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इंटरनल एग्जाम में 25 छात्रों को किया फेल, रिजल्ट रुका
बरेली।
Updated Wed, 21 Jun 2017 12:56 AM IST
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25 students failed in internal exam, result stopped
- फोटो : 25 students failed in internal exam, result stopped
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एमजेपी रुहेलखंड यूनिवर्सिटी में केमिकल इंजीनियरिंग प्रथम का रिजल्ट विवाद में फंस गया है। गेस्ट फैकल्टी ने इंटरनल में काफी कम अंक दिए जिससे करीब 25 छात्र फेल हो गए। छात्रों के हंगामे के बाद मामला शांत तो करा दिया गया, लेकिन रिजल्ट जारी नहीं किया। अब मामला कुलपति के पास पहुंचा है। मामले में जांच समिति बनाने की बात चल रही है।
दरअसल बीटेक केमिकल इंजीनियरिंग प्रथम की परीक्षा जनवरी में हुई थी। इंटरनल के कुछ विषयों में छात्रों को तीस में तीन से चार या पांच अंक ही दिए गए। सबसे कम अंक बेसिक इलेक्ट्रॉनिक विषय में छात्रों को मिले। नंबर कम होने के कारण 25 छात्र फेल हो गए जबकि मुख्य परीक्षा में उनके अंक ठीक थे। छात्रों की शिकायत के बाद मामला डीन आईटी प्रोफेसर एके गुप्ता के पास पहुंचा। जब इंटरनल के अंक देखे तो छात्रों की शिकायत सही निकली। कुछ को तो तीस में तीन अंक ही मिले। इंजीनियरिंग के अन्य ब्रांच के परिणाम जारी हो गए पर नंबरों के इस विवाद में केमिकल इंजीनियरिंग का परिणाम रोक दिया गया। परीक्षा के पांच माह बाद भी इसका निपटारा नहीं हो सका। अब कुलपति के पास मामला पहुंचा है और इसमें जांच कमेटी बनाने की बात चल रही है। सूत्रों की माने तो इंजीनियरिंग की अन्य ब्रांच में भी इंटरनल एग्जाम में छात्रों को काफी कम अंक मिले थे। काफी हंगामे के बाद उनको औसतन पंद्रह अंक दिए गए थे। डीन आईटी प्रोफेसर एके गुप्ता ने बताया कि मामले से कुलपति को अवगत करा दिया है। फिलहाल रिजल्ट जारी नहीं हुआ है।
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दरअसल बीटेक केमिकल इंजीनियरिंग प्रथम की परीक्षा जनवरी में हुई थी। इंटरनल के कुछ विषयों में छात्रों को तीस में तीन से चार या पांच अंक ही दिए गए। सबसे कम अंक बेसिक इलेक्ट्रॉनिक विषय में छात्रों को मिले। नंबर कम होने के कारण 25 छात्र फेल हो गए जबकि मुख्य परीक्षा में उनके अंक ठीक थे। छात्रों की शिकायत के बाद मामला डीन आईटी प्रोफेसर एके गुप्ता के पास पहुंचा। जब इंटरनल के अंक देखे तो छात्रों की शिकायत सही निकली। कुछ को तो तीस में तीन अंक ही मिले। इंजीनियरिंग के अन्य ब्रांच के परिणाम जारी हो गए पर नंबरों के इस विवाद में केमिकल इंजीनियरिंग का परिणाम रोक दिया गया। परीक्षा के पांच माह बाद भी इसका निपटारा नहीं हो सका। अब कुलपति के पास मामला पहुंचा है और इसमें जांच कमेटी बनाने की बात चल रही है। सूत्रों की माने तो इंजीनियरिंग की अन्य ब्रांच में भी इंटरनल एग्जाम में छात्रों को काफी कम अंक मिले थे। काफी हंगामे के बाद उनको औसतन पंद्रह अंक दिए गए थे। डीन आईटी प्रोफेसर एके गुप्ता ने बताया कि मामले से कुलपति को अवगत करा दिया है। फिलहाल रिजल्ट जारी नहीं हुआ है।
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