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Bareilly News: लर्निंग लाइसेंस टेस्ट में फेल 20 फीसदी युवा, नहीं जानते जेब्रा क्रॉसिंग; पूछे जाते हैं ऐसे सवाल

Sat, 16 May 2026 06:30 PM IST
Mukesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: Mukesh Kumar Updated Sat, 16 May 2026 06:30 PM IST
सार

बरेली जिले में 20 फीसदी से अधिक युवा लर्निंग लाइसेंस के ऑनलाइन टेस्ट में फेल हो रहे हैं। इसका मुख्य कारण यातायात नियमों की जानकारी का अभाव है। 

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20 percent of Applicants Fail Learning License Test Unaware of Zebra Crossings in Bareilly
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

बरेली जिले में लर्निंग लाइसेंस बनवाने वाले 20 फीसदी से अधिक युवा ऑनलाइन एआई परीक्षा में फेल हो रहे हैं। इसका मुख्य कारण यातायात नियमों की जानकारी का अभाव है। युवाओं को जेब्रा क्रॉसिंग, वाहनों के इंडिकेटर, क्लच, हैंडब्रेक और ट्रैफिक सिग्नल जैसे बुनियादी नियमों की भी जानकारी नहीं है।

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परिवहन विभाग में रोजाना करीब 250 लर्निंग लाइसेंस और 100 परमानेंट लाइसेंस जारी होते हैं। लर्निंग लाइसेंस के लिए पहले ऑनलाइन एआई परीक्षा पास करना अनिवार्य है। इस परीक्षा में सड़क सुरक्षा से संबंधित 15 सवाल पूछे जाते हैं, जिनमें से नौ सवालों का सही जवाब देना होता है। एआई प्रणाली हर बार अलग-अलग सवाल पूछती है, जिससे नकल की संभावना कम होती है। लर्निंग लाइसेंस पूरी तरह से ऑनलाइन फेस वाली प्रक्रिया है, जिसे आवेदक घर या सहज जनसेवा केंद्र से दे सकते हैं। 
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परीक्षा देते समय आवेदक को एकांत में रहना होता है और सिर घुमाने या किसी अन्य व्यक्ति की आवाज आने पर वह स्वतः फेल हो जाता है। पुतलियों को हिलाने या सीधे न देखने पर भी परीक्षा रद्द हो सकती है। लर्निंग लाइसेंस 180 दिनों के लिए वैध होता है और इसके 30 दिनों बाद परमानेंट लाइसेंस के लिए आवेदन किया जा सकता है।

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कौन से होते हैं प्रमुख सवाल
ऑनलाइन परीक्षा में जेब्रा क्रॉसिंग का तात्पर्य, सड़क पर चलने की सही दिशा और रेलवे क्रॉसिंग के निशान जैसे सवाल शामिल होते हैं। हैंडब्रेक, पार्किंग लाइट, क्लच, लालबत्ती का अर्थ और नो पार्किंग साइन भी पूछे जाते हैं। स्कूल जोन का संकेत, हेलमेट की अनिवार्यता, सीट बेल्ट पहनने का कारण और ओवरटेक न करने के स्थान से जुड़े प्रश्न भी होते हैं। आवेदक परिवहन विभाग की वेबसाइट पर जाकर ड्राइविंग लाइसेंस सेवाओं में लर्निंग लाइसेंस का चयन कर सकते हैं। 

आधार नंबर दर्ज करते ही आवेदक की सारी जानकारी पोर्टल पर आ जाती है। यह एआई आधारित प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि आवेदक ईमानदारी से परीक्षा दे। नियमों का उल्लंघन करने पर आवेदक को तुरंत फेल कर दिया जाता है। बाइक का लर्निंग लाइसेंस 200 रुपये और बाइक व कार दोनों के लिए 350 रुपये शुल्क लगता है। परमानेंट लाइसेंस के लिए बाइक पर 700 रुपये और बाइक व कार के संयुक्त लाइसेंस पर एक हजार रुपये शुल्क निर्धारित है।

आरटीओ प्रशासन पंकज सिंह ने बताया कि लर्निंग लाइसेंस बनने से पहले लोगों को एआई बेस्ट परीक्षा में बैठना पड़ता है। इसमें 20 फीसदी से अधिक युवाओं को यातायात संबंधी जानकारी ही नहीं है। इसमें प्रमुख रूप से जेब्रा क्रासिंग, ट्रैफिक लाइट, सीट बेल्ट, सड़क पर किस साइड चलना चाहिए आदि छोटे सवालों का भी उत्तर भी नहीं दे पाते हैं।

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