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26 स्कूलों के रिकॉर्ड की शुरू हुई जांच
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बरेली। जिला शुल्क समिति की पहली बैठक के करीब बीस दिन बाद समिति ने रिकॉर्ड की जांच शुरू की है। समिति ने शनिवार से 26 स्कूलों के रिकॉर्ड जांचने की प्रक्रिया शुरू कर दी। 2015 से अब तक स्कूलों ने कितनी फीस बढ़ाई उसका परीक्षण होगा। इसके बाद समायोजन का आदेश जारी होगा। हालांकि अब भी 37 स्कूलों ने अपने रिकॉर्ड पूरे नहीं कराए। इनको फिर से नोटिस जारी किया गया है।
डीएम की अध्यक्षता में हुई जिला समिति की बैठक में मंडलीय रिपोर्ट का परीक्षण करने के निर्देश दिए गए थे। बाद में स्कूलों से इस साल की ऑडिट रिपोर्ट और छात्र संख्या भी मांग ली। नोटिस के बाद 63 में से 26 स्कूलों ने ही रिकॉर्ड दिए। 37 ने रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराए। इसमें शहर के कुछ नाम स्कूल भी शामिल हैं। वो रिकॉर्ड देकर अपना गला नहीं फंसाना चाहते। समिति की कार्रवाई लंबित पड़ी थी। दूसरी तरफ से स्कूलों ने अभिभावकों को नोटिस थमा दिए। अगर फीस नहीं दी तो छात्रों को परीक्षा से वंचित कर दिया जाएगा।
शनिवार को डीआईओएस ने सीए से वार्ता की। 26 स्कूलों के रिकॉर्ड उनको सौंपकर जांच शुरू करा दी। बाकी 37 स्कूलों को तत्काल रिकॉर्ड देने का कहा है। उन्होंने बताया कि रिकॉर्ड की जांच करके जल्द कार्रवाई का आदेश जारी कर दिया जाएगा। अगले सत्र में उसी अनुसार ही फीस ली जाएगी।
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डीएम की अध्यक्षता में हुई जिला समिति की बैठक में मंडलीय रिपोर्ट का परीक्षण करने के निर्देश दिए गए थे। बाद में स्कूलों से इस साल की ऑडिट रिपोर्ट और छात्र संख्या भी मांग ली। नोटिस के बाद 63 में से 26 स्कूलों ने ही रिकॉर्ड दिए। 37 ने रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराए। इसमें शहर के कुछ नाम स्कूल भी शामिल हैं। वो रिकॉर्ड देकर अपना गला नहीं फंसाना चाहते। समिति की कार्रवाई लंबित पड़ी थी। दूसरी तरफ से स्कूलों ने अभिभावकों को नोटिस थमा दिए। अगर फीस नहीं दी तो छात्रों को परीक्षा से वंचित कर दिया जाएगा।
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शनिवार को डीआईओएस ने सीए से वार्ता की। 26 स्कूलों के रिकॉर्ड उनको सौंपकर जांच शुरू करा दी। बाकी 37 स्कूलों को तत्काल रिकॉर्ड देने का कहा है। उन्होंने बताया कि रिकॉर्ड की जांच करके जल्द कार्रवाई का आदेश जारी कर दिया जाएगा। अगले सत्र में उसी अनुसार ही फीस ली जाएगी।
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