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Bareilly News: किसानों की प्रगति के लिए मिले 40 लाख रुपये खाते से निकले, जांच की मांग

Tue, 11 Mar 2025 02:49 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 11 Mar 2025 02:49 AM IST
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40 lakh rupees received for the progress of farmers were withdrawn from the account, demand for investigation
बरेली। जिले में किसानों की प्रगति और बेहतर तकनीक का उपयोग कराने के लिए केंद्र सरकार से मिले 40 लाख रुपये का बजट ही बैंक खातों से निकल गया। दो साल में मिले बजट की जानकारी फार्मर प्रोड्यूसर्स आर्गेनाइजेशन (एफपीओ) के निदेशकों को तब हुई जब तकनीकी सहयोग के लिए क्लस्टर बेस्ड बिजनेस आर्गेनाइजेशन (सीबीबीओ) की एक बैठक दिसंबर में हुई। यह बजट कहां गया? इसकी जांच के लिए डीएम रविंद्र कुमार से मांग निदेशकों ने की है। सोमवार को डीएम से पूरे मामले में शिकायत भी कलक्ट्रेट में की गई है।
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छह में से एक एफपीओ बार्ले फैट एग्रोटेक प्रोडक्ट्स कंपनी के निदेशक आनंद मोहन पटेल और गौरव शर्मा ने आरोप लगाया है कि खुद को सीबीबीओ व्योमनी एंटरप्राइजेज का पदाधिकारी बताने वाले डॉ. हरीश गंगवार ने यह फंड खातों से निकाला है। इसे अपने नजदीकी लोगों के खाते में ट्रांसफर किया गया। बैंक भी एफपीओ के खातों का स्टेटमेंट नहीं दे रहे हैं जिससे जांच निष्पक्ष हो सके। जनवरी महीने में सीडीओ जगप्रवेश से भी इसकी शिकायत की गई थी। उन्होंने उपनिदेशक कृषि अभिनंदन सिंह को जांच भी सौंपी, लेकिन यह दो महीने बाद भी पूरी नहीं हो पाई। अब डीएम ने इस मामले में जांच कराते हुए कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
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आनंद मोहन पटेल ने बताया कि सीबीबीओ की ओर से बरेली जनपद में छह एफपीओ बनाए गए। कथित पदाधिकारी डॉ. हरीश गंगवार ने सभी के बैंक खातों में अपना मोबाइल नंबर अपडेट कराया, जिससे केंद्र सरकार से पैसा आने की जानकारी मैसेज से मिल सके। 2022-23 में एफपीओ बनने के बाद केंद्रीय कृषि मंत्रालय से 2023-24 और 2024-25 में करीब 6.50 लाख रुपये सभी एफपीओ को अलग-अलग मिले। सीबीबीओ की बैठक में डॉ. हरीश गंगवार से इस फंड के खर्च की जानकारी मांगी तो वह नहीं दे पाए। बाद में पता चला कि जिन निदेशकों के डिजिटल सिग्नेचर बने। उनको भी चेकबुक के साथ अपने पास आरोपी ने रख लिया था। बैंक की सांठगांठ से मामले को दबाए रखने में मदद मिली। इसमें सहयोग आरोपी का कथित भाई नारायण सिंह के अलावा सोमपाल, जाहिद अली, ओमपाल करते हैं। ब्यूरो
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आरोप: रसूख में दबी जांच
निदेशक गौरव शर्मा का आरोप है कि नवाबगंज के रहने वाले डॉ. हरीश गंगवार के रसूख में सीडीओ के आदेश पर शुरू हुई जांच अभी तक पूरी नहीं हो पाई। किसानों का पैसा हड़प लिया गया जिसको वापस मिलना जरूरी है। डॉ. हरीश गंगवार से इस मामले में संपर्क किया गया लेकिन कोई जवाब नहीं मिल सका।
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