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नीट में छाए बरेली के होनहार

Sat, 24 Jun 2017 06:52 PM IST
Updated Sat, 24 Jun 2017 06:52 PM IST
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नीट में छाए बरेली के होनहार
बरेली।
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शुक्रवार को घोषित नेशनल एलिजबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) के परिणाम में बरेली के मेधावियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। एम्स के रिजल्ट में 246वीं रैंक हासिल करने वाले सार्थक अग्रवाल ने नीट में ऊंची छलांग लगाई है। सार्थक ने आल इंडिया 103वीं रैंक हासिल कर इतिहास रच दिया। मोहम्मद याहया ने आल इंडिया 1575वीं रैंक हासिल कर मेडिकल क्षेत्र में जाने का सपना पूरा किया। संगीत भाटिया ने 2196वीं और मोहम्मद जफर ने 2831वीं रैंक हासिल कर अपने गांव तालगांव शाहजहांपुर के लिए मिसाल कायम की है। बरेली मंडल में करीब 13 हजार छात्रों ने नीट दिया था। कोचिंग संचालकों के अनुसार इस बार आल इंडिया 11 लाख से ज्यादा ने परीक्षा थी दी थी जिसमें 6.25 लाख क्वालीफाई हुए हैं। अच्छी रैंक वालों को एमबीबीएस और उससे नीची रैंक वालों का बीडीएस मिलेगा।

असफलता ने सार्थक को सिखाया आगे बढ़ना
सार्थक ने 2016 में 92.4 फीसदी अंक के साथ बारहवीं की परीक्षा पास थी। पहले प्रयास में मेडिकल में जाने का सपना पूरा नहीं हुआ। असफलता से सबक लेते हुए सार्थक ने कड़ी मेहनत शुरू कर दी। पहले उन्होंने एम्स के मेडिकल एंट्रेंस में 246वीं रैंक प्राप्त की। उस समय ही उनको नीट में इससे अच्छी रैंक आने की उम्मीद थी। आखिर शुक्रवार को यह उम्मीद पूरी हो गई। सार्थक के पिता सर्वेश अग्रवाल एलआईसी में जॉब करते हैं, जबकि उनकी मां शिल्पी अग्रवाल जूनियर हाई स्कूल में शिक्षिका हैं। प्रेम नगर स्थित राधास्वामी एनक्लेव में रहने वाले सार्थक को म्यूजिक पसंद है। वो मन से काफी घुमक्कड़ हैं। पढ़ाई के साथ वह घूमने के लिए भी वक्त निकाल लेते हैं।
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पहले प्रयास में ही मोहम्मद याहया को 1575वीं रैंक
हार्टमैन आकाशपुर कॉलोनी के रहने वाले मोहम्मद याहया ने 1575वीं रैंक हासिल कर मेडिकल में जाने का सपना पूरा किया है। याहया का कहना है कि अगर ईमानदारी से मेहनत करें तो फल खुदा जरूर देता है। हार्टमैन कॉलेज से याहया ने दसवीं में 97.6 फीसदी अंक हासिल कर मंडल टॉप किया था। बारहवीं में उसने 95 फीसदी से ज्यादा अंक हासिल किए। बचपन से उसका सपना मेडिकल में जाने का था। कड़ी मेहनत और लगन से उसने यह सपना पूरा किया। पिता डॉ. शम्स बदायूूंनवी व्यापारी हैं। याहया का कहना है कि मेडिकल की सीटें बढ़नी चाहिए। सीटें कम होने के कारण सभी को एमबीबीएस नहीं मिल पाता।
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मुझे देखकर गांव के बच्चों में जागेगा पढ़ाई का जज्बा
तालगांव शाहजहांपुर के रहने वाले मोहम्मद जफर ने एम्स की परीक्षा में 1730वीं रैंक हासिल की थी और अब उसने नीट में 2831वीं रैंक हासिल कर माता-पिता के साथ पूरे गांव का मान बढ़ाया है। पिता मोहम्मद महसर किसान हैं। जफर का कहना है कि उसके गांव और पास पड़ोस क्षेत्र में कोई एमबीबीएस नहीं है। लोग मानते हैं कि गांव के बच्चे मेडिकल और इंजीनियरिंग में नहीं जा सकते। शायद उसकी सफलता से लोगों के दिलों में हौसला जागे। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण एक कोचिंग ने उसकी मदद की और 90 फीसदी स्कालरशिप भी दी।


सगे भाइयों ने नीट में हासिल की सफलता
बिशारतगंज। एमबीबीएस प्रवेश परीक्षा में नगर के प्रमुख व्यवसायी के दो बेटों ने नीट में सफलता हासिल की है। छोटे बेटे शिवम् मित्तल ने 720 में 608 अंक प्राप्त कर नीट में आल इंडिया 1851वीं रैंक हासिल की है। बडे़ बेटे सत्यम् मित्तल ने 488 अंक प्राप्त किए। शिवम् ने परिवार का मान बढ़ाने के साथ बिशारतगंज का नाम रोशन किया है। उद्योग व्यापार मंडल प्रतिनिधि मंडल के नगर अध्यक्ष प्रमुख सर्राफ व कपड़ा व्यवसायी प्रदीप मित्तल के दोनों बेटों ने पद्मावती एकेडमी बरेली से बारहवीं पास किया है। उसके बाद कोटा राजस्थान में कोचिंग की। शिवम् की मां ज्योति मित्तल ग्रहणी हैं। दोनों का सपना है मेडिकल क्षेत्र की सुविधाओं को वो बेहतर करने में अपना योगदान दें।
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