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श्यामगंज : ऊपर से जाओ तो आराम नीचे मचा है ‘कोहराम’
Updated Fri, 09 Nov 2018 12:53 AM IST
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बरेली। श्यामगंज फ्लाईओवर की खस्ताहाल सर्विस लेन से शहर के इस व्यस्त चौराहे पर पब्लिक को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। ब्रिज कारपोरेशन को यह रोड नगर निगम को हैंडओवर करनी हैं, लेकिन इसमें कई तकनीकी पेच फंस रहे हैं। लिहाजा फिलहाल सेतु निगम पर ही इसके रखरखाव का जिम्मा है। श्यामगंज चौराहे पर डंपिंग ग्राउंड के पास रोड बिलकुल टूट गई है। बताते हैं कि जेसीबी के कूड़ा उठाने से रोड बर्बाद हो रही है। कई बार यहां वाहन पलटनेे से बचे हैं। यही हाल सर्विस लेन के दूसरे हिस्से का भी है। इससे पब्लिक को यहां से गुजरने के दौरान काफी परेशानी हो रही है।
ब्रिज कारपोरेशन ने एक किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर का निर्माण कराया है। मानसिक अस्पताल के पास से श्यामगंज और शाहदाना चौराहा होते हुए ईंट पजाया तक इस फ्लाईओवर की सर्विस रोड फिलहाल सेतु निगम के पास है। अभी उसे ही इसका रखरखाव भी करना है, जब तक कि यह ओवरब्रिज नगर निगम प्रशासन को न सौंप दिया जाए। दिक्कत यह है कि फ्लाईओवर की लागत पहले करीब 30 करोड़ रुपये थी लेकिन संशोधित परियोजना के बाद करीब आठ करोड़ शासन से और जारी होना है।
यह भुगतान लटका होने से फ्लाईओवर और उसकी सर्विस लेन भी नगर निगम को ट्रांसफर नहीं हो पा रही है, जबकि पुल का उद्घाटन जनवरी में हो चुका है। लंबे समय से नगर निगम और सेतु निगम के बीच प्रक्रिया अटकी होने से सर्विस लेन का रखरखाव नहीं हो पा रहा। इससे शहर के इस भीड़भाड़ वाले इलाके की रोड काफी खस्ताहाल हो चुकी है। सेतु निगम ने करीब सात माह पहले यहां रोड बनवाई भी थी, लेकिन डंपिंग ग्राउंड के पास रोड टूट चुकी है। बारिश में ब्रिज का पानी ड्रेनेज पाइप के बजाय सीधे सड़क पर गिरने से भी कई जगह डामर उधड़ गया है और वहां खतरनाक गड्ढे हो गए हैं। शाहदाना और श्यामगंज चौराहे के बीच रोड पर कई जगह खतरनाक गड्ढे हो गए हैं। उधर, मानसिक अस्पताल की साइड में ब्रिज के किनारे पानी लाइन टूटी होने से खतरनाक गड्ढा हो गया है।
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अभी फ्लाईओवर के हैंडओवर की प्रक्रिया बाकी है। हालांकि कुछ माह पहले सर्विस रोड सही की गई थी लेकिन जब तक पुल का ट्रांसफर नगर निगम को नहीं हो जाता, सर्विस लेन ठीक करने की जिम्मेदारी सेतु निगम की है।
- नवाब सिंह, उप परियोजना प्रबंधक
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ब्रिज कारपोरेशन ने एक किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर का निर्माण कराया है। मानसिक अस्पताल के पास से श्यामगंज और शाहदाना चौराहा होते हुए ईंट पजाया तक इस फ्लाईओवर की सर्विस रोड फिलहाल सेतु निगम के पास है। अभी उसे ही इसका रखरखाव भी करना है, जब तक कि यह ओवरब्रिज नगर निगम प्रशासन को न सौंप दिया जाए। दिक्कत यह है कि फ्लाईओवर की लागत पहले करीब 30 करोड़ रुपये थी लेकिन संशोधित परियोजना के बाद करीब आठ करोड़ शासन से और जारी होना है।
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यह भुगतान लटका होने से फ्लाईओवर और उसकी सर्विस लेन भी नगर निगम को ट्रांसफर नहीं हो पा रही है, जबकि पुल का उद्घाटन जनवरी में हो चुका है। लंबे समय से नगर निगम और सेतु निगम के बीच प्रक्रिया अटकी होने से सर्विस लेन का रखरखाव नहीं हो पा रहा। इससे शहर के इस भीड़भाड़ वाले इलाके की रोड काफी खस्ताहाल हो चुकी है। सेतु निगम ने करीब सात माह पहले यहां रोड बनवाई भी थी, लेकिन डंपिंग ग्राउंड के पास रोड टूट चुकी है। बारिश में ब्रिज का पानी ड्रेनेज पाइप के बजाय सीधे सड़क पर गिरने से भी कई जगह डामर उधड़ गया है और वहां खतरनाक गड्ढे हो गए हैं। शाहदाना और श्यामगंज चौराहे के बीच रोड पर कई जगह खतरनाक गड्ढे हो गए हैं। उधर, मानसिक अस्पताल की साइड में ब्रिज के किनारे पानी लाइन टूटी होने से खतरनाक गड्ढा हो गया है।
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अभी फ्लाईओवर के हैंडओवर की प्रक्रिया बाकी है। हालांकि कुछ माह पहले सर्विस रोड सही की गई थी लेकिन जब तक पुल का ट्रांसफर नगर निगम को नहीं हो जाता, सर्विस लेन ठीक करने की जिम्मेदारी सेतु निगम की है।
- नवाब सिंह, उप परियोजना प्रबंधक