फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   हरूनगला फायरिंग रेंज में बाहरी लोगों की घुसपैठ जारी

हरूनगला फायरिंग रेंज में बाहरी लोगों की घुसपैठ जारी

Mon, 25 Feb 2019 01:17 AM IST
pawan chandra पवन चंद्रा
Updated Mon, 25 Feb 2019 01:17 AM IST
विज्ञापन
हरूनगला फायरिंग रेंज में बाहरी लोगों की घुसपैठ जारी
हरूनगला फायरिंग रेंज में बाहरी लोगों की घुसपैठ जारी - फोटो : अमर उजाला, बरेली
बरेली। पुलवामा हमले में सुरक्षा चूक की बात सामने आने के बावजूद सैन्य अफसरों ने सबक नहीं लिया। हरूनगला में सेना की फायरिंग रेंज में अवैध रूप से खुदाई अब तक जारी है। यहां पाए गए सुरंगनुमा गड्ढे और गहरे हो गए हैं। लापरवाही इस कदर है कि अपनी फायरिंग रेंज में बाहरी लोगों की घुसपैठ का मामला पिछले महीने सामने आने के बावजूद सैन्य अधिकारियों ने उसे रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। इससे यह भी सवाल उठ रहा है कि सरकंडों के घने जंगल से घिरी इस फायरिंग रेंज में अगर किसी देशविरोधी गतिविधि को अंजाम दिया जाता है तो सेना उससे कैसे निपटेगी।
विज्ञापन

सेना की फायरिंग रेंज में बेहद संदिग्ध रूप से सुरंगनुमा गड्ढे खोदे जाने का मामला दिसंबर के आखिरी हफ्ते में तब सामने आया था, जब किसी मुखबिर की सूचना पर रक्षा संपदा अधिकारी ने छापा मारकर फायरिंग रेंज से सरकंडों की तस्करी करते हुए पांच लोगों को पकड़ा था। इसके बाद रक्षा संपदा अधिकारी, मिलिट्री पुलिस और सैन्य अधिकारियों ने फायरिंग रेंज पर मौका मुआयना किया तो वहां कई सुरंगनुमा गड्ढे देखकर हैरान रह गए। छह-सात मीटर व्यास के इन गड्ढों को अंदर ही अंदर दूर तक खोदा गया था। सवाल उठा था कि सेना की फायरिंग रेंज ऐसे गड्ढे आखिर क्यों खोदे गए हैं। सेना के अधिकारियों ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि किसी ने रेत और मिट्टी के खनन के लिए ये गड्ढे किए होंगे। इस सवाल को भी नजरंदाज कर दिया कि अगर इन गड्ढों का देशविरोधी तत्वों ने इस्तेमाल किया तो क्या होगा।
विज्ञापन

सैन्य अधिकारियों की लापरवाही की वजह से फायरिंग रेंज में बाहरी लोगों की घुसपैठ अभी तक नही ंरुकी है। पहले गहरे और चौड़े हुए गड्ढे साफ बता रहे हैं कि वहां लगातार खुदाई की जा रही है। बता दें कि हरूनगला में सेना की फायरिंग रेंज करीब चार सौ एकड़ क्षेत्रफल में फैली हुई है। फायरिंग रेंज में सरकंडों के घने जंगल भी हैं। कहने को तो यह इलाका कड़ी सैन्य सुरक्षा से घिरा रहता है, लेकिन इसके बावजूद यहां बाहरी लोगों की आवाजाही सैन्य सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


आर्मी इंटेलीजेंस की रिपोर्ट भी नजरंदाज
फायरिंग रेंज में सुरंगनुमा गड्ढे पाए जाने के बाद इन्हें सैन्य सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा मानते हुए गहनता से जांच पड़ताल शुरू हुई थी। सूत्रों के मुताबिक आर्मी इंटेलीजेंस ने प्रथमदृष्टया इस मामले को गंभीर मानते हुए अपनी जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी थी जिसमें सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम करने की संस्तुति की थी, लेकिन इसके बाद भी अब तक यहां सुरक्षा इंतजाम कड़े किए जाने के दावे कागजों तक सीमित हैं।

गड्ढ़ों के पास रखे मिले दो फावड़े
शु़क्रवार दोपहर हरूनगला की ओर फायरिंग रेंज चरागाह में तब्दील नजर आई। आसपास के डेयरी संचालक अपने पशुओं को यहां चराकर बाहर निकलते दिखे। आगे सुरंगनुमा गड्ढों के पास दो फावड़े रखे मिले। गड्ढों का आकार पहले की अपेक्षा बड़ा और अंदर ही अंदर काफी गहराई तक खुदा हुआ पाया गया। इससे साफ हो गया कि सेना अपनी सुरक्षा को लेकर कितनी अलर्ट है।


हरुनगला फायरिंग रेंज पर फेंसिंग लगाने के निर्देश हो चुके हैं। जल्द ही वहां काम शुरू हो जाएगा। भरतौल की ओर फेंसिंग का कार्य पूरा हो चुका है। सैन्य सुरक्षा अभेद्य बनाने के प्रयास लगातार चल रहे हैं। - कर्नल पी. अमित, एडम कमांडेंट
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed