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साठ हजार घर डेंगू की जद में
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लार्वा तलाशती स्वास्थ्य विभाग की टीम।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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बरेली। तमाम कवायद के बावजूद डेंगू और मलेरिया के मरीजों की तादाद बढ़ती जा रही है। डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मच्छरों के लार्वा की तलाश में पिछले सात दिनों में एक लाख घरों का सर्वे कराया जिसकी रिपोर्ट के अनुसार घरों के बाहर करीब एक फीसदी मच्छर पनपते मिले जबकि अंदर चार फीसदी लार्वा मिला। डेंगू फैलाने वाला मच्छर एडीज आसपास के 15 घरों तक पहुंच सकता है लिहाजा साफ है कि जिले के करीब साठ हजार घर डेंगू की जद में हैं।
अफसरों का दावा है कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत जिले में मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के लिए फॉगिंग, लार्वासाइड स्प्रे, पायरेथ्रम स्प्रे कराया जा रहा है। बावजूद इसके डेंगू, मलेरिया के मरीजों की तादाद बढ़ती ही जा रही है। ज्यादातर एक ही परिवार में दो से तीन लोग डेंगू या मलेरिया से ग्रसित मिल रहे हैं। इसकी पड़ताल के लिए शासन के आदेश पर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने संयुक्त रूप से घरों का सर्वे कराया। घरों के पुराने सामान, गमलों और पानी भरे स्थानों की जांच कर, फोटो समेत उसकी रिपोर्ट तैयार कराई गई। ताकि वजह का पता चल सके।
सात दिनों तक चले सर्वे कार्य के बाद तैयार की गई रिपोर्ट के मुताबिक, 110249 घरों की जांच की गई। इसमें ग्रामीण इलाके के 104099 और नगर के 1494 घर शामिल हैं। इनमें से करीब 4289 घरों में जानलेवा मच्छरों का कुनबा पलता मिला। उसे मौके पर नष्ट कराया गया। घरों से बाहर फेंके गए पुराने सामान की जांच की गई तो 1564 जगहों पर मच्छर का लार्वा पाया गया।
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पानी की टंकी/ड्रम 18250 491
डेजर्ट पानी कूलर 15499 569
फ्रिज के बैक ट्रे 12633 492
बेकार पड़े टायर 11840 713
फेंके हुए सामान 16235 539
पाइप वाटर लाइन 1698 152
निर्माण जल भंडारण 2332 147
फूलों के गुलदस्ते 68116 1821
मिश्रित कन्टेनर 11303 418
नोट: जिला मलेरिया विभाग से प्राप्त आंकड़े
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अफसरों का दावा है कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत जिले में मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के लिए फॉगिंग, लार्वासाइड स्प्रे, पायरेथ्रम स्प्रे कराया जा रहा है। बावजूद इसके डेंगू, मलेरिया के मरीजों की तादाद बढ़ती ही जा रही है। ज्यादातर एक ही परिवार में दो से तीन लोग डेंगू या मलेरिया से ग्रसित मिल रहे हैं। इसकी पड़ताल के लिए शासन के आदेश पर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने संयुक्त रूप से घरों का सर्वे कराया। घरों के पुराने सामान, गमलों और पानी भरे स्थानों की जांच कर, फोटो समेत उसकी रिपोर्ट तैयार कराई गई। ताकि वजह का पता चल सके।
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सात दिनों तक चले सर्वे कार्य के बाद तैयार की गई रिपोर्ट के मुताबिक, 110249 घरों की जांच की गई। इसमें ग्रामीण इलाके के 104099 और नगर के 1494 घर शामिल हैं। इनमें से करीब 4289 घरों में जानलेवा मच्छरों का कुनबा पलता मिला। उसे मौके पर नष्ट कराया गया। घरों से बाहर फेंके गए पुराने सामान की जांच की गई तो 1564 जगहों पर मच्छर का लार्वा पाया गया।
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फ्रिज की ट्रे और कूलर में सबसे ज्यादा लार्वा
टीम के मुताबिक घरों के भीतर और खिड़कियों से सटाकर रखे गए कूलर और फ्रिज के पीछे की ओर लगी पानी की ट्रे (कंडेननेशन प्लेट) की जांच की गई। इनमें भी मच्छरों का कुनबा तैयार होता पाया गया। इसकी जानकारी घर के लोगों को दी गई। उन्हें नियमित तौर पर इसकी सफाई करने को कहा गया।गंदे नहीं साफ पानी में पनपता है लार्वा
जिला मलेरिया अधिकारी डीआर सिंह ने बताया कि मच्छरों का लार्वा बड़े पैमाने पर घरों में ही पनप रहा है। डेंगू मच्छर का लार्वा गंदे पानी में नहीं पनपता है। लोगों से लगातार अपील करने और साफ-सफाई के सुझाव देने के बावजूद घरों में रखे पुराने सामान, छत पर फेंके गए सामान, नमी वाले स्थानों, जलभराव वाली जगहों की नियमित जांच और सफाई नहीं हो रही है। मलेरिया इंस्पेक्टर के मुताबिक, जिन इलाकों के घरों के निरीक्षण में डेंगू का लार्वा पनपता मिला था। उस इलाके में जब किसी व्यक्ति में डेंगू की पुष्टि होने पर टीम फिर से सर्वे के लिए पहुुंच रही है तो लोग जांच के लिए घर में नहीं घुसने दे रहे हैं। इसे लेकर नोंकझोंक होने की शिकायतें मिल रही हैं। कहा, किसी भी इलाके में एक व्यक्ति के डेंगू पीड़ित मिलने पर आसपास के 15 घरों की जांच की जाती है।एंटोमोलाजिकल सर्विलांस रिपोर्ट
सामान जांच की लार्वा मिलापानी की टंकी/ड्रम 18250 491
डेजर्ट पानी कूलर 15499 569
फ्रिज के बैक ट्रे 12633 492
बेकार पड़े टायर 11840 713
फेंके हुए सामान 16235 539
पाइप वाटर लाइन 1698 152
निर्माण जल भंडारण 2332 147
फूलों के गुलदस्ते 68116 1821
मिश्रित कन्टेनर 11303 418
नोट: जिला मलेरिया विभाग से प्राप्त आंकड़े
डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए लोगों को भी सजग होना होगा। रिपोर्ट के अनुसार बड़ी तादाद में घरों में ही डेंगू के लार्वा पनपते मिले हैं। लोगों से अपील है कि वह अपने घरों में कहीं पानी इकट्ठा न होने दें। अगर कोई व्यक्ति बुखार से पीड़ित है तो वह आशा या स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र पर सूचना दे ताकि उनकी जांच हो सके। पीड़ित मिलने पर इलाज शुरू हो सके। - डॉ. बलबीर सिंह, सीएमओ