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पुलिस वालों को न एग्जाम की परवाह और न कॉपियों की
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बरेली। आंवला के गौरी शंकर इंटर कॉलेज की घटना से भी केंद्र व्यवस्थापकों ने सबक नहीं लिया। उत्तर पुस्तिकाएं बिना सुरक्षा के ही संकलन केंद्र भेजी। पुलिस को भी न परीक्षा की चिंता और न कॉपियों की। अब डीआईओएस ने सभी केंद्र व्यवस्थापकों को पत्र भेजा है कि कॉपियां पुलिस की निगरानी में ही संकलन केंद्र तक लाएं। अगर इसमें लापरवाही हुई तो केंद्र व्यवस्थापक ही जिम्मेदार होेंगे।
बोर्ड परीक्षा को लेकर संवेदनशील, अतिसंवेदनशील केंद्रों पर पुलिस बल मौजूद रहने के निर्देश थे। इसके अलाव सभी केंद्रों पर भी पुलिस बल मुहैया कराया जाना था। कॉपियों को लेकर भी शासन के कड़े फरमान थे कि पुलिस की मौजूदगी में कॉपियां संकलन केंद्र पर लाई जाएं। परीक्षा केंद्रों पर इसपर लापरवाही बरती गई। इसका उदाहरण देखने को मिला आंवला के गौरी शंकर इंटर कॉलेज में। कॉपियां लाते वक्त रास्ते में केंद्र व्यवस्थापक के साथ कुछ लोगों ने मारपीट की थी। कॉपियों के बंडल तक फेंक दिए थे। सुरक्षा की पोल खुली तो डीआईओएस ने बुधवार को सभी केंद्र व्यवस्थापकों को पत्र भेजा। कहा कि कॉपियां पुलिस की निगरानी में संकलन केंद्रों तक पहुंचाई जाएं।
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बोर्ड परीक्षा को लेकर संवेदनशील, अतिसंवेदनशील केंद्रों पर पुलिस बल मौजूद रहने के निर्देश थे। इसके अलाव सभी केंद्रों पर भी पुलिस बल मुहैया कराया जाना था। कॉपियों को लेकर भी शासन के कड़े फरमान थे कि पुलिस की मौजूदगी में कॉपियां संकलन केंद्र पर लाई जाएं। परीक्षा केंद्रों पर इसपर लापरवाही बरती गई। इसका उदाहरण देखने को मिला आंवला के गौरी शंकर इंटर कॉलेज में। कॉपियां लाते वक्त रास्ते में केंद्र व्यवस्थापक के साथ कुछ लोगों ने मारपीट की थी। कॉपियों के बंडल तक फेंक दिए थे। सुरक्षा की पोल खुली तो डीआईओएस ने बुधवार को सभी केंद्र व्यवस्थापकों को पत्र भेजा। कहा कि कॉपियां पुलिस की निगरानी में संकलन केंद्रों तक पहुंचाई जाएं।
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