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दुकानों की नीलामी के प्रस्ताव पर कैंट बोर्ड की बैठक में हंगामा
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बरेली। पिछले 90 वर्षों से नियमानुसार किराया अदा कर रहे करीब 80 दुकानदारों से दुकानें खाली कराने के प्रस्ताव पर कैंट बोर्ड की बैठक में बृहस्पतिवार को जमकर हंगामा हुआ। सदस्यों ने दुकानें खाली कराने के बजाय किराया बढ़ाने की मांग की। अधिकारियों की ओर से कोई सुनवाई न होने पर यह प्रस्ताव अगली बैठक तक स्थगित कर दिया गया। अब आगामी बोर्ड बैठक में इस पर निर्णय लिया जाएगा।
बृहस्पतिवार को कैंट बोर्ड की बैठक बुलाई गई थी। जिसका एजेंडा करीब 5 दिन पहले जारी हो गया था, जिसमें दुकानें खाली कराने समेत कुल सात प्रस्ताव शामिल थे। दुकानों की नीलामी का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में रखने के साथ ही कैंट और सदर बाजार के व्यापारियोें में खलबली मच गई। बैठक से पहले तमाम व्यापारी कैंट बोर्ड अध्यक्ष ब्रिगेडियर इंद्रजीत सिंह से मिलने पहुंच गए। बीआई बाजार व्यापार मंडल के केएल गेरा ने कहा कि दुकान खाली होने से उनके सामने भरण-पोषण का संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए नियमानुसार किराया बढ़ाने की मांग की। जिस पर कैंट बोर्ड अध्यक्ष ने आश्वस्त किया है। इसके बाद बोर्ड सदस्यों ने दुकानों की नीलामी का प्रस्ताव हटाने की बात कही। काफी बहस के बाद आखिरकार प्रस्ताव आगामी बोर्ड बैठक के लिए टाल दिया गया। उसके बाद सैन्य क्षेत्र में सफाई कार्य, कर्मचारियों की फंड संबंधी समस्याओं के निस्तारण के लिए अलग व्यवस्था, स्टाफ के लिए नई कार खरीदने, कैंट क्षेत्र में पार्किंग जोन बनाने के लिए स्थान के चयन के प्रस्ताव मंजूर हुए।
सदस्यों की आपत्ति
बोर्ड उपाध्यक्ष शिखा नायर समेत सदस्य वेद प्रकाश तनेजा, मदन सिंह बिष्ट, राजकुमार एडवोकेट, धर्मवीर यादव, अब्दुल हमीद, मीता सती का कहना है कि कैंट बोर्ड में वे नियम कानून लागू किए जा रहे हैं, जो देश के 62 कैंट बोर्डों में लागू नहीं हैं और न ही प्रस्तावित हैं। उन्होंने बोर्ड अध्यक्ष को सामूहिक रूप से दुकानों के रिन्यूवल और जनहित में कार्य करने का ज्ञापन सौंपा। वहीं, जबरन दुकान खाली कराने पर भारी विवाद और हंगामे की संभावना जताई है। कैंट बोर्ड के एई आरके माहेश्वरी ने बताया कि दुकानों के अलावा अन्य सभी प्रस्तावों पर विचार विमर्श के बाद बोर्ड ने सकारात्मक निर्णय लिया है।
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बृहस्पतिवार को कैंट बोर्ड की बैठक बुलाई गई थी। जिसका एजेंडा करीब 5 दिन पहले जारी हो गया था, जिसमें दुकानें खाली कराने समेत कुल सात प्रस्ताव शामिल थे। दुकानों की नीलामी का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में रखने के साथ ही कैंट और सदर बाजार के व्यापारियोें में खलबली मच गई। बैठक से पहले तमाम व्यापारी कैंट बोर्ड अध्यक्ष ब्रिगेडियर इंद्रजीत सिंह से मिलने पहुंच गए। बीआई बाजार व्यापार मंडल के केएल गेरा ने कहा कि दुकान खाली होने से उनके सामने भरण-पोषण का संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए नियमानुसार किराया बढ़ाने की मांग की। जिस पर कैंट बोर्ड अध्यक्ष ने आश्वस्त किया है। इसके बाद बोर्ड सदस्यों ने दुकानों की नीलामी का प्रस्ताव हटाने की बात कही। काफी बहस के बाद आखिरकार प्रस्ताव आगामी बोर्ड बैठक के लिए टाल दिया गया। उसके बाद सैन्य क्षेत्र में सफाई कार्य, कर्मचारियों की फंड संबंधी समस्याओं के निस्तारण के लिए अलग व्यवस्था, स्टाफ के लिए नई कार खरीदने, कैंट क्षेत्र में पार्किंग जोन बनाने के लिए स्थान के चयन के प्रस्ताव मंजूर हुए।
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सदस्यों की आपत्ति
बोर्ड उपाध्यक्ष शिखा नायर समेत सदस्य वेद प्रकाश तनेजा, मदन सिंह बिष्ट, राजकुमार एडवोकेट, धर्मवीर यादव, अब्दुल हमीद, मीता सती का कहना है कि कैंट बोर्ड में वे नियम कानून लागू किए जा रहे हैं, जो देश के 62 कैंट बोर्डों में लागू नहीं हैं और न ही प्रस्तावित हैं। उन्होंने बोर्ड अध्यक्ष को सामूहिक रूप से दुकानों के रिन्यूवल और जनहित में कार्य करने का ज्ञापन सौंपा। वहीं, जबरन दुकान खाली कराने पर भारी विवाद और हंगामे की संभावना जताई है। कैंट बोर्ड के एई आरके माहेश्वरी ने बताया कि दुकानों के अलावा अन्य सभी प्रस्तावों पर विचार विमर्श के बाद बोर्ड ने सकारात्मक निर्णय लिया है।
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