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निर्माण कार्यों पर फूंके 150 करोड़, नाला जुड़वाने को चंद लाख नहीं लगाए
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निर्माण कार्यों पर फूंके 150 करोड़, नाला जुड़वाने को चंद लाख नहीं लगाए
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
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बरेली। पैसे का उपयोग करना अलग बात है और पैसा खपाना अलग। चालू वित्तीय वर्ष में नगर निगम ने निर्माण कार्यों पर डेढ़ सौ करोड़ रुपये खपा दिए, लेकिन बदायूं रोड पर तीन करोड़ की लागत से बने नालों को इंटर कनेक्ट किए बगैर यूं ही छोड़ दिया। नालों को आपस में जोड़ने के लिए कुछ लाख की मामूली रकम खर्च होनी है, लेकिन इतना छोटा काम कराने में नगर निगम के अधिकारी दिलचस्पी ही नहीं दिखा रहे हैं। नतीजा यह है कि तीन करोड़ खर्च होने के बावजूद ये नाले जनता के किसी काम नहीं आ रहे हैं।
नगर निगम ने इस वित्तीय वर्ष में अब तक निर्माण कार्यों पर करीब 150 करोड़ रुपये का बजट खर्च किया है। इस धनराशि से नाला, सड़क, सीसी टाइल्स आदि निर्माण कार्य कराए गए हैं। करीब 50 करोड़ के काम तो पिछले तीन महीने में ही कराए गए हैं, लेकिन अफसरों की लापरवाही के चलते करीब साल भर पहले करोड़ों रुपये खर्च करके बनाए गए नाले अब तक नहीं जोड़े जा सके हैं। इसके चलते बरसात में शहरवासियों को फिर मुसीबत कर सामना करना होगा जबकि इस काम पर कुछ लाख रुपये ही खर्च करने हैं।
टुकड़ों में बनाकर छोड़ा नाला
बदायूं रोड पर चौपुला पुल से लेकर करगैना के आगे तक करीब तीन किलोमीटर लंबा नाला बनाया गया है। पिछले तीन सालों में अलग-अलग टुकड़ों में इस नाले के निर्माण पर करीब तीन करोड़ रुपये खर्च किए गए। सारे टुकड़ों का निर्माण भी पूरा हो गया है, लेकिन यह नाला चौपुला पुल, शांति विहार और गन्ना मिल समेत कई स्थानों पर आपस में जोड़ा नहीं गया है।
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नाले पर फूंके 90 लाख, अतिक्रमण पर उलझे
बानखाना में फैयाज बिल्डंग से चौधरी तालाब क्रॉसिंग की ओर दो टुकड़ों में बनाए नाले पर 90 लाख रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन फैयाज बिल्डिंग तिराहे के पास एक बिल्डिंग बीच में आई तो काम रुक गया। निगम के अतिक्रमण दस्ते ने मकान मालिक को मोहलत दे दी और वह कोर्ट से स्टे ले आया। इसके बाद से यह नाला अधर में लटका पड़ा है, जबकि यहां पर पाइप डालकर भी नाला जोड़ा जा सकता है।
टुकड़ों में बने नालों की कनेक्टिविटी जहां भी बची है, उनकी सूची तैयार कराई जाएगी। इसी बजट में प्रावधान करके उन्हें जुड़वा दिया जाएगा। - सैमुअल पॉल एन., नगर आयुक्त
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नगर निगम ने इस वित्तीय वर्ष में अब तक निर्माण कार्यों पर करीब 150 करोड़ रुपये का बजट खर्च किया है। इस धनराशि से नाला, सड़क, सीसी टाइल्स आदि निर्माण कार्य कराए गए हैं। करीब 50 करोड़ के काम तो पिछले तीन महीने में ही कराए गए हैं, लेकिन अफसरों की लापरवाही के चलते करीब साल भर पहले करोड़ों रुपये खर्च करके बनाए गए नाले अब तक नहीं जोड़े जा सके हैं। इसके चलते बरसात में शहरवासियों को फिर मुसीबत कर सामना करना होगा जबकि इस काम पर कुछ लाख रुपये ही खर्च करने हैं।
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टुकड़ों में बनाकर छोड़ा नाला
बदायूं रोड पर चौपुला पुल से लेकर करगैना के आगे तक करीब तीन किलोमीटर लंबा नाला बनाया गया है। पिछले तीन सालों में अलग-अलग टुकड़ों में इस नाले के निर्माण पर करीब तीन करोड़ रुपये खर्च किए गए। सारे टुकड़ों का निर्माण भी पूरा हो गया है, लेकिन यह नाला चौपुला पुल, शांति विहार और गन्ना मिल समेत कई स्थानों पर आपस में जोड़ा नहीं गया है।
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नाले पर फूंके 90 लाख, अतिक्रमण पर उलझे
बानखाना में फैयाज बिल्डंग से चौधरी तालाब क्रॉसिंग की ओर दो टुकड़ों में बनाए नाले पर 90 लाख रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन फैयाज बिल्डिंग तिराहे के पास एक बिल्डिंग बीच में आई तो काम रुक गया। निगम के अतिक्रमण दस्ते ने मकान मालिक को मोहलत दे दी और वह कोर्ट से स्टे ले आया। इसके बाद से यह नाला अधर में लटका पड़ा है, जबकि यहां पर पाइप डालकर भी नाला जोड़ा जा सकता है।
टुकड़ों में बने नालों की कनेक्टिविटी जहां भी बची है, उनकी सूची तैयार कराई जाएगी। इसी बजट में प्रावधान करके उन्हें जुड़वा दिया जाएगा। - सैमुअल पॉल एन., नगर आयुक्त