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20 लाख किराये का पेच निकालने को एक्शन में कमिश्नर
Updated Mon, 03 Dec 2018 12:47 AM IST
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बरेली। नाथनगरी एयर टर्मिनल में एयरफोर्स के रनवे से टैक्सी-वे के बीच 196 मीटर लंबे रास्ते के इस्तेमाल की अनुमति मिलने में रक्षा मंत्रालय की ओर से फंसाए गए पेच को निकालना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। रक्षा मंत्रालय की ओर से इसकी एवज में भारतीय विमान प्राधिकरण से 20 लाख रुपये सालाना किराये की मांग रखी गई है। इस मामले में अब कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने खुद पैरवी शुरू कर दिल्ली पहुंचकर रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक की है। इस बैठक में लालफाटक ओवरब्रिज के लिए कैंट में जमीन अधिग्रहण पर भी बातचीत हुई है।
एयर टर्मिनल से उड़ानें शुरू कराने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी को पास ही स्थित एयरफोर्स के रनवे का इस्तेमाल करना है। जिला प्रशासन के लिए नई चुनौती यह है कि एयर टर्मिनल के टैक्सी-वे और रनवे के बीच करीब 196 मीटर लंबा और 75 मीटर चौड़ा रास्ता बनाया जाना है ताकि प्लेन को रनवे पर उतरने के बाद टैक्सी-वे तक पहुंचाया जा सके। यह रास्ता भी सेना की जमीन पर बनना है, जिसके लिए रक्षा मंत्रालय की ओर से एयरपोर्ट अथॉरिटी के सामने बीस लाख रुपये सालाना किराये समेत कुछ दूसरे खर्चों की भी मांग की गई है। विमानपत्तन प्राधिकरण इतना बड़ा खर्च उठाने के लिए तैयार नहीं है। इस अड़चन को दूर करने के लिए कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने पहल की है। तमाम बड़े मामलों के निस्तारण रक्षा मंत्रालय स्तर से ही होना है। दिल्ली पहुंचे कमिश्नर ने रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक कर इन मसलों पर वार्ता की है। मंत्रालय के अधिकारियों के साथ सिविल और सेना से जुड़े और भी कई मसलों पर भी चर्चा हुई है।
इनसेट -
लाल फाटक ब्रिज: कैंट में जमीन अधिग्रहण पर भी हुई बात
लालफाटक ओवरब्रिज के लिए प्रशासन को करीब 2300 वर्गमीटर जमीन का कैंट एरिया में लेनी है। सेना ने यह जमीन देने के बदले प्रशासन के सामने कैंट एरिया से सटी हुई ही 14 करोड़ की जमीन देने की मांग की है। प्रशासन के लिए इस कीमत की भूमि सेना को उपलब्ध करा पाना मुमकिन नहीं हो पा रहा है। कमिश्नर ने रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक में इस मुद्दे पर भी वार्ता की है।
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दिल्ली में रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों से बात करके एयर टर्मिनल को शुरू करने को लेकर आ रही दिक्कतों को दूर करने की कोशिश की जा रही है। दिल्ली में सेना और सिविल से जुड़े कई अन्य मसलों पर भी चर्चा की गई है। - रणवीर प्रसाद, कमिश्नर
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एयर टर्मिनल से उड़ानें शुरू कराने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी को पास ही स्थित एयरफोर्स के रनवे का इस्तेमाल करना है। जिला प्रशासन के लिए नई चुनौती यह है कि एयर टर्मिनल के टैक्सी-वे और रनवे के बीच करीब 196 मीटर लंबा और 75 मीटर चौड़ा रास्ता बनाया जाना है ताकि प्लेन को रनवे पर उतरने के बाद टैक्सी-वे तक पहुंचाया जा सके। यह रास्ता भी सेना की जमीन पर बनना है, जिसके लिए रक्षा मंत्रालय की ओर से एयरपोर्ट अथॉरिटी के सामने बीस लाख रुपये सालाना किराये समेत कुछ दूसरे खर्चों की भी मांग की गई है। विमानपत्तन प्राधिकरण इतना बड़ा खर्च उठाने के लिए तैयार नहीं है। इस अड़चन को दूर करने के लिए कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने पहल की है। तमाम बड़े मामलों के निस्तारण रक्षा मंत्रालय स्तर से ही होना है। दिल्ली पहुंचे कमिश्नर ने रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक कर इन मसलों पर वार्ता की है। मंत्रालय के अधिकारियों के साथ सिविल और सेना से जुड़े और भी कई मसलों पर भी चर्चा हुई है।
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लाल फाटक ब्रिज: कैंट में जमीन अधिग्रहण पर भी हुई बात
लालफाटक ओवरब्रिज के लिए प्रशासन को करीब 2300 वर्गमीटर जमीन का कैंट एरिया में लेनी है। सेना ने यह जमीन देने के बदले प्रशासन के सामने कैंट एरिया से सटी हुई ही 14 करोड़ की जमीन देने की मांग की है। प्रशासन के लिए इस कीमत की भूमि सेना को उपलब्ध करा पाना मुमकिन नहीं हो पा रहा है। कमिश्नर ने रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक में इस मुद्दे पर भी वार्ता की है।
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दिल्ली में रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों से बात करके एयर टर्मिनल को शुरू करने को लेकर आ रही दिक्कतों को दूर करने की कोशिश की जा रही है। दिल्ली में सेना और सिविल से जुड़े कई अन्य मसलों पर भी चर्चा की गई है। - रणवीर प्रसाद, कमिश्नर