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ब्रेक में टीवी और प्रतिदिन के लक्ष्य ने दिलाई सफलता

Wed, 08 May 2019 02:23 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 08 May 2019 02:23 AM IST
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ब्रेक में टीवी और प्रतिदिन के लक्ष्य ने दिलाई सफलता
बरेली। ग्रेटर आकाश कॉलोनी निवासी सक्षम मेहरा ने 10वीं टॉप करने के बाद मंगलवार को 12वीं में भी मंडल टॉप करके फिर अपने मां-बाप का सिर फख्र से ऊंचा कर दिया। हार्टमन सीनियर सेकेंड्री स्कूल के छात्र सक्षम को प्रदेश की सूची में भी तीसरा स्थान मिला है, हालांकि इस स्थान पर कुल 16 बच्चे हैं। उनके पिता अनुज मेहरा पंजाब नेशनल बैंक में ऑफीसर और मां आराधना मेहरा गृहणी हैं। सक्षम ने बताया कि हाल ही में हुई जेई मेंस की परीक्षा में उनकी 3094 रैंक थी और वह इंजीनियर बनना चाहते हैं। दसवीं में उन्हें 98 प्रतिशत अंक मिले थे, लेकिन इस बार जेई की तैयारी के चलते दसवीं से कम अंक पाने की उन्हें उम्मीद थी। बताया कंपटीशन के लिए तो उन्होंने कोचिंग ली, लेकिन स्कूल की पढ़ाई बिना कोचिंग की। प्रतिदिन की पढ़ाई के लिए उन्होंने कभी भी घंटे निर्धारित करके पढ़ाई नहीं की। मगर प्रतिदिन की पढ़ाई के लिए उनका लक्ष्य जरूर निर्धारित रहता था और उसे पूरा भी करते थे। प्रतिदिन की पढ़ाई का रिवीजन उनकी आदत में शुमार है। इसी वजह से उन्हें सफलता मिली। पढ़ाई के दौरान जब भी ब्रेक लेते थे तो टीवी देखकर मन बहलाते थे। सोशल मीडिया से परीक्षा ही नहीं, वैसे भी दूरी बनाए रखते हैं।
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मंडल में तीसरे नंबर पर लीजा गजल
सीमा में नहीं बंधना, अभी सारे विकल्प खुले
बरेली। मंडल में तीसरे नंबर की संयुक्त टॉपर लीजा गजल को 98.25 प्रतिशत अंक मिले हैं। हार्टमन सीनियर सेकेंड्री स्कूल की छात्रा लीजा गजल ने बताया कि वह सनसिटी में रहती हैं। उनके पिता का नाम सऊद आलम और मां का नाम रूही गजाला है। पिता भारतीय वायुसेना से रिटायर्ड हैं और अब बैंक में कैशियर हैं। मां निजी स्कूल में शिक्षक हैं। लीजा ने बताया कि वह खुद को सीमाओं में नहीं बांधना चाहतीं, इसलिए अभी तय नहीं किया है कि क्या बनना है। वह बीटेक करना चाहती हैं, लेकिन सिविल सर्विसेज और रिसर्च भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे में वह बस मेहनत से आगे बढ़ने में लगी हैं ताकि कोई विकल्प बंद न हो। पढ़ाई के लिए घर में पांच-छह घंटे तक समय देती थीं। कोचिंग भी ली। मगर, पढ़ाई को भी कभी एक दिन से अगले दिन के लिए नहीं टाला। पढ़ाई के दौरान बोर होने पर फिल्म देखती थीं या गाने सुनती थीं। कई बार दोस्तों के साथ भी समय व्यतीत कर माइंड फ्रेश करती थीं।
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