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बीबीए के सिलेबस से एमबीए वाली यूनिट हटाई जाएंगी
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बरेली। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में संचालित बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (बीबीए) कोर्स का पूरा सिलेबस पहली बार बदला जाएगा। विश्वविद्यालय ने शैक्षिक सत्र 2019-20 से पहले सिलेबस बदलने की तैयारी कर ली है। बीबीए से वो यूनिट हटाईं जाएंगी जो एमबीए में पढ़ाई जाती हैं। सिलेबस भी छोटा किया जाएगा। समय की मांग के अनुसार सिलेबस में नई यूनिट शामिल की जाएंगी।
विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में जब से बीबीए कोर्स शुरू हुआ तब से कोई बदलाव नहीं हुआ। आउटडेटेड कोर्स को कई बार अपग्रेड करने की मांग उठी, लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी। हालांकि बीच-बीच में कुछ यूनिट जरूर बदली गईं। अब पूरे सिलेबस को ही बदला जाएगा।
बीबीए का सिलेबस काफी बड़ा है, उसे छोटा किया जाएगा। एक पेपर को अधिकतम चार यूनिट में विभाजित किया जाएगा। मैनेजमेंट की बोर्ड ऑफ स्ट्डीज के कोआर्डिनेटर प्रोफेसर बीपी सिंह के अनुसार पंजाब, दक्षिण भारत और उत्तर प्रदेश के कुछ विश्वविद्यालयों से बीबीए का सिलेबस मंगाया गया है। सिलेबस अपडेट करने में उनकी भी मदद ली जाएगी। उन्होंने बताया कि बीबीए के सिलेबस में अरसे से कोई बदलाव नहीं हुआ। पुरानी यूनिट ही पढ़ाई जा रहीं हैं, जबकि मैनेजमेंट की दुनिया में कई बदलाव हो चुके हैं। सभी चीजों को देखते हुए बदलाव किए जाएंगे।
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एमबीए की बोर्ड ऑफ स्ट्डीज की बैठक हुई
सोमवार को एमबीए की बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक हुई। इस बार सिलेबस में कोई बदलाव नहीं किया गया। सिर्फ पेपर बनाने वाले विशेषज्ञों के नाम फाइनल किए गए।
आज कई नए कोर्स खोलने को मिल सकती है स्वीकृति
विश्वविद्यालय में मंगलवार को विद्या परिषद की बैठक बुलाई गई है। इसमें कला, विज्ञान और कॉमर्स के स्नातक स्तर के कुछ नए और ऑनर्स कोर्स खोलने का प्रस्ताव रखा जाएगा। अगर विद्या परिषद इनको हरी झंडी देती है तो नए सत्र से विश्वविद्यालय कैंपस में स्नातक की पढ़ाई भी हो सकेगी। इसके अलावा जितने कोर्स में बदलाव हुए हैं उनको अनुमोदित किया जाएगा। उसके बाद 14 फरवरी को कार्य परिषद की भी बैठक बुलाई गई है।
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विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में जब से बीबीए कोर्स शुरू हुआ तब से कोई बदलाव नहीं हुआ। आउटडेटेड कोर्स को कई बार अपग्रेड करने की मांग उठी, लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी। हालांकि बीच-बीच में कुछ यूनिट जरूर बदली गईं। अब पूरे सिलेबस को ही बदला जाएगा।
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बीबीए का सिलेबस काफी बड़ा है, उसे छोटा किया जाएगा। एक पेपर को अधिकतम चार यूनिट में विभाजित किया जाएगा। मैनेजमेंट की बोर्ड ऑफ स्ट्डीज के कोआर्डिनेटर प्रोफेसर बीपी सिंह के अनुसार पंजाब, दक्षिण भारत और उत्तर प्रदेश के कुछ विश्वविद्यालयों से बीबीए का सिलेबस मंगाया गया है। सिलेबस अपडेट करने में उनकी भी मदद ली जाएगी। उन्होंने बताया कि बीबीए के सिलेबस में अरसे से कोई बदलाव नहीं हुआ। पुरानी यूनिट ही पढ़ाई जा रहीं हैं, जबकि मैनेजमेंट की दुनिया में कई बदलाव हो चुके हैं। सभी चीजों को देखते हुए बदलाव किए जाएंगे।
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एमबीए की बोर्ड ऑफ स्ट्डीज की बैठक हुई
सोमवार को एमबीए की बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक हुई। इस बार सिलेबस में कोई बदलाव नहीं किया गया। सिर्फ पेपर बनाने वाले विशेषज्ञों के नाम फाइनल किए गए।
आज कई नए कोर्स खोलने को मिल सकती है स्वीकृति
विश्वविद्यालय में मंगलवार को विद्या परिषद की बैठक बुलाई गई है। इसमें कला, विज्ञान और कॉमर्स के स्नातक स्तर के कुछ नए और ऑनर्स कोर्स खोलने का प्रस्ताव रखा जाएगा। अगर विद्या परिषद इनको हरी झंडी देती है तो नए सत्र से विश्वविद्यालय कैंपस में स्नातक की पढ़ाई भी हो सकेगी। इसके अलावा जितने कोर्स में बदलाव हुए हैं उनको अनुमोदित किया जाएगा। उसके बाद 14 फरवरी को कार्य परिषद की भी बैठक बुलाई गई है।