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तोमर साहब बने रहे ईमानदार.. दस करोड़ के काम ले गया ठेकेदार
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बरेली। मेयर उमेश गौतम और पूर्व मेयर डॉ. आईएस तोमर एक बार फिर एक दूसरे के खिलाफ सारे अस्त्रों के साथ आमने-सामने हैं। शनिवार को मेयर उमेश गौतम ने फिर हमला करते हुए कहा कि बतौर मेयर डॉ. तोमर खुद तो ईमानदार बनते रहे लेकिन उनके कार्यकाल के पांच सालों में उनके करीबी ठेकेदार मुनीश शर्मा से जुड़ी फर्मों ने नगर निगम में करीब दस करोड़ के ठेके लिए और दिलवाए। उन्होंने कहा कि अब डॉ. तोमर के दोनों कार्यकाल में हुए सभी कामों की जांच कराई जा रही है।
पिछले दिनों मुनीश शर्मा ने मेयर उमेश गौतम पर सरकारी जमीन कब्जाने का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उन्हें बर्खास्त करने की मांग की थी। इसके बाद मेयर उमेश गौतम ने मुनीश के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मुनीश से जुड़ी फर्म आदित्य इंजकॉन के 70 लाख के भुगतान पर रोक लगा दी गई। साथ आईवीआरआई रोड के चौड़ीकरण का 70 लाख का काम लटकाने पर फर्म को नोटिस भी दिया गया है। शनिवार को मेयर उमेश गौतम ने बताया कि जांच में सामने आया है कि पांच सालों में मुनीश शर्मा ने आदित्य इंजकॉम एवं अन्य फर्मों के नाम पर करीब दस करोड़ के ठेके लिए और दिलवाए। उन्होंने इसके साथ यह भी जांच कराई जा रही है कि डॉ. तोमर के पहले कार्यकाल में मुनीश शर्मा से जुड़ी फर्मों को कितने काम दिए गए।
डॉ. तोमर बताएं, पांच साल में अपने निजी
सचिव को दस करोड़ के काम कैसे दिए
पूर्व मेयर डॉ. आईएस तोमर के निजी सचिव मुनीश शर्मा के कारनामे बता रहे हैं कि उनके कार्यकाल में नगर निगम में कितनी ईमानदारी बरती गई। भाजपा सरकार में कितनी पारदर्शिता से काम हो रहा है कि यह तो इसी से पता लगता है कि यह सरकार तीन-तीन मंत्रियों के निजी सचिवों को ठेके दिलाने के मामले में जेल भेज देती है। दूसरी तरफ सपा सरकार में मेयर का निजी सचिव करोड़ों रुपये से अपनी जेब भरता रहा और मेयर ईमानदार भी बने रहे। यह हैरानी की बात है कि पांच साल में दस करोड़ से ज्यादा के काम मुनीश शर्मा और उनसे जुड़ी फर्मों को दिए गए। - उमेश गौतम, मेयर
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हमने किसी ठेकेदार से न विदेश यात्रा
के टिकट खरीदवाए न कपड़े सिलवाए
ठेके लेना या देना बेईमानी नहीं है। अगर काम में शिकायत है तो कार्रवाई की जाए। जहां तक ठेकेदारी का सवाल है तो मुनीश शर्मा तो सुप्रिया ऐरन के कार्यकाल से ही काम कर रहे थे। हमने तो मुनीश शर्मा या किसी और ठेकेदार से आज तक न विदेश यात्रा के टिकट खरीदवाए और न अपने परिवार वालों के कपड़े सिलवाए। समाजवादी पार्टी की सरकार में तो एक लाख के काम भी ई टेंडरिंग से होते थे, भाजपा सरकार में तो दस लाख तक के काम ऐसे ही कराकर अपनों को रेवड़ी बांटी जा - डॉ. आईएस तोमर, पूर्व मेयर
