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30 लाख से ऊपर रजिस्ट्री कराने वालों का आयकर में ब्योरा भेजा
Updated Thu, 24 May 2018 01:44 AM IST
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बरेली के 2455 धनकुबेरों पर आयकर विभाग की नजर
रजिस्ट्री दफ्तर ने 30 लाख से ऊपर के बैनामों का ब्योरा भेजा
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली।
पिछले साल 30 लाख से ऊपर की जमीन की रजिस्ट्री कराने वाले 2455 धनकुबेरों पर आयकर विभाग की नजर है। इनमें अधिकतर रियल एस्टेट कारोबारी, रिटायर्ड नौकरशाह और उद्यमी शामिल हैं। रजिस्ट्री दफ्तर से इनका ब्योरा सीडी पर अपलोड करके आयकर विभाग को भेजा गया है। आयकर विभाग की टीम कभी भी इनके ठिकानों पर जाकर संपत्तियों की जांच कर सकती है।
मोदी सरकार बनने के बाद 30 लाख से अधिक कीमत की जमीन या मकानों की हर रजिस्ट्री की गहन मॉनिटरिंग की जा रही है। रजिस्ट्री दफ्तर को 30 लाख से अधिक कीमत की रजिस्ट्री होने की स्थिति में जमीन या मकान के क्रेता और विक्रेता की आमदनी का ब्योरा सीडी पर अपलोड करके आयकर विभाग को भेजने के निर्देश हैं।
वित्तीय वर्ष 2017-18 में सब रजिस्ट्रार-एक और सब रजिस्ट्रार-दो के दफ्तरों से 30 लाख से ऊपर की लगभग 2400 रजिस्ट्रियां हुई हैं। वित्तीय वर्ष 2018-19 में अप्रैल से मई के तीसरे हफ्ते तक 30 लाख से ऊपर के 55 मकान या जमीनों की खरीद-बिक्री हो चुकी है। रजिस्ट्री दफ्तर से इनका ब्योरा आयकर विभाग को भेजा जा चुका है। आयकर टीम इनका परीक्षण कर रही है। ऐसे क्रेता-विक्रेता की आमदनी के स्रोतों की जांच कभी भी हो सकती है।
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रजिस्ट्री दफ्तर ने 30 लाख से ऊपर के बैनामों का ब्योरा भेजा
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली।
पिछले साल 30 लाख से ऊपर की जमीन की रजिस्ट्री कराने वाले 2455 धनकुबेरों पर आयकर विभाग की नजर है। इनमें अधिकतर रियल एस्टेट कारोबारी, रिटायर्ड नौकरशाह और उद्यमी शामिल हैं। रजिस्ट्री दफ्तर से इनका ब्योरा सीडी पर अपलोड करके आयकर विभाग को भेजा गया है। आयकर विभाग की टीम कभी भी इनके ठिकानों पर जाकर संपत्तियों की जांच कर सकती है।
मोदी सरकार बनने के बाद 30 लाख से अधिक कीमत की जमीन या मकानों की हर रजिस्ट्री की गहन मॉनिटरिंग की जा रही है। रजिस्ट्री दफ्तर को 30 लाख से अधिक कीमत की रजिस्ट्री होने की स्थिति में जमीन या मकान के क्रेता और विक्रेता की आमदनी का ब्योरा सीडी पर अपलोड करके आयकर विभाग को भेजने के निर्देश हैं।
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वित्तीय वर्ष 2017-18 में सब रजिस्ट्रार-एक और सब रजिस्ट्रार-दो के दफ्तरों से 30 लाख से ऊपर की लगभग 2400 रजिस्ट्रियां हुई हैं। वित्तीय वर्ष 2018-19 में अप्रैल से मई के तीसरे हफ्ते तक 30 लाख से ऊपर के 55 मकान या जमीनों की खरीद-बिक्री हो चुकी है। रजिस्ट्री दफ्तर से इनका ब्योरा आयकर विभाग को भेजा जा चुका है। आयकर टीम इनका परीक्षण कर रही है। ऐसे क्रेता-विक्रेता की आमदनी के स्रोतों की जांच कभी भी हो सकती है।
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