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डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एक साथ जुड़ेंगे प्रदेश के 13 विश्वविद्यालय
Updated Thu, 13 Jul 2017 01:46 AM IST
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डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एक साथ जुड़ेंगे प्रदेश के 13 विश्वविद्यालय
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प्रदेश के विश्वविद्यालय डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एक साथ जुड़ने जा रहे हैं। इस प्लेटफॉर्म पर विश्वविद्यालय तमाम तरह की सूचनाएं और एजुकेशनल एक्टिविटी एक-दूसरे से शेयर कर सकेंगे। ई-लाइब्रेरी और शोध से जुडे़े कार्य भी एक-दूसरे से साझा कर सकेंगे। इन 13 विश्वविद्यालयों की सूची में रुहेलखंड विश्वविद्यालय भी शामिल है। एनआईसी द्वार तैयार किए गए इस प्लेटफॉर्म पर छात्रों को काफी फायदा मिलेगा।
दरअसल, विश्वविद्यालयों को पूरी तरह से डिजिटल किया जा रहा है ताकि प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश की राज्य और केंद्रीय यूनिवर्सिटी के साथ सभी विश्वविद्यालय एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाए जा सकें। एक सर्वर के माध्यम से इन यूनिवर्सिटीज के बीच डाटा शेयरिंग हो सके। अगर किसी विश्वविद्यालय को दूसरे प्रदेश के विश्वविद्यालय की ई-लाइब्रेरी का प्रयोग करना है तो इस सर्वर के माध्यम से आसानी से कर सके। ई-जर्नल्स हों या रिसर्च संबंधी किताबें सर्वर पर मौजूद रहेंगी। अब सभी विश्वविद्यालयों के शैक्षिक प्रमाण पत्र भी डिजिटल करने की ओर कदम बढ़ाए जा रहे हैं ताकि एक विश्वविद्यालय का छात्र दूसरे विश्वविद्यालय में पढ़ाई को जाता है तो उसके प्रमाण पत्रों का सत्यापन ऑन लाइन ही किया जा सके। कुलपति प्रोफेसर अनिल कुमार शुक्ला ने बताया कि प्रदेश के 13 विश्वविद्यालयों में रुहेलखंड विश्वविद्यालय को भी चुना गया है जो डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जुड़ेगा। ये विश्वविद्यालय तमाम सूचनाएं एक सर्वर के माध्यम से आदान-प्रदान कर सकेंगे।
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प्रदेश के विश्वविद्यालय डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एक साथ जुड़ने जा रहे हैं। इस प्लेटफॉर्म पर विश्वविद्यालय तमाम तरह की सूचनाएं और एजुकेशनल एक्टिविटी एक-दूसरे से शेयर कर सकेंगे। ई-लाइब्रेरी और शोध से जुडे़े कार्य भी एक-दूसरे से साझा कर सकेंगे। इन 13 विश्वविद्यालयों की सूची में रुहेलखंड विश्वविद्यालय भी शामिल है। एनआईसी द्वार तैयार किए गए इस प्लेटफॉर्म पर छात्रों को काफी फायदा मिलेगा।
दरअसल, विश्वविद्यालयों को पूरी तरह से डिजिटल किया जा रहा है ताकि प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश की राज्य और केंद्रीय यूनिवर्सिटी के साथ सभी विश्वविद्यालय एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाए जा सकें। एक सर्वर के माध्यम से इन यूनिवर्सिटीज के बीच डाटा शेयरिंग हो सके। अगर किसी विश्वविद्यालय को दूसरे प्रदेश के विश्वविद्यालय की ई-लाइब्रेरी का प्रयोग करना है तो इस सर्वर के माध्यम से आसानी से कर सके। ई-जर्नल्स हों या रिसर्च संबंधी किताबें सर्वर पर मौजूद रहेंगी। अब सभी विश्वविद्यालयों के शैक्षिक प्रमाण पत्र भी डिजिटल करने की ओर कदम बढ़ाए जा रहे हैं ताकि एक विश्वविद्यालय का छात्र दूसरे विश्वविद्यालय में पढ़ाई को जाता है तो उसके प्रमाण पत्रों का सत्यापन ऑन लाइन ही किया जा सके। कुलपति प्रोफेसर अनिल कुमार शुक्ला ने बताया कि प्रदेश के 13 विश्वविद्यालयों में रुहेलखंड विश्वविद्यालय को भी चुना गया है जो डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जुड़ेगा। ये विश्वविद्यालय तमाम सूचनाएं एक सर्वर के माध्यम से आदान-प्रदान कर सकेंगे।
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