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नेशनल गेम्स में भेजने से पहले खिलाड़ियों का डोप टेस्ट कराएगा रुहेलखंड विश्वविद्यालय
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Sat, 27 Oct 2018 05:16 PM IST
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फाइल फोटो
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जो खिलाड़ी नेशनल गेम्स खेलने का सपना लेकर एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय की एथलेटिक्स प्रतियोगिता में उतरेंगे वह अपने खानपान को लेकर अभी से ही सतर्क हो जाएं। जाने-अनजाने में उन्होंने प्रतिबंधित दवा का इस्तेमाल कर लिया तो चयन होने के बाद भी उनको टीम से बाहर कर दिया जाएगा। ऊपर से कार्रवाई भी होगी, क्योंकि विश्वविद्यालय इस बार चयनित खिलाड़ियों को नेशनल में भेजने से पहले डोप टेस्ट कराने की तैयारी में है। इसके लिए विश्वविद्यालय ने नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) से संपर्क साधा है।
विश्वविद्यालय की मेजबानी में 31 अक्तूबर से अंतर महाविद्यालयीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता होनी है। इसमें बरेली और मुरादाबाद मंडल के सौ से ज्यादा कॉलेज हिस्सा लेंगे। पिछले साल कुछ खिलाड़ियों द्वारा इंजेक्शन और प्रतिबंधित दवाइयां लेने की शिकायत हुई थी। यह स्पष्ट भी है कि तमाम एथलीट दवाइयों का सेवन करते हैं। वहीं एआईयू के सख्त नियम हैं कि अगर कोई खिलाड़ी डोप में पकड़ा जाता है तो उसके साथ विश्वविद्यालय पर भी कार्रवाई होगी।
विश्वविद्यालय खेल से डिबार हो सकता है। किसी खिलाड़ी के चक्कर में ऐसी नौबत न आए इसके लिए विश्वविद्यालय ऐतिहात बरत रहा है। प्रतियोगिता के विजेता जिनका चयन विश्वविद्यालय की टीम में किया जाएगा उनका एजेंसी के माध्यम से डोप टेस्ट कराया जाएगा। नाडा से हरी झंडी मिलने के बाद ही खिलाड़ियों को मंगलौर विश्वविद्यालय कर्नाटक में 24 नवंबर से होने वाली नेशनल एथलेटिक्स प्रतियोगिता के लिए भेजा जाएगा।
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'नाडा से संपर्क किया है। एथलेटिक्स प्रतियोगिता के जो विजेता होंगे जिनको हमें नेशनल के लिए चुनना है उनका डोप टेस्ट कराया जाएगा। 31 अक्तूबर से एथलेटिक्स प्रतियोगिता शुरू हो रही है। खिलाड़ी किसी तरह की दवा तो नहीं ले रहे इसपर हमारी टीम भी नजर रखेगी।'
- प्रोफेसर एके जेटली, क्रीड़ा सचिव रुविवि
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विश्वविद्यालय की मेजबानी में 31 अक्तूबर से अंतर महाविद्यालयीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता होनी है। इसमें बरेली और मुरादाबाद मंडल के सौ से ज्यादा कॉलेज हिस्सा लेंगे। पिछले साल कुछ खिलाड़ियों द्वारा इंजेक्शन और प्रतिबंधित दवाइयां लेने की शिकायत हुई थी। यह स्पष्ट भी है कि तमाम एथलीट दवाइयों का सेवन करते हैं। वहीं एआईयू के सख्त नियम हैं कि अगर कोई खिलाड़ी डोप में पकड़ा जाता है तो उसके साथ विश्वविद्यालय पर भी कार्रवाई होगी।
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विश्वविद्यालय खेल से डिबार हो सकता है। किसी खिलाड़ी के चक्कर में ऐसी नौबत न आए इसके लिए विश्वविद्यालय ऐतिहात बरत रहा है। प्रतियोगिता के विजेता जिनका चयन विश्वविद्यालय की टीम में किया जाएगा उनका एजेंसी के माध्यम से डोप टेस्ट कराया जाएगा। नाडा से हरी झंडी मिलने के बाद ही खिलाड़ियों को मंगलौर विश्वविद्यालय कर्नाटक में 24 नवंबर से होने वाली नेशनल एथलेटिक्स प्रतियोगिता के लिए भेजा जाएगा।
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'नाडा से संपर्क किया है। एथलेटिक्स प्रतियोगिता के जो विजेता होंगे जिनको हमें नेशनल के लिए चुनना है उनका डोप टेस्ट कराया जाएगा। 31 अक्तूबर से एथलेटिक्स प्रतियोगिता शुरू हो रही है। खिलाड़ी किसी तरह की दवा तो नहीं ले रहे इसपर हमारी टीम भी नजर रखेगी।'
- प्रोफेसर एके जेटली, क्रीड़ा सचिव रुविवि