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मंडल में 40 फीसदी किसान मृदा हेल् थ कार्ड से वंचित
Updated Wed, 09 May 2018 01:20 AM IST
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मंडल में 40 फीसदी किसान मृदा हेल्थ कार्ड से वंचित
कार्ड बन गए, लेकिन कृषि विभाग के कर्मचारियों ने नहीं बांटे
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भले ही किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सरकारी सिस्टम अब भी किसानों की समस्याओं को के प्रति उदासीन है। सरकार की मृदा हेल्थ योजना को ही लीजिए। पूरा वर्ष बीतने के बाद भी कृषि विभाग रुहेलखंड मंडल में लगभग 40 फीसदी किसानों को मृदा हेल्थ कार्ड नहीं बांट पाया है।
मृदा परीक्षण योजना में कृषि विभाग का काम अब भी पटरी पर नहीं आ पाया है। बीते साल मंडलीय लैब में 2.81 लाख मृदा नमूनों का परीक्षण नहीं हो पाया। अगस्त 2017 में अमर उजाला में यह मामला उठने के बाद कृषि विभाग ने चाराें जिलों में लैब बनाकर मृदा परीक्षण कराना शुरू किया, लेकिन अब तक सभी किसानों का मृदा परीक्षण नहीं हो पाया। दूसरी सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कृषि विभाग मंडल में लगभग 40 फीसदी किसानों को मृदा हेल्थ कार्ड जारी नहीं कर पाया। हालांकि अधिकांश किसानों के मृदा कार्ड बन गए हैं, लेकिन कृषि विभाग के कर्मचारियों ने किसानों तक पहुंचाने की जहमत नहीं उठाई है। मृदा हेल्थ कार्ड से ही अब किसानों को खाद मिल पाएगा और उसी से किसान के खेत की मिट्टी की जांच होगी। बदायूं और शाहजहांपुर में भी कृषि विभाग ने मृदा हेल्थ कार्ड बांटने में उदासीनता दिखाई। हालांकि अब मई और जून में मृदा हेल्थ कार्ड बांटने के लिए कैंप लगाने की बात कही जा रही है।
मृदा हेल्थ कार्ड वितरण की स्थिति
जनपद का नाम मृदा हेल्थ कार्ड बंट पाए
बरेली 230226 104130
बदायूं 242386 108114
शाहजहांपुर 204526 161382
पीलीभीत 111089 84036
कोट--
पिछली बार मृदा हेल्थ कार्ड बंटने से रह गए थे। इस बार 11 और 12 मई के अलावा 25, 26 और 31 मई को ब्लाक वार कैंप लगाकर किसानों को मृदा हेल्थ कार्ड बांटे जाएंगे। - संजीव कुमार, मंडल सहायक मृदा परीक्षण
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कार्ड बन गए, लेकिन कृषि विभाग के कर्मचारियों ने नहीं बांटे
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भले ही किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सरकारी सिस्टम अब भी किसानों की समस्याओं को के प्रति उदासीन है। सरकार की मृदा हेल्थ योजना को ही लीजिए। पूरा वर्ष बीतने के बाद भी कृषि विभाग रुहेलखंड मंडल में लगभग 40 फीसदी किसानों को मृदा हेल्थ कार्ड नहीं बांट पाया है।
मृदा परीक्षण योजना में कृषि विभाग का काम अब भी पटरी पर नहीं आ पाया है। बीते साल मंडलीय लैब में 2.81 लाख मृदा नमूनों का परीक्षण नहीं हो पाया। अगस्त 2017 में अमर उजाला में यह मामला उठने के बाद कृषि विभाग ने चाराें जिलों में लैब बनाकर मृदा परीक्षण कराना शुरू किया, लेकिन अब तक सभी किसानों का मृदा परीक्षण नहीं हो पाया। दूसरी सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कृषि विभाग मंडल में लगभग 40 फीसदी किसानों को मृदा हेल्थ कार्ड जारी नहीं कर पाया। हालांकि अधिकांश किसानों के मृदा कार्ड बन गए हैं, लेकिन कृषि विभाग के कर्मचारियों ने किसानों तक पहुंचाने की जहमत नहीं उठाई है। मृदा हेल्थ कार्ड से ही अब किसानों को खाद मिल पाएगा और उसी से किसान के खेत की मिट्टी की जांच होगी। बदायूं और शाहजहांपुर में भी कृषि विभाग ने मृदा हेल्थ कार्ड बांटने में उदासीनता दिखाई। हालांकि अब मई और जून में मृदा हेल्थ कार्ड बांटने के लिए कैंप लगाने की बात कही जा रही है।
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मृदा हेल्थ कार्ड वितरण की स्थिति
जनपद का नाम मृदा हेल्थ कार्ड बंट पाए
बरेली 230226 104130
बदायूं 242386 108114
शाहजहांपुर 204526 161382
पीलीभीत 111089 84036
कोट--
पिछली बार मृदा हेल्थ कार्ड बंटने से रह गए थे। इस बार 11 और 12 मई के अलावा 25, 26 और 31 मई को ब्लाक वार कैंप लगाकर किसानों को मृदा हेल्थ कार्ड बांटे जाएंगे। - संजीव कुमार, मंडल सहायक मृदा परीक्षण
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