{"_id":"5a598b8a4f1c1be6408b4866","slug":"61515817866-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"धर्मस्\nथलों पर लाउडस्पीकरों की गिनती शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धर्मस् थलों पर लाउडस्पीकरों की गिनती शुरू
Updated Sat, 13 Jan 2018 10:01 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो- कैरीकेचर
धर्मस्थलों पर लाउडस्पीकरों की गिनती शुरू
देर शाम बैठक के बाद सभी एसडीएम और थानेदारों को जारी किए गए आदेश
जनवरी तक मांगी शहर और ग्रामीण क्षेत्र के धर्मस्थलों के लाउडस्पीकरों की सूची
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली।
धर्मस्थलों पर रात 10 से सुबह छह बजे तक बगैर अनुमति बजने वाले लाउडस्पीकरों पर रोक लगाने के सरकार के आदेश पर अमल कराने के लिए प्रशासन और पुलिस अफसरों के बीच देर शाम काफी देर मंथन चला। इसके बाद जिले की सभी तहसीलों में एसडीएम और संबंधित थाना प्रभारियों को अपने इलाके में प्रत्येक धर्मस्थल पर लगे लाउडस्पीकरों को चिह्नित कर उनकी सूची बनाने के निर्देश जारी कर दिए गए।
एडीएम सिटी ओपी वर्मा और एसपी सिटी रोहित सजवाण ने थाना प्रभारियों के साथ देर शाम कलक्ट्रेट में मीटिंग की। इसमें धर्मस्थलों पर बजने वाले लाउडस्पीकरों को तीन दिन के अंदर चिह्नित कर उनकी सूची बनाने का फैसला लिया गया। लाउडस्पीकर चिह्नित करने के अभियान के दौरान प्रत्येक धार्मिक स्थल के संचालक को शासन से निर्धारित प्रोफार्मा दिया जाएगा। इसमें उस धर्मस्थल पर बजने वाले लाउडस्पीकर की संख्या और प्रशासनिक अनुमति ली गई या नहीं, इसका उल्लेख होगा। अगर किसी धार्मिक स्थल पर एक से अधिक लाउडस्पीकर बज रहे हैं तो उनकी आवाज कितने डेसिबल की है, अस्पताल या शिक्षण संस्थाओं के निकट लाउडस्पीकर की आवाज कितनी है, इसका उल्लेख भी प्रोफार्मा में किया जाएगा। लाउडस्पीकरों के चिन्हांकन के बाद उसके संचालक को नोटिस भेजकर पूछा जाएगा कि संबंधित स्थल पर लाउडस्पीकर प्रशासनिक अनुमति से बज रहा है या बिना अनुमति। एडीएम सिटी ओपी यादव का कहना है कि सर्वे के बाद किसी भी धार्मिक स्थल से लाउडस्पीकर बजाने के लिए आवेदन आता है तो पहले उसकी आवाज की तीव्रता की जांच होगी। इसके बाद अनुमति देने या न देने पर विचार किया जाएगा। बिना प्रशासन की अनुमति के एक भी लाउडस्पीकर नहीं बनेगा।
कोट--
कोर्ट के आदेशों के अनुरूप सभी धर्मस्थलों पर लाउडस्पीकर की स्थिति को देखा जा रहा है। सत्यापन के बाद कोई भी लाउडस्पीकर बिना अनुमति के नहीं बजेगा। अगर किसी धार्मिक स्थल का कोई व्यक्ति बिना अनुमति लिए लाउडस्पीकर बजाता पाया गया तो उस पर ध्वनि प्रदूषण नियमावली अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई होगी। रोहित सिंह सजवाण, एसपी सिटी
विज्ञापन
विज्ञापन
धर्मस्थलों पर लाउडस्पीकरों की गिनती शुरू
देर शाम बैठक के बाद सभी एसडीएम और थानेदारों को जारी किए गए आदेश
जनवरी तक मांगी शहर और ग्रामीण क्षेत्र के धर्मस्थलों के लाउडस्पीकरों की सूची
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली।
धर्मस्थलों पर रात 10 से सुबह छह बजे तक बगैर अनुमति बजने वाले लाउडस्पीकरों पर रोक लगाने के सरकार के आदेश पर अमल कराने के लिए प्रशासन और पुलिस अफसरों के बीच देर शाम काफी देर मंथन चला। इसके बाद जिले की सभी तहसीलों में एसडीएम और संबंधित थाना प्रभारियों को अपने इलाके में प्रत्येक धर्मस्थल पर लगे लाउडस्पीकरों को चिह्नित कर उनकी सूची बनाने के निर्देश जारी कर दिए गए।
एडीएम सिटी ओपी वर्मा और एसपी सिटी रोहित सजवाण ने थाना प्रभारियों के साथ देर शाम कलक्ट्रेट में मीटिंग की। इसमें धर्मस्थलों पर बजने वाले लाउडस्पीकरों को तीन दिन के अंदर चिह्नित कर उनकी सूची बनाने का फैसला लिया गया। लाउडस्पीकर चिह्नित करने के अभियान के दौरान प्रत्येक धार्मिक स्थल के संचालक को शासन से निर्धारित प्रोफार्मा दिया जाएगा। इसमें उस धर्मस्थल पर बजने वाले लाउडस्पीकर की संख्या और प्रशासनिक अनुमति ली गई या नहीं, इसका उल्लेख होगा। अगर किसी धार्मिक स्थल पर एक से अधिक लाउडस्पीकर बज रहे हैं तो उनकी आवाज कितने डेसिबल की है, अस्पताल या शिक्षण संस्थाओं के निकट लाउडस्पीकर की आवाज कितनी है, इसका उल्लेख भी प्रोफार्मा में किया जाएगा। लाउडस्पीकरों के चिन्हांकन के बाद उसके संचालक को नोटिस भेजकर पूछा जाएगा कि संबंधित स्थल पर लाउडस्पीकर प्रशासनिक अनुमति से बज रहा है या बिना अनुमति। एडीएम सिटी ओपी यादव का कहना है कि सर्वे के बाद किसी भी धार्मिक स्थल से लाउडस्पीकर बजाने के लिए आवेदन आता है तो पहले उसकी आवाज की तीव्रता की जांच होगी। इसके बाद अनुमति देने या न देने पर विचार किया जाएगा। बिना प्रशासन की अनुमति के एक भी लाउडस्पीकर नहीं बनेगा।
विज्ञापन
कोट--
कोर्ट के आदेशों के अनुरूप सभी धर्मस्थलों पर लाउडस्पीकर की स्थिति को देखा जा रहा है। सत्यापन के बाद कोई भी लाउडस्पीकर बिना अनुमति के नहीं बजेगा। अगर किसी धार्मिक स्थल का कोई व्यक्ति बिना अनुमति लिए लाउडस्पीकर बजाता पाया गया तो उस पर ध्वनि प्रदूषण नियमावली अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई होगी। रोहित सिंह सजवाण, एसपी सिटी
विज्ञापन