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कुंभ की तैयारीः नदी मैया! तुम ही बता दो, किला हो या देवरनिया
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बरेली। कुंभ के चलते शासन ने नदियों-नालों की निगरानी के निर्देश दिए हैं। मगर नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) के अफसर कई दिन तक नदी के नाम को लेकर उलझे रहे। विभिन्न स्रोतों से जानकारी जुटाने के बाद बृहस्पतिवार को तय हो सका कि किला क्षेत्र से गुजरने वाली नदी, देवरनिया नदी ही है। किला क्षेत्र से गुजरने के कारण लोग इसे किला नदी कहने लगे।
पिछले दिनों नदियों की निगरानी संबंधी रिपोर्ट में नगर निगम ने पीसीबी को लिखकर दिया कि नकटिया, देवरनिया और रामगंगा नदी उसकी सीमा से बाहर हैं। इसी बीच कुंभ को लेकर नदियों की निगरानी के निर्देश आए। इस पर पीसीबी ने किला से गुजरने वाली नदी को देवरनिया नदी बताया और उसमें गोबर डाले जाने संबंधी रिपोर्ट बनाकर जिला प्रशासन को दे दी। इसके बाद नगर निगम और पीसीबी इसे लेकर उलझ गए कि नदी का वास्तविक नाम क्या है। निगम इसे देवरनिया नदी मानने को तैयार नहीं था। इसके बाद बृहस्पतिवार को पीसीबी के एई शशि बिंदकर और वैज्ञानिक सहायक पीसी कनौजिया नगर निगम पहुंचे। वहां से नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अब्बास अली अंसारी एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम को साथ लेकर नदी पर पहुंचे। लोगों से भी जानकारी ली और फिर तय किया गया कि यह देवरनिया नदी ही है, किला क्षेत्र से गुजरने के कारण इसे किला नदी कहते हैं।
डेयरी वाले बहा रहे गोबर, लगेगा 50 हजार जुर्माना
जांच के दौरान सामने आया कि डेयरी संचालक किला नदी में गोबर बहा रहे हैं। इसको लेकर कुछ डेयरी संचालकों पर जुर्माना भी लगाया गया। इसके साथ ही नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव ने चेतावनी दी है कि आगे से नदी में गोबर बहाने वालों पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और फिर भी न मानने पर रिपोर्ट भी दर्ज कराई जाएगी।
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पिछले दिनों नदियों की निगरानी संबंधी रिपोर्ट में नगर निगम ने पीसीबी को लिखकर दिया कि नकटिया, देवरनिया और रामगंगा नदी उसकी सीमा से बाहर हैं। इसी बीच कुंभ को लेकर नदियों की निगरानी के निर्देश आए। इस पर पीसीबी ने किला से गुजरने वाली नदी को देवरनिया नदी बताया और उसमें गोबर डाले जाने संबंधी रिपोर्ट बनाकर जिला प्रशासन को दे दी। इसके बाद नगर निगम और पीसीबी इसे लेकर उलझ गए कि नदी का वास्तविक नाम क्या है। निगम इसे देवरनिया नदी मानने को तैयार नहीं था। इसके बाद बृहस्पतिवार को पीसीबी के एई शशि बिंदकर और वैज्ञानिक सहायक पीसी कनौजिया नगर निगम पहुंचे। वहां से नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अब्बास अली अंसारी एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम को साथ लेकर नदी पर पहुंचे। लोगों से भी जानकारी ली और फिर तय किया गया कि यह देवरनिया नदी ही है, किला क्षेत्र से गुजरने के कारण इसे किला नदी कहते हैं।
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डेयरी वाले बहा रहे गोबर, लगेगा 50 हजार जुर्माना
जांच के दौरान सामने आया कि डेयरी संचालक किला नदी में गोबर बहा रहे हैं। इसको लेकर कुछ डेयरी संचालकों पर जुर्माना भी लगाया गया। इसके साथ ही नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव ने चेतावनी दी है कि आगे से नदी में गोबर बहाने वालों पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और फिर भी न मानने पर रिपोर्ट भी दर्ज कराई जाएगी।
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