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शादी में प्रोफेसर साहब चिल्लाए- तंबू उखाड़कर फेंक दूंगा..
Updated Wed, 21 Nov 2018 02:11 AM IST
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बरेली। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के एमबीए विभाग के प्रोफेसर के भतीजे की शादी में विवाद हो गया। प्रोफेसर ने बिना अनुमति विश्वविद्यालय कैंपस में समारोह करना चाहा तो बीएड विभाग के कुछ प्रोफेसर खफा हो गए। उन्होंने विरोध किया तो दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक हो गई। इस बीच एक प्रोफेसर ने तंबू उखाड़ने तक की धमकी दे डाली। विवाद बढ़ने पर कैंपस में आयोजन नहीं हो सका। प्रोफेसरों के बीच हुई नोंकझोंक की चर्चा मंगलवार को कैंपस में जोरों पर रही।
एमबीए विभाग के प्रोफेसर राजकमल के भतीजे की शादी बरेली से तय हुई थी। बारात लखनऊ से आनी थी। राजकमल शादी का आयोजन कैंपस में करना चाहते थे, लेकिन उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से इसकी अनुमति नहीं ली। हालांकि मुख्य आयोजन किसी अन्य स्थल पर तय था। सूत्रों की मानें तो वह पहले विश्वविद्यालय कैंपस स्थित मंदिर के पास आयोजन करना चाहते थे। बाद में उन्होंने एजुकेशन डिपार्टमेंट के पास खाली मैदान में आयोजन कराने की तैयारी कर ली। अनुमति की बात पर एक कर्मचारी ने ही उन्हें आश्वस्त कर दिया कि वह आराम से कार्यक्रम करें, कोई दिक्कत नहीं होगी।
एजुकेशन डिपार्टमेंट के पास जिस खाली मैदान में आयोजन होना था उसमें बीएड के छात्रों ने कुछ पौधे लगाए थे। कुछ प्रोफेसरों को जब शाम को वहां तंबू लगने की जानकारी मिली तो वे विरोध करने पहुंच गए। उनका कहना था कि वहां आयोजन होने से पौधे टूट जाएंगे। अनुमति के बारे में पूछने पर दोनों पक्षों के बीच काफी नोंकझोंक हो गई। मामला कुलपति तक पहुंचा तो उन्होंने दोनों पक्षों से बात कर रफादफा कराया। कुछ प्रोफेसरों का कहना था कि आयोजन के लिए अनुमति लेनी चाहिए थी। अंतत: विवाद चलते कैंपस में आयोजन नहीं हो सका। बाद में दूसरी जगह व्यवस्था की गई। हालांकि मुख्य आयोजन किसी अन्य जगह पर पहले से तय था। सूत्रों का कहना है कि कुछ प्रोफेसर तो इतने खफा हो गए कि उन्होंने तंबू उखाड़ने तक की धमकी तक दे डाली। विवाद की चर्चा मंगलवार को पूरे कैंपस में जोर पकड़ती रही।
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मेरे भतीजे की शादी का आयोजन था। पहले भी कैंपस में आयोजन होेते रहे हैं। अगर हम आयोजन करना चाहते थे तो ऐतराज क्यों? कोई पेड़ नहीं टूटा। फिर पता नहीं कुछ लोगों ने क्यों ऐतराज जताया। - प्रोफेसर राज कमल, एमबीए विभाग के प्रोफेसर
कोई विवाद नहीं था। मामूली सी बात थी। विभाग के पास पौधे लगे थे, सिर्फ उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखकर प्रोफेसर ने एतराज किया था। इससे ज्यादा मुझे जानकारी नहीं है। - प्रोफेसर अनिल शुक्ल, कुलपति
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एमबीए विभाग के प्रोफेसर राजकमल के भतीजे की शादी बरेली से तय हुई थी। बारात लखनऊ से आनी थी। राजकमल शादी का आयोजन कैंपस में करना चाहते थे, लेकिन उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से इसकी अनुमति नहीं ली। हालांकि मुख्य आयोजन किसी अन्य स्थल पर तय था। सूत्रों की मानें तो वह पहले विश्वविद्यालय कैंपस स्थित मंदिर के पास आयोजन करना चाहते थे। बाद में उन्होंने एजुकेशन डिपार्टमेंट के पास खाली मैदान में आयोजन कराने की तैयारी कर ली। अनुमति की बात पर एक कर्मचारी ने ही उन्हें आश्वस्त कर दिया कि वह आराम से कार्यक्रम करें, कोई दिक्कत नहीं होगी।
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एजुकेशन डिपार्टमेंट के पास जिस खाली मैदान में आयोजन होना था उसमें बीएड के छात्रों ने कुछ पौधे लगाए थे। कुछ प्रोफेसरों को जब शाम को वहां तंबू लगने की जानकारी मिली तो वे विरोध करने पहुंच गए। उनका कहना था कि वहां आयोजन होने से पौधे टूट जाएंगे। अनुमति के बारे में पूछने पर दोनों पक्षों के बीच काफी नोंकझोंक हो गई। मामला कुलपति तक पहुंचा तो उन्होंने दोनों पक्षों से बात कर रफादफा कराया। कुछ प्रोफेसरों का कहना था कि आयोजन के लिए अनुमति लेनी चाहिए थी। अंतत: विवाद चलते कैंपस में आयोजन नहीं हो सका। बाद में दूसरी जगह व्यवस्था की गई। हालांकि मुख्य आयोजन किसी अन्य जगह पर पहले से तय था। सूत्रों का कहना है कि कुछ प्रोफेसर तो इतने खफा हो गए कि उन्होंने तंबू उखाड़ने तक की धमकी तक दे डाली। विवाद की चर्चा मंगलवार को पूरे कैंपस में जोर पकड़ती रही।
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मेरे भतीजे की शादी का आयोजन था। पहले भी कैंपस में आयोजन होेते रहे हैं। अगर हम आयोजन करना चाहते थे तो ऐतराज क्यों? कोई पेड़ नहीं टूटा। फिर पता नहीं कुछ लोगों ने क्यों ऐतराज जताया। - प्रोफेसर राज कमल, एमबीए विभाग के प्रोफेसर
कोई विवाद नहीं था। मामूली सी बात थी। विभाग के पास पौधे लगे थे, सिर्फ उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखकर प्रोफेसर ने एतराज किया था। इससे ज्यादा मुझे जानकारी नहीं है। - प्रोफेसर अनिल शुक्ल, कुलपति