{"_id":"5c23de41bdec2256994df8d1","slug":"201545854529-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"करोड़ों की जमीन पर बना डाली कोठी और मकान, जांच को पहुंची निगम टीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
करोड़ों की जमीन पर बना डाली कोठी और मकान, जांच को पहुंची निगम टीम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। बाग ब्रिगटान में पूर्व पार्षद समेत चार लोगों ने करीब 800 वर्ग गज जमीन पर कब्जा करके मकान एवं कोठी बना ली है। भू माफिया पोर्टल पर इसकी शिकायत के बाद बुधवार को निगम की टीम मौके पर जांच को पहुंची और जमीन की नापजोख की। इस दौरान कब्जेदारों ने जमीन के दस्तावेज होने की बात कही, लेकिन मौके पर कुछ भी पेश नहीं कर सके। जमीन नजूल की होने के चलते नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव ने मामले की रिपोर्ट जिला प्रशासन को देने की बात कही है।
कोतवाली क्षेत्र निवासी व्यक्ति ने भू माफिया पोर्टल पर की गई शिकायत में कहा है कि बाग ब्रिगटान में पुराने बस स्टैंड के पीछे पूर्व पार्षद एवं तीन अन्य लोगों ने 700-800 वर्ग गज जमीन कब्जाई है। करीब 30 साल पहले यह जमीन खाली पड़ी थी। इसके बाद यहां पर कबूतर पालन और डेयरी का काम किया जाने लगा। जब किसी ने कोई आपत्ति नहीं की तो धीरे-धीरे मकान और कोठी बना ली गई। अब इनमें से एक मकान बेचने की तैयारी है। इस शिकायत की कॉपी मेयर उमेश गौतम और नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव को भी भेजी गई।
बताए तमाम दस्तावेज, दिखाया नहीं कुछ भी
बुधवार को नगर आयुक्त ने ड्राफ्टमैन शमसुल हसन और हरीश भारती को मौके पर जांच के लिए भेजा। इस दौरान जमीन पर काबिज लोगों ने जमीन के दस्तावेज अपने नाम होने की बात कही, लेकिन दिखाया कुछ भी नहीं। फिलहाल, टीम पैमाइश करके लौट आई। ड्राफ्टमैन के मुताबिक यह जमीन नजूल की संपत्ति थी, वर्तमान स्थिति जिला प्रशासन ही बता सकता है। इसके बाद नगर आयुक्त ने इसकी जांच के लिए जिला प्रशासन को भी पत्र लिखने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
टीम जांच को भेजी थी। नजूल की जमीन बताई जा रही है। इसलिए जिला प्रशासन को पत्र लिखवाया जा रहा है क्योंकि अगर किसी को पट्टा भी किया गया है तो भी जमीन को फ्री होल्ड कराए बिना निर्माण नहीं किया जा सकता। - राजेश श्रीवास्तव, नगर आयुक्त
विज्ञापन
कोतवाली क्षेत्र निवासी व्यक्ति ने भू माफिया पोर्टल पर की गई शिकायत में कहा है कि बाग ब्रिगटान में पुराने बस स्टैंड के पीछे पूर्व पार्षद एवं तीन अन्य लोगों ने 700-800 वर्ग गज जमीन कब्जाई है। करीब 30 साल पहले यह जमीन खाली पड़ी थी। इसके बाद यहां पर कबूतर पालन और डेयरी का काम किया जाने लगा। जब किसी ने कोई आपत्ति नहीं की तो धीरे-धीरे मकान और कोठी बना ली गई। अब इनमें से एक मकान बेचने की तैयारी है। इस शिकायत की कॉपी मेयर उमेश गौतम और नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव को भी भेजी गई।
विज्ञापन
बताए तमाम दस्तावेज, दिखाया नहीं कुछ भी
बुधवार को नगर आयुक्त ने ड्राफ्टमैन शमसुल हसन और हरीश भारती को मौके पर जांच के लिए भेजा। इस दौरान जमीन पर काबिज लोगों ने जमीन के दस्तावेज अपने नाम होने की बात कही, लेकिन दिखाया कुछ भी नहीं। फिलहाल, टीम पैमाइश करके लौट आई। ड्राफ्टमैन के मुताबिक यह जमीन नजूल की संपत्ति थी, वर्तमान स्थिति जिला प्रशासन ही बता सकता है। इसके बाद नगर आयुक्त ने इसकी जांच के लिए जिला प्रशासन को भी पत्र लिखने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
टीम जांच को भेजी थी। नजूल की जमीन बताई जा रही है। इसलिए जिला प्रशासन को पत्र लिखवाया जा रहा है क्योंकि अगर किसी को पट्टा भी किया गया है तो भी जमीन को फ्री होल्ड कराए बिना निर्माण नहीं किया जा सकता। - राजेश श्रीवास्तव, नगर आयुक्त