीय एवं विकास निगम की ओर से लोन दिया गया था। अब वह धनराशि मूलधन एवं ब्याज के रूप में 9.50 करोड़ रुपये हो गई है। इसमें से टॉप 10 लोगों के पास 1.31 करोड़ रुपये बकाया है। उन्होंने बताया कि ऐसे बकाएदार से 15 दिनों के भीतर विभाग में आकर धनराशि जमा करने को कहा गया है। निर्धारित अवधि में धनराशि जमा न करने पर संबंधित के खिलाफ आरसी जारी की जाएगी। साथ ही भू-राजस्व अधिनियम के तहत धनराशि की वसूली की कार्यवाही शुरू हो जाएगी। तब उनसे 10 प्रतिशत संग्रह शुल्क अतिरिक्त वसूला जाएगा। संवाद
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अल्पसंख्यक वर्ग के शिक्षित युवाओं को स्वरोजगार करने के लिए प्रदेश सरकार ने 1995 में ऋण देने की योजना शुरू की थी। स्वरोजगार के लिए टर्म लोन योजना 2007 तक चली। उस समय योजना का लाभ लेने के लिए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के पास हजारों आवेदन आए थे। उसमें से जिले के 982 लोगों को लोन दिया गया। लोन लेने के बाद उन लोगों ने स्वरोजगार शुरू किया या नहीं। इसकी जानकारी विभाग के पास नहीं है। लोन लेने के बाद विभाग ने वसूली की सुध नहीं ली। लेने वालों ने भी जमा नहीं किया।
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लोन जमा न होने के कारण 18 साल पहले योजना बंद कर दी गई थी। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अंजना सिरोही ने बताया कि अल्पसंख्यक वित्तीय एवं विकास निगम की ओर से लोन दिया गया था। अब वह धनराशि मूलधन एवं ब्याज के रूप में 9.50 करोड़ रुपये हो गई है। इसमें से टॉप 10 लोगों के पास 1.31 करोड़ रुपये बकाया है। उन्होंने बताया कि ऐसे बकाएदार से 15 दिनों के भीतर विभाग में आकर धनराशि जमा करने को कहा गया है। निर्धारित अवधि में धनराशि जमा न करने पर संबंधित के खिलाफ आरसी जारी की जाएगी। साथ ही भू-राजस्व अधिनियम के तहत धनराशि की वसूली की कार्यवाही शुरू हो जाएगी। तब उनसे 10 प्रतिशत संग्रह शुल्क अतिरिक्त वसूला जाएगा। संवाद
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