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Bareilly News: रोज 50 हजार लोगों की आमद, पर कचहरी के पास सुविधाएं नदारद

Thu, 01 Oct 2026 01:04 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Thu, 01 Oct 2026 01:04 AM IST
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50,000 people visit the court every day, but the facilities are missing.
बरेली। जंक्शन को छोड़ दें तो शहर का सबसे व्यस्त इलाका कचहरी के आस-पास का है। यहां रोज 50 हजार से ज्यादा लोगों की आमद होती है, लेकिन प्रमुख कार्यालयों के अंदर की बात छोड़ दें तो बाहर उनको मूलभूत सुविधाएं तक मयस्सर नहीं होतीं। बरेली बार एसोसिएशन और एडवोकेट बार एसोसिएशन भी इसको लेकर कई बार मांग कर चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
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कोर्ट परिसर में 50 से ज्यादा अदालतें हैं। परिसर में मोटर वाहन दुर्घटना दावा अधिकरण, स्थायी लोक अदालत, जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग समेत अन्य ट्रिब्यूनल भी हैं। अदालतों में तैनात न्यायिक कर्मचारियों के अलावा तीन हजार से ज्यादा अधिवक्ताओं और बड़ी संख्या में वादकारियों, आरोपियों का भी न्यायालयों में आना होता है।
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इसके अलावा पास ही डीएम कार्यालय, तहसील सदर और एसएसपी कार्यालय भी हैं। यहां भी बड़ी संख्या में फरियादी और अन्य कार्यों से लोगों का आना-जाना होता है। जिला जेल में बाहर बंदियों और कैदियों से मिलाई करने वालों की कतार लगती है और रजिस्ट्री कार्यालय पर भी भीड़ रहती है। पास ही आबकारी, सेवायोजन, पूर्व सैनिक कल्याण कार्यालय और गन्ना दफ्तर भी हैं।
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गौर करने की बात यह है कि यहां आस-पास कोई पार्किंग तक नहीं है। सड़कों के दोनों ओर वाहन खड़े रहने से जाम की स्थिति बनी रहती है। कई बार वादकारियों को न्यायालय में पूरा दिन लग जाता है। मूलभूत सुविधाओं के लिए सिर्फ वादकारियों को ही नहीं, वकीलों को भी भटकना पड़ता है। सुविधाओं की स्थिति खराब होने से रोजाना हजारों लोग परेशान होते हैं।
प्रसाधन के लिए भटकती हैं महिला अधिवक्ता
कचहरी परिसर के आसपास सबसे बुरी स्थिति महिलाओं की रहती है। एक हजार से ज्यादा महिला अधिवक्ता भी प्रसाधन के लिए भटकती हैं। स्टेट बैंक के पास एक पिंक शौचालय है, लेकिन यह कचहरी से दूर होने के कारण महिला अधिवक्ताओं को लाभ नहीं मिल पा रहा है। बरेली बार की बैठक में कई बार यह मुद्दा उठा, लेकिन समाधान अब तक नहीं निकल सका।
महिला अधिवक्ताओं की हो रही अनदेखी
कचहरी के आसपास महिलाओं के लिए प्रसाधन की व्यवस्था न होने के कारण काफी परेशानी होती है। महिला अधिवक्ताओं के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण नहीं मिल पा रहा। उनके पास चैंबर भी नहीं हैं।- नुसरत जहां, एडवोकेट
निस्तारण के लिए इच्छा शक्ति जरूरी
तमाम समस्याएं हैं। सफाई, जलभराव आम बात है। एडवोकेट बार समस्याओं के निस्तारण के लिए काम कर रहा है। समस्याओं के निपटारे के लिए दावों और वादों की नहीं, बल्कि इच्छा शक्ति की जरूरत होती है।- अनिल द्विवेदी, अध्यक्ष एडवोकेट बार
लगातार चल रही अधिकारियों से वार्ता
पार्किंग, साफ-सफाई, जलनिकासी की समस्या को लेकर बरेली बार की लगातार संबंधित अधिकारियों से वार्ता चल रही है। महिला अधिवक्ताओं की समस्या को लेकर भी बार गंभीरता से काम कर रहा है। - हुलासी राम, उपाध्यक्ष बरेली बार

स्वच्छ और सुरक्षित प्रसाधन की जरूरत
सिर्फ महिला अधिवक्ता ही नहीं, आम महिलाओं के लिए भी स्वच्छ और सुरक्षित प्रसाधन की जरूरत है। जिम्मेदारों को महिलाओं की समस्याएं समझनी चाहिए। बार को भी इस संबंध में मनोयोग से काम करना होगा। - पिंकी पाल, एडवोकेट
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