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ट्रेनें क्यों रद्द हैं.. जवाब नहीं मिला तो यात्री ने उठा ली ईंट
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बरेली। एक तो पटरी से उतरी रेलवे की व्यवस्था.. दूसरा कर्मचारियों का खराब व्यवहार। ये दोनों मिलकर अब यात्रियों के सब्र का इम्तिहान ले रहे हैं। घंटों इंतजार के बाद ट्रेनें तो नहीं ही मिल रहीं, रेलवे कर्मचारी जवाब भी ढंग से नहीं दे रहे हैं। इससे यात्रियों को झल्लाहट हो रही है। इसी का नतीजा है कि मंगलवार को यात्री ने गुस्से में ईंट उठा ली और इंक्वायरी दफ्तर का शीशा तोड़ने की कोशिश की। वो तो गनीमत रही कि अन्य यात्रियों ने उसे समझाकर रोक लिया।
रेलवे ने पटरियों पर चल रहे काम के मद्देनजर 26 ट्रेनें निरस्त कर दी हैं। इससे अचानक ट्रेनों की कमी हो गई और यात्री परेशान हो रहे हैं। आलम ये है कि घंटों इंतजार के बाद भी ट्रेनें नहीं मिल रही। इसका कारण जानने के लिए यात्री इंक्वायरी दफ्तर पहुंचते हैं तो वहां से सही जवाब नहीं मिल रहा है। मंगलवार दोपहर करीब दो बजे एक यात्री लखनऊ जाने वाली ट्रेन का समय पूछने आया, उस समय लखनऊ की कोई ट्रेन नहीं थी। मना करने पर वह गुस्सा गया और गालियां देते हुए ईंट लेकर इंक्वायरी का शीशा तोड़ने की कोशिश की लेकिन अन्य यात्रियों ने उसे पकड़कर बाहर कर दिया। बताया जा रहा है कि यात्री शराब के नशे में था।
देरी ने बढ़ाई दूरी
मंगलवार को दिन भर रूटीन की केवल पांच ट्रेनें ही गुजरीं, वो भी घंटों लेट। सुबह आठ बजे पहुंचने वाली लुधियाना धनवाद किसान एक्सप्रेस साढ़े तीन घंटे, अवध असम गुवाहाटी एक्सप्रेस ढाई, सियालदह एक्सप्रेस दो और श्रमजीवी एक्सप्रेस 45 मिनट देरी से जंक्शन पहुंची। यात्रियों का कहना था कि 38 ट्रेनें पहले से ही रद्द हैं। ऐसे में बाकी ट्रेनें समय से चलनी चाहिए।
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रेलवे ने पटरियों पर चल रहे काम के मद्देनजर 26 ट्रेनें निरस्त कर दी हैं। इससे अचानक ट्रेनों की कमी हो गई और यात्री परेशान हो रहे हैं। आलम ये है कि घंटों इंतजार के बाद भी ट्रेनें नहीं मिल रही। इसका कारण जानने के लिए यात्री इंक्वायरी दफ्तर पहुंचते हैं तो वहां से सही जवाब नहीं मिल रहा है। मंगलवार दोपहर करीब दो बजे एक यात्री लखनऊ जाने वाली ट्रेन का समय पूछने आया, उस समय लखनऊ की कोई ट्रेन नहीं थी। मना करने पर वह गुस्सा गया और गालियां देते हुए ईंट लेकर इंक्वायरी का शीशा तोड़ने की कोशिश की लेकिन अन्य यात्रियों ने उसे पकड़कर बाहर कर दिया। बताया जा रहा है कि यात्री शराब के नशे में था।
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देरी ने बढ़ाई दूरी
मंगलवार को दिन भर रूटीन की केवल पांच ट्रेनें ही गुजरीं, वो भी घंटों लेट। सुबह आठ बजे पहुंचने वाली लुधियाना धनवाद किसान एक्सप्रेस साढ़े तीन घंटे, अवध असम गुवाहाटी एक्सप्रेस ढाई, सियालदह एक्सप्रेस दो और श्रमजीवी एक्सप्रेस 45 मिनट देरी से जंक्शन पहुंची। यात्रियों का कहना था कि 38 ट्रेनें पहले से ही रद्द हैं। ऐसे में बाकी ट्रेनें समय से चलनी चाहिए।
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