फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   फोकस ट्रांसफर-पोस्टिंग पर, टूटी सड़कें कौन सुधारे

फोकस ट्रांसफर-पोस्टिंग पर, टूटी सड़कें कौन सुधारे

Wed, 15 Aug 2018 01:00 AM IST
Updated Wed, 15 Aug 2018 01:00 AM IST
विज्ञापन
फोकस ट्रांसफर-पोस्टिंग पर, टूटी सड़कें कौन सुधारे
बारिश में सड़कों को उनके हाल पर छोड़कर पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन से लेकर एई और जेई इन दिनों अपना मनचाहा ट्रांसफर और पोस्टिंग कराने में जुटे हैं। अभियंताओं के इस रवैये से बारिश से खराब हो रहीं सड़कों की हालत बदतर होती जा रही है। कई अभियंताओं की लापरवाही की ये शिकायतें भी चीफ इंजीनियर दफ्तर तक पहुंच चुकी हैं।
विज्ञापन

मानसून सीजन से पहले पीडब्ल्यूडी स्टाफ के स्थानांतरण आमतौर पर नहीं होते हैं, लेकिन इस बार जुलाई की शुरुआत में ‘ऊपर’ से लेकर ‘नीचे’ तक अभियंताओं के बड़े पैमाने पर तबादले हुए हैं। बरेली जिले के भी दोनों अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड के जीएस वर्मा और निर्माण खंड के प्रभाकर शर्मा का स्थानांतरण हो गया है। इसके अलावा बदायूं, शाहजहांपुर और पीलीभीत में भी आधा दर्जन अधिशासी अभियंता इधर से उधर किए गए हैं। सहायक और अवर अभियंताओं के भी बड़े पैमाने पर तबादले हुए हैं। इंजीनियर मनचाहे जिले में पोस्टिंग कराने के लिए जोड़तोड़ में जुटे हैं। लिहाजा वे बारिश से टूट रहीं सड़कों पर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। बारिश से सड़कों के टूटने और धंसने के मामले लगातार सामने आने के बावजूद अभियंता अपनी सारी ‘ऊर्जा’ पोस्टिंग कराने के जुगाड़ में लगा रहे हैं।
विज्ञापन


तहसील दिवस के बहाने जिले से गायब हो गए थे एक एक्सईएन
ट्रांसफर-पोस्टिंग की जुगाड़ में लगे ज्यादातर एक्सईएन कई महत्वपूर्ण मौके पर भी जिला मुख्यालय पर मौजूद नहीं रहते हैं। ऐसा ही एक मामला पीलीभीत के तहसील दिवस में सामने आया था। वहां पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन तहसील दिवस में जाने की कहकर दफ्तर से निकले लेकिन तहसील दिवस में नहीं पहुंचे। बारिश में सड़कों के खराब होने की तमाम शिकायतें आ रहीं थीं, लेकिन एक्सईएन बिना बताए गायब हो गए। डीएम ने इसकी शिकायत भी सीधे चीफ इंजीनियर राकेश राजवंशी से की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


तबादला कराने में जुटे हैं एक इंजीनियर
पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर का ट्रांसफर किसी दूसरे जिले में न होकर उन्हें उनके उच्चाधिकारी के कार्यालय में अटैच कर दिया गया है। इससे इन दिनों वह परेशान घूम रहे हैं। उनकी जगह पर अभी कोई दूसरा अभियंता भी तैनात नहीं हुआ है, इसलिए वह शासन में जुगाड़ भिड़ा रहे हैं कि या तो उनका ट्रांसफर दूसरे जिले में कर दिया जाए या फिर उनकी तैनाती पूर्ववत रखी जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed