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गांधी उद्यान में नहीं गूंजेंगी शहनाई, ऑकवुड पर पड़ेगा ताला
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बरेली। गांधी उद्यान में संचालित बरातघर ऑक वुड पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। बरातघर की लीज खत्म हो चुकी है और अब नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. ने इसके नवीनीकरण पर रोक लगा दी है।
अंग्रेजों के जमाने के गांधी उद्यान में बरेली क्लब की ओर एक गड्ढा होता था, जिसे ओपन थिएटर बनाया गया था। मगर उपेक्षित रहने के चलते यह प्रयोग नाकाम हो गया। इसके बाद सपा सरकार के शासनकाल में तत्कालीन मेयर डॉ. आईएस तोमर ने तीन साल पहले बरातघर चलाने के लिए इसे ठेके पर दे दिया और यहां ऑकवुड के नाम से बरातघर बना दिया गया। इसके बाद से ही यहां टहलने आने वाले लोगों ने नगर निगम में बरातघर संचालक के खिलाफ कई बार शिकायत की। लोगों का आरोप था कि शादी-बरात के बाद आयोजक वहां गंदगी छोड़ जाते हैं। पिछले दिनों नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. ने जब गांधी उद्यान का निरीक्षण किया तो वहां व्यवसायिक गतिविधि पर एतराज जताया था। इसके बाद 31 मार्च 2019 को बरातघर संचालन की लीज समाप्त हो गई। संचालक ने लीज नवीनीकरण के लिए नगर निगम में आवेदन किया, लेकिन नगर आयुक्त ने नवीनीकरण को मंजूरी न देकर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया है।
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अंग्रेजों के जमाने के गांधी उद्यान में बरेली क्लब की ओर एक गड्ढा होता था, जिसे ओपन थिएटर बनाया गया था। मगर उपेक्षित रहने के चलते यह प्रयोग नाकाम हो गया। इसके बाद सपा सरकार के शासनकाल में तत्कालीन मेयर डॉ. आईएस तोमर ने तीन साल पहले बरातघर चलाने के लिए इसे ठेके पर दे दिया और यहां ऑकवुड के नाम से बरातघर बना दिया गया। इसके बाद से ही यहां टहलने आने वाले लोगों ने नगर निगम में बरातघर संचालक के खिलाफ कई बार शिकायत की। लोगों का आरोप था कि शादी-बरात के बाद आयोजक वहां गंदगी छोड़ जाते हैं। पिछले दिनों नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. ने जब गांधी उद्यान का निरीक्षण किया तो वहां व्यवसायिक गतिविधि पर एतराज जताया था। इसके बाद 31 मार्च 2019 को बरातघर संचालन की लीज समाप्त हो गई। संचालक ने लीज नवीनीकरण के लिए नगर निगम में आवेदन किया, लेकिन नगर आयुक्त ने नवीनीकरण को मंजूरी न देकर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया है।
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