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जनवरी तक पूरा कराना होगा 10वीं का सिलेबस
Updated Sun, 09 Jul 2017 01:26 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
बरेली।
दसवीं का सिलेबस कॉलेजों को जनवरी तक पूरा कराना होगा। डीआईओएस ने सभी कॉलेजों को इस बाबत विषयवार शेड्यूल जारी किया है। जनवरी तक दसवीं का सिलेबस पूरा कराना होगा और 6 से 18 नवंबर के बीच अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं करानी होंगी। शेड्यूल में कोर्स पूरा होने के बाद रिवीजन के लिए भी वक्त निर्धारित किया गया है। शेड्यूल जारी करने के साथ ही डीआईओएस अचल कुमार मिश्रा ने नियमित कक्षा संचालन और क्वालिटी एजूकेशन पर जोर दिया है।
दसवीं हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, प्रारंभिक गणित, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, गृह विज्ञान, वाणिज्य, कला, कृषि विज्ञान, कंप्यूटर का सिलेबस जुलाई से जनवरी तक पूरा कराना होगा। नवंबर में अर्द्धवार्षिक परीक्षा और जनवरी के आखिरी दो सप्ताह में पाठ्यक्रम का रिवीजन कराया जाएगा। फरवरी और मार्च में परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। पढ़ाने के साथ नियमित अभ्यास कराने पर जोर दिया गया है ताकि दसवीं का परिणाम बेहतर हो सके।
जीआईसी का परिणाम इस बार बेहतर नहीं रहा था। महज 43 फीसदी छात्र दसवीं में पास हुए थे। डीआईओएस ने बताया कि राजकीय कॉलेज में शिक्षक कैसे पढ़ा रहे हैं इसलिए इसकी लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी। दसवीं का परिणाम बेहतर करने पर फोकस किया जाएगा।
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दसवीं का सिलेबस कॉलेजों को जनवरी तक पूरा कराना होगा। डीआईओएस ने सभी कॉलेजों को इस बाबत विषयवार शेड्यूल जारी किया है। जनवरी तक दसवीं का सिलेबस पूरा कराना होगा और 6 से 18 नवंबर के बीच अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं करानी होंगी। शेड्यूल में कोर्स पूरा होने के बाद रिवीजन के लिए भी वक्त निर्धारित किया गया है। शेड्यूल जारी करने के साथ ही डीआईओएस अचल कुमार मिश्रा ने नियमित कक्षा संचालन और क्वालिटी एजूकेशन पर जोर दिया है।
दसवीं हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, प्रारंभिक गणित, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, गृह विज्ञान, वाणिज्य, कला, कृषि विज्ञान, कंप्यूटर का सिलेबस जुलाई से जनवरी तक पूरा कराना होगा। नवंबर में अर्द्धवार्षिक परीक्षा और जनवरी के आखिरी दो सप्ताह में पाठ्यक्रम का रिवीजन कराया जाएगा। फरवरी और मार्च में परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। पढ़ाने के साथ नियमित अभ्यास कराने पर जोर दिया गया है ताकि दसवीं का परिणाम बेहतर हो सके।
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जीआईसी का परिणाम इस बार बेहतर नहीं रहा था। महज 43 फीसदी छात्र दसवीं में पास हुए थे। डीआईओएस ने बताया कि राजकीय कॉलेज में शिक्षक कैसे पढ़ा रहे हैं इसलिए इसकी लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी। दसवीं का परिणाम बेहतर करने पर फोकस किया जाएगा।
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