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पेड़ पर बैठी दिखी मादा तेंदुआ
Updated Wed, 28 Nov 2018 06:19 PM IST
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पेड़ पर बैठी दिखी मादा तेंदुआ
बांकेगंज। कस्बा से सटे चौधीपुर गांव में तेंदुए की मौजूदगी से ग्रामीण चौकन्ने हैं। ग्रामीणों के मुताबिक बुधवार सुबह एक मादा तेंदुआ खारजा नहर पटरी पर लगे सेमल के पेड़ पर बैठी दिखाई दी। पेड़ के नीचे तीन शावक अठखेलियां कर रहे थे। वन विभाग ने भी वहां तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि की है।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के मैलानी रेंज की जटपुरा बीट और बांकेगंज कस्बा से सटे चौधीपुर गांव के निकट खारजा नहर पटरी पर बुधवार सुबह एक मादा तेंदुआ सेमल के पेड़ पर बैठी दिखाई दी, जबकि उसके तीन शावक पेड़ के नीचे उछल-कूद कर रहे थे। पेड़ पर बैठी मादा तेंदुआ और शावक को देख ग्रामीण वहां से भाग खड़े हुए। उन्होंने गांव के लोगों के साथ वन विभाग को भी इसकी सूचना दी। वन कर्मियों ने मौके पर जाकर पगचिह्न देखने के बाद तेंदुआ और शावकों की मौजूदगी की पुष्टि की है।
ग्रामीणों के मुताबिक चौधीपुर और पूरनपुर गांव के आसपास तीन तेंदुए सक्रिय हैं। इनके साथ शावकों के होने से इस बात का अंदाजा लगाया जा रहा है कि इनमें से एक तेंदुआ मादा है, जो अपने शावकों के साथ है। ग्रामीणों का यह भी कहना है शावकों के साथ मादा तेंदुआ अधिक खतरनाक हो सकती है। फिलहाल पिछले चौबीस घंटे में तेंदुए ने कोई शिकार नहीं किया है, लेकिन ग्रामीण बताते हैं कि गांव के पास गन्ने के खेतों रात भर तेंदुए के गुर्राने की आवाजें आती रही।
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चौधीपुर गांव के पास एक तेंदुआ और उसके तीन शावक देखे जाने की सूचना मिली है। ग्रामीणों से कहा गया है कि वे शावकों के निकट न जाएं। ऐसा करने से मादा तेंदुआ हमलावर हो सकती है। वन कर्मियों की टीम लगातार तेंदुए की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।
- डॉ. अनिल कुमार पटेल, उप-निदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व, बफरजोन
बांकेगंज। कस्बा से सटे चौधीपुर गांव में तेंदुए की मौजूदगी से ग्रामीण चौकन्ने हैं। ग्रामीणों के मुताबिक बुधवार सुबह एक मादा तेंदुआ खारजा नहर पटरी पर लगे सेमल के पेड़ पर बैठी दिखाई दी। पेड़ के नीचे तीन शावक अठखेलियां कर रहे थे। वन विभाग ने भी वहां तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि की है।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के मैलानी रेंज की जटपुरा बीट और बांकेगंज कस्बा से सटे चौधीपुर गांव के निकट खारजा नहर पटरी पर बुधवार सुबह एक मादा तेंदुआ सेमल के पेड़ पर बैठी दिखाई दी, जबकि उसके तीन शावक पेड़ के नीचे उछल-कूद कर रहे थे। पेड़ पर बैठी मादा तेंदुआ और शावक को देख ग्रामीण वहां से भाग खड़े हुए। उन्होंने गांव के लोगों के साथ वन विभाग को भी इसकी सूचना दी। वन कर्मियों ने मौके पर जाकर पगचिह्न देखने के बाद तेंदुआ और शावकों की मौजूदगी की पुष्टि की है।
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ग्रामीणों के मुताबिक चौधीपुर और पूरनपुर गांव के आसपास तीन तेंदुए सक्रिय हैं। इनके साथ शावकों के होने से इस बात का अंदाजा लगाया जा रहा है कि इनमें से एक तेंदुआ मादा है, जो अपने शावकों के साथ है। ग्रामीणों का यह भी कहना है शावकों के साथ मादा तेंदुआ अधिक खतरनाक हो सकती है। फिलहाल पिछले चौबीस घंटे में तेंदुए ने कोई शिकार नहीं किया है, लेकिन ग्रामीण बताते हैं कि गांव के पास गन्ने के खेतों रात भर तेंदुए के गुर्राने की आवाजें आती रही।
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चौधीपुर गांव के पास एक तेंदुआ और उसके तीन शावक देखे जाने की सूचना मिली है। ग्रामीणों से कहा गया है कि वे शावकों के निकट न जाएं। ऐसा करने से मादा तेंदुआ हमलावर हो सकती है। वन कर्मियों की टीम लगातार तेंदुए की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।
- डॉ. अनिल कुमार पटेल, उप-निदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व, बफरजोन