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बिना चर्चा 2.81 अरब रुपए का बजट मंजूर
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Wed, 30 Mar 2016 12:41 AM IST
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बैठक
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नगर निगम बोर्ड की बैठक बुलाई तो गई थी सबकी समहमति से अगले साल का बजट मंजूर करने के लिए लेकिन अवैध होर्डिंग और यूनीपोल पर हंगामे के बीच बिना चर्चा के ही इसे पास कर दिया गया। सदन का शोरगुल थमा तो सपा पार्षद दल नेता राजेश अग्रवाल ने एक स्वर से कह दिया कि बजट पास। सपा के सभी पार्षदों ने उनका समर्थन कर दिया। मेयर भी बोल उठे कि बजट पास। 2.81 अरब का बजट बिना चर्चा कराए मंजूर मान लिया गया। मेयर और सपा पार्षद सदन से उठकर चले गए। भाजपा पार्षदों ने इसे मेयर और सपा पार्षदों की तानाशाही और लोकतंत्र की हत्या बताया।
मेयर डा. आईएस तोमर की अध्यक्षता मेें मंगलवार तीन बजे प्रारंभ हुई बोर्ड की बजट बैठक में बजट के बजाय अवैध यूनीपोल और होर्डिंग पर चर्चा शुरू हो गई। डेढ़ घंटे तक चली बैठक में पूरे समय सपा और भाजपा के पार्षदों ने एक दूसरे पर तंज कसे। बार-बार हंगामा होने पर मेयर को कहना पड़ा कि आप सदन का सम्मान करना नहीं जानते। जब बजट पर चर्चा करने के लिए बैठक बुलाई गई है तो बाकी मुद्दों पर चर्चा क्योें कर रहे हैं