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साहब! वो तो होली पर आने को थे..आपने तो छापा मार दिया
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बरेली। सिटी मजिस्ट्रेट और एफएसडीए की ओर से शहर के एक प्रमुख मिठाई ब्रांड के निर्माण स्थल और दुकान पर मारे गए छापे के बाद अपनी रिपोर्ट में यहां अधोमानक खाद्य पदार्थों से गंदगी के अंबार के बीच नमकीन और मिठाई का निर्माण किए जाने का जिक्र तो किया है, लेकिन यह साफ करने की जरूरत महसूस नहीं की कि जनस्वास्थ्य के लिए खतनाक होने के बावजूद इन मिठाइयों और अन्य खाद्य उत्पादों को मौके पर ही नष्ट क्यों नहीं कराया गया। होली के बाजार में जाने के लिए क्यों छोड़ दिया गया। इसका जवाब एफएसडीए के अधिकारी भी नहीं दे पा रहे हैं।
सिटी मजिस्ट्रेट की ओर से जारी आदेश को स्पष्ट करने के लिए जिला अभिहित अधिकारी डीआर मिश्रा से जानकारी मांगी गई तो उन्होंने बताया कि क्या आदेश जारी हुआ है, यह उनकी जानकारी में ही नहीं है। हालांकि सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश में प्रतिलिपि उन्हें भी भेजे जाने का जिक्र है। डीआर मिश्रा ने बताया कि अभी तक इस तरह के आदेश अपने कार्यकाल में नहीं देखे हैं। उनका कहना था कि टीम ने जो नमूने भरे हैं, उन पर लैब की रिपोर्ट आने पर ही कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि एक निर्माण स्थल से 25 बोरा बेसन सीज किया गया है क्योंकि इस पर कोई टैग नहीं लगा था। संस्थान से बेसन, घी, मावा के तीन नमूने लिए हैं। एक मिठाई विक्रेता के प्रतिष्ठान से बर्फी का नमूना लिया गया है। उन्होंने यह तर्क भी दिया कि निगेटिव रिपोर्ट पर भी संबंधित कारोबारी से पक्ष लिया जाता है तभी आगे की कार्रवाई होती है। इस मामले में सिटी मजिस्ट्रेट से भी बात करने का प्रयास किया गया लेकिन फोन रिसीव नहीं हो सका।
छापों के बाद मिठाई कारोबारियों का कहना था कि वे तो हर मौके पर अफसरों का ख्याल रखते हैं। अफसर तो अफसर उनके फोर्थ क्लास कर्मचारी तक अपना हक वसूल ले जाते हैं। इस बार भी उनका होली से पहले नए साहब के पास जाने का इरादा था, लेकिन इससे पहले ही उन्होंने छापा मार दिया।
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सिटी मजिस्ट्रेट की ओर से जारी आदेश को स्पष्ट करने के लिए जिला अभिहित अधिकारी डीआर मिश्रा से जानकारी मांगी गई तो उन्होंने बताया कि क्या आदेश जारी हुआ है, यह उनकी जानकारी में ही नहीं है। हालांकि सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश में प्रतिलिपि उन्हें भी भेजे जाने का जिक्र है। डीआर मिश्रा ने बताया कि अभी तक इस तरह के आदेश अपने कार्यकाल में नहीं देखे हैं। उनका कहना था कि टीम ने जो नमूने भरे हैं, उन पर लैब की रिपोर्ट आने पर ही कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि एक निर्माण स्थल से 25 बोरा बेसन सीज किया गया है क्योंकि इस पर कोई टैग नहीं लगा था। संस्थान से बेसन, घी, मावा के तीन नमूने लिए हैं। एक मिठाई विक्रेता के प्रतिष्ठान से बर्फी का नमूना लिया गया है। उन्होंने यह तर्क भी दिया कि निगेटिव रिपोर्ट पर भी संबंधित कारोबारी से पक्ष लिया जाता है तभी आगे की कार्रवाई होती है। इस मामले में सिटी मजिस्ट्रेट से भी बात करने का प्रयास किया गया लेकिन फोन रिसीव नहीं हो सका।
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छापों के बाद मिठाई कारोबारियों का कहना था कि वे तो हर मौके पर अफसरों का ख्याल रखते हैं। अफसर तो अफसर उनके फोर्थ क्लास कर्मचारी तक अपना हक वसूल ले जाते हैं। इस बार भी उनका होली से पहले नए साहब के पास जाने का इरादा था, लेकिन इससे पहले ही उन्होंने छापा मार दिया।
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