महापौर बहुत बड़ी गलतफहमी के शिकार हैं। डॉ. तोमर के समय में हॉटमिक्स प्लांट के तीन ठेकेदार रजिस्टर्ड थे। तीनों के कामों की लिस्ट बनवा लें और अगर तीनों फर्म में सबसे कम काम आदित्य इंजकॉन के न निकलें तो कार्रवाई करें। जिन विभागीय अफसरों से जांच कराई जा रही है, वे उन्हें गुमराह कर रहे हैं। - मुनीश शर्मा
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पिछले दिनों मुनीश शर्मा ने मेयर उमेश गौतम पर सरकारी जमीन कब्जाने का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उन्हें बर्खास्त करने की मांग की थी। इसके बाद मेयर उमेश गौतम ने मुनीश के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मुनीश से जुड़ी फर्म आदित्य इंजकॉन के 70 लाख के भुगतान पर रोक लगा दी गई। साथ आईवीआरआई रोड के चौड़ीकरण का 70 लाख का काम लटकाने पर फर्म को नोटिस भी दिया गया है। शनिवार को मेयर उमेश गौतम ने बताया कि जांच में सामने आया है कि पांच सालों में मुनीश शर्मा ने आदित्य इंजकॉम एवं अन्य फर्मों के नाम पर करीब दस करोड़ के ठेके लिए और दिलवाए। उन्होंने इसके साथ यह भी जांच कराई जा रही है कि डॉ. तोमर के पहले कार्यकाल में मुनीश शर्मा से जुड़ी फर्मों को कितने काम दिए गए।
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डॉ. तोमर बताएं, पांच साल में अपने निजी
सचिव को दस करोड़ के काम कैसे दिए
पूर्व मेयर डॉ. आईएस तोमर के निजी सचिव मुनीश शर्मा के कारनामे बता रहे हैं कि उनके कार्यकाल में नगर निगम में कितनी ईमानदारी बरती गई। भाजपा सरकार में कितनी पारदर्शिता से काम हो रहा है कि यह तो इसी से पता लगता है कि यह सरकार तीन-तीन मंत्रियों के निजी सचिवों को ठेके दिलाने के मामले में जेल भेज देती है। दूसरी तरफ सपा सरकार में मेयर का निजी सचिव करोड़ों रुपये से अपनी जेब भरता रहा और मेयर ईमानदार भी बने रहे। यह हैरानी की बात है कि पांच साल में दस करोड़ से ज्यादा के काम मुनीश शर्मा और उनसे जुड़ी फर्मों को दिए गए। - उमेश गौतम, मेयर
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के टिकट खरीदवाए न कपड़े सिलवाए
ठेके लेना या देना बेईमानी नहीं है। अगर काम में शिकायत है तो कार्रवाई की जाए। जहां तक ठेकेदारी का सवाल है तो मुनीश शर्मा तो सुप्रिया ऐरन के कार्यकाल से ही काम कर रहे थे। हमने तो मुनीश शर्मा या किसी और ठेकेदार से आज तक न विदेश यात्रा के टिकट खरीदवाए और न अपने परिवार वालों के कपड़े सिलवाए। समाजवादी पार्टी की सरकार में तो एक लाख के काम भी ई टेंडरिंग से होते थे, भाजपा सरकार में तो दस लाख तक के काम ऐसे ही कराकर अपनों को रेवड़ी बांटी जा - डॉ. आईएस तोमर, पूर्व मेयर
महापौर बहुत बड़ी गलतफहमी के शिकार हैं। डॉ. तोमर के समय में हॉटमिक्स प्लांट के तीन ठेकेदार रजिस्टर्ड थे। तीनों के कामों की लिस्ट बनवा लें और अगर तीनों फर्म में सबसे कम काम आदित्य इंजकॉन के न निकलें तो कार्रवाई करें। जिन विभागीय अफसरों से जांच कराई जा रही है, वे उन्हें गुमराह कर रहे हैं। - मुनीश शर्मा