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तो डिस्पैच रजिस्टर है ना... लिख दो लंबी छुट्टी पर हैं
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बरेली। उप कृषि निदेशक दफ्तर में वित्तीय वर्ष के क्लोजिंग माह में शासन से मिले बजट को खपाने के लिए कृषि विभाग के बाबू फाइलों और प्रपत्रों में खेल करने में लगे हैं। उप कृषि निदेशक के बिलवा दफ्तर में बाबुओं ने डिस्पैच रजिस्टर में हेरफेर करने के लिए तारीख डालकर खाली कालम छोड़ रखे हैं। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि पिछली तारीखों में पत्र डिस्पैच दिखाकर गड़बड़ी करा सकें। एक बाबू जी ट्रांसफर के बाद रिलीव हो गए, लेकिन वह बैक डेट में मेडिकल लीव चढ़वाकर अवकाश पर चले गए। मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है।
प्रत्येक सरकारी विभाग में एक डिस्पैच रजिस्टर रखने का नियम है। इसमें उच्चाधिकारियों को भेजे जाने वाले पत्रों को प्रतिदिन पत्रांक संख्या डालकर दर्ज किया जाता है। इसके लिए उसमें हर महीने का तारीखवार कॉलम बना रहता है। इसमें रोजाना शासन-प्रशासन को भेजे जाने वाले पत्रों की पत्रांक संख्या और संक्षिप्त रूप से पत्रों का ब्योरा लिखा जाता है। उप कृषि निदेशक दफ्तर में डिस्पैच रजिस्टर में चढ़ने वाली डाक की जगह खाली छोड़ी जा रही है। सूत्रों की मानें तो ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि पत्र देर से भेजने पर उसकी बैक डेट में डिस्पैच दिखाई जा सके। हाल ही में उप कृषि निदेशक के बरसों से जमे बाबू का पूरब के जिले में बमुश्किल तबादला हो सका। उप कृषि निदेशक ने बाबू को रिलीव भी कर दिया। मगर अब बाबू ने बैक डेट में मेडिकल अवकाश चढ़वाकर लंबी छुट्टी ले ली है, ताकि शासन से सेटिंग बिठाकर दोबारा इसी दफ्तर में आ सकें। उधर, 31 मार्च को क्लोजिंग डेट भी है। इसमें कृषि उपकरणों, खाद-बीज की सब्सिडी ठिकाने लगाने के लिए बैक डेट में पत्र व्यवहार डिस्पैच रजिस्टर में चढ़ाए जा रहे हैं। अपनी कमियां छिपाने के लिए उप कृषि निदेशक का स्टाफ जानबूझकर डिस्पैच रजिस्टर में कॉलम खाली छोड़कर अफसरों को गुमराह करने में लगा है।
कृषि विभाग के डिस्पैच रजिस्टर में कॉलम खाली छोड़ने का मामला गंभीर है। रजिस्टर चेक कराया जाएगा। गड़बड़ी मिली तो संबंधित स्टाफ पर कार्रवाई होगी। - सत्येंद्र कुमार, सीडीओ
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प्रत्येक सरकारी विभाग में एक डिस्पैच रजिस्टर रखने का नियम है। इसमें उच्चाधिकारियों को भेजे जाने वाले पत्रों को प्रतिदिन पत्रांक संख्या डालकर दर्ज किया जाता है। इसके लिए उसमें हर महीने का तारीखवार कॉलम बना रहता है। इसमें रोजाना शासन-प्रशासन को भेजे जाने वाले पत्रों की पत्रांक संख्या और संक्षिप्त रूप से पत्रों का ब्योरा लिखा जाता है। उप कृषि निदेशक दफ्तर में डिस्पैच रजिस्टर में चढ़ने वाली डाक की जगह खाली छोड़ी जा रही है। सूत्रों की मानें तो ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि पत्र देर से भेजने पर उसकी बैक डेट में डिस्पैच दिखाई जा सके। हाल ही में उप कृषि निदेशक के बरसों से जमे बाबू का पूरब के जिले में बमुश्किल तबादला हो सका। उप कृषि निदेशक ने बाबू को रिलीव भी कर दिया। मगर अब बाबू ने बैक डेट में मेडिकल अवकाश चढ़वाकर लंबी छुट्टी ले ली है, ताकि शासन से सेटिंग बिठाकर दोबारा इसी दफ्तर में आ सकें। उधर, 31 मार्च को क्लोजिंग डेट भी है। इसमें कृषि उपकरणों, खाद-बीज की सब्सिडी ठिकाने लगाने के लिए बैक डेट में पत्र व्यवहार डिस्पैच रजिस्टर में चढ़ाए जा रहे हैं। अपनी कमियां छिपाने के लिए उप कृषि निदेशक का स्टाफ जानबूझकर डिस्पैच रजिस्टर में कॉलम खाली छोड़कर अफसरों को गुमराह करने में लगा है।
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कृषि विभाग के डिस्पैच रजिस्टर में कॉलम खाली छोड़ने का मामला गंभीर है। रजिस्टर चेक कराया जाएगा। गड़बड़ी मिली तो संबंधित स्टाफ पर कार्रवाई होगी। - सत्येंद्र कुमार, सीडीओ
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