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फिर अदालत नहीं आए शीरान, अर्जी भिजवाई
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बरेली। आला हजरत खानदान के शीरान रजा खां ने निदा के बीच अदालत में चल रहे मुकदमे में एक बार फिर ऐसी अर्जी दी है जो चर्चा का विषय बन गई है। एसीजेएम प्रथम की अदालत में विचाराधीन मुकदमे की तारीख पर मंगलवार को शीरान रजा की ओर से अर्जी दी गई कि वह अदालत नहीं आ सकते हैं क्योंकि उन्हें निदा की ओर से लड़ाई-झगड़े का डर है। हालांकि निदा की ओर से कोई गवाई आएगी तो वह जिरह कर लेंगे।
घरेलू हिंसा मामले में शीरान मंगलवार को कोर्ट नहीं पहुंचे। उनके अधिवक्ता अरविंद श्रीवास्तव ने अदालत में अर्जी देकर कहा कि लड़ाई-झगड़े के डर से वह तारीख पर नहीं आए। अदालत ने इसके बाद इस मामले में 12 मार्च की तारीख तय कर दी है। एक अन्य मामले में एफटीसी प्रथम अजय सिंह की कोर्ट में शीरान की ओर से दाखिल अर्जी में कहा गया था कि कोर्ट की ओर से निदा को गुजारा भत्ता देने के आदेश से उनके घरवाले नाराज हो गए और उनको बेदखल कर दिया। अब वह गुजारा भत्ता देने लायक नहीं। मंगलवार को उनकी ओर से दी गई एक और अर्जी में कहा गया कि वह निदा से जिरह करना चाहते हैं। इस पर निदा ने आपत्ति जताते हुए कहा कि शीरान गुजारा भत्ता देने से बचने के लिए ऐसा कर रहे हैं, क्योंकि तीन महीने से ज्यादा का गुजारा भत्ता देना बाकी है। कोर्ट ने शीरान की अर्जी खारिज कर 26 मार्च की तारीख सुनवाई के लिए तय की है।
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घरेलू हिंसा मामले में शीरान मंगलवार को कोर्ट नहीं पहुंचे। उनके अधिवक्ता अरविंद श्रीवास्तव ने अदालत में अर्जी देकर कहा कि लड़ाई-झगड़े के डर से वह तारीख पर नहीं आए। अदालत ने इसके बाद इस मामले में 12 मार्च की तारीख तय कर दी है। एक अन्य मामले में एफटीसी प्रथम अजय सिंह की कोर्ट में शीरान की ओर से दाखिल अर्जी में कहा गया था कि कोर्ट की ओर से निदा को गुजारा भत्ता देने के आदेश से उनके घरवाले नाराज हो गए और उनको बेदखल कर दिया। अब वह गुजारा भत्ता देने लायक नहीं। मंगलवार को उनकी ओर से दी गई एक और अर्जी में कहा गया कि वह निदा से जिरह करना चाहते हैं। इस पर निदा ने आपत्ति जताते हुए कहा कि शीरान गुजारा भत्ता देने से बचने के लिए ऐसा कर रहे हैं, क्योंकि तीन महीने से ज्यादा का गुजारा भत्ता देना बाकी है। कोर्ट ने शीरान की अर्जी खारिज कर 26 मार्च की तारीख सुनवाई के लिए तय की है।
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