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पांच हजार से ऊपर कैश पेमेंट करके फंसी पंचायतें
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बरेली। पांच हजार से अधिक रुपये का पेमेंट कैश में करके ग्राम पंचायतें फंस गई हैं। सीडीओ ने बहेड़ी समेत कई अन्य ब्लाकों की पंचायतों में पांच हजार से ऊपर डिजिटल कैश पेमेंट के मामले पकड़े हैं। इससे ग्राम प्रधानों, पंचायत सचिवों के अलावा एडीओ समेत ब्लाकों में हड़कंप मच गया है। सीडीओ ने इस मामले की जांच शुरू करा दी है।
शासन ने पांच हजार रुपये से ऊपर किसी भी तरह का पेमेंट कैश में करने पर रोक लगा रखी है। अगर किसी प्रधान या सेक्रे टरी को मनरेगा, ग्राम निधि समेत अन्य मदों में किसी काम का भुगतान पांच हजार से अधिक करना है तो उसे कैश में न करके डिजिटल करना होगा। प्रधान या सेक्रेटरी सरकार की योजनाओं में कराए गए कामों का भुगतान बैंक खाते से ट्रांसफर कर सकते हैं। मगर, बहेड़ी, भोजीपुरा, रामनगर, मझगवां की दर्जनों ग्राम पंचायतों में प्रधान और पंचायत सचिवों ने मनरेगा और ग्राम निधि खातों से पांच हजार से ऊपर के भुगतान नगदी देकर कर दिए हैं। सबसे बड़ी बात यह कि जब चेक के साथ काम का वर्क आर्डर हेागा, तभी भुगतान करने के नियम की भी अवहेलना की गई। सीडीओ सत्येंद्र कुमार ने बताया कि पांच हजार से ऊपर कैश में भुगतान के मामलों की जांच शुरू करा दी है। रिपोर्ट मिलने पर प्रधान और सचिव पर कार्रवाई की जाएगी।
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शासन ने पांच हजार रुपये से ऊपर किसी भी तरह का पेमेंट कैश में करने पर रोक लगा रखी है। अगर किसी प्रधान या सेक्रे टरी को मनरेगा, ग्राम निधि समेत अन्य मदों में किसी काम का भुगतान पांच हजार से अधिक करना है तो उसे कैश में न करके डिजिटल करना होगा। प्रधान या सेक्रेटरी सरकार की योजनाओं में कराए गए कामों का भुगतान बैंक खाते से ट्रांसफर कर सकते हैं। मगर, बहेड़ी, भोजीपुरा, रामनगर, मझगवां की दर्जनों ग्राम पंचायतों में प्रधान और पंचायत सचिवों ने मनरेगा और ग्राम निधि खातों से पांच हजार से ऊपर के भुगतान नगदी देकर कर दिए हैं। सबसे बड़ी बात यह कि जब चेक के साथ काम का वर्क आर्डर हेागा, तभी भुगतान करने के नियम की भी अवहेलना की गई। सीडीओ सत्येंद्र कुमार ने बताया कि पांच हजार से ऊपर कैश में भुगतान के मामलों की जांच शुरू करा दी है। रिपोर्ट मिलने पर प्रधान और सचिव पर कार्रवाई की जाएगी।
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