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शिक्षामित्रों ने जलाया कट ऑफ वाला शासनादेश
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बरेली। सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा में कटऑफ का आदेश जारी होने का शिक्षामित्रों ने विरोध किया। मंगलवार को शिक्षामित्रों ने गांधी उद्यान के सामने सड़क पर जाम लगाकर शासनादेश की प्रतियां जलाईं। सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। कहा, जब विज्ञापन में कटऑफ का जिक्र नहीं था तो अब अचानक आदेश क्यों जारी किया। इससे शिक्षामित्रों को नुकसान होगा।
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिला अध्यक्ष डॉ. केपी सिंह के अनुसार 69 हजार शिक्षक भर्ती का विज्ञापन पांच दिसंबर को जारी किया गया, जिसमें कटऑफ का जिक्र नहीं था। 69 हजार भर्ती की मेरिट जारी की जाएगी उसी से नियुक्ति होगी। अब शासन ने कटऑफ का आदेश जारी कर दिया है। जिससे सामान्य वर्ग के लिए 150 में से 97 अंक आने पर ही उत्तीर्ण माना जाएगा। अन्य सभी आरक्षित वर्गों के लिए 60 फीसदी अंक यानी 150 में से 90 अंक आने पर ही उत्तीर्ण मान लिया जाएगा। इतने अंक पाने वाले छात्रों की ही मेरिट बनेगी। इससे कम अंक होने पर फेल माना जाएगा और चयन प्रक्रिया से बाहर कर दिया जाएगा। डॉ. केपी यादव का कहना है कि इससे शिक्षामित्रों को ही नुकसान होगा। शिक्षामित्रों ने विरोध करते शासनादेश की प्रतियां जलाईं। सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान भगवान सिंह, वेद प्रकाश, खलील अहमद, सोमा देवी, गीता देवी आदि मौजूद रहे।
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उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिला अध्यक्ष डॉ. केपी सिंह के अनुसार 69 हजार शिक्षक भर्ती का विज्ञापन पांच दिसंबर को जारी किया गया, जिसमें कटऑफ का जिक्र नहीं था। 69 हजार भर्ती की मेरिट जारी की जाएगी उसी से नियुक्ति होगी। अब शासन ने कटऑफ का आदेश जारी कर दिया है। जिससे सामान्य वर्ग के लिए 150 में से 97 अंक आने पर ही उत्तीर्ण माना जाएगा। अन्य सभी आरक्षित वर्गों के लिए 60 फीसदी अंक यानी 150 में से 90 अंक आने पर ही उत्तीर्ण मान लिया जाएगा। इतने अंक पाने वाले छात्रों की ही मेरिट बनेगी। इससे कम अंक होने पर फेल माना जाएगा और चयन प्रक्रिया से बाहर कर दिया जाएगा। डॉ. केपी यादव का कहना है कि इससे शिक्षामित्रों को ही नुकसान होगा। शिक्षामित्रों ने विरोध करते शासनादेश की प्रतियां जलाईं। सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान भगवान सिंह, वेद प्रकाश, खलील अहमद, सोमा देवी, गीता देवी आदि मौजूद रहे।
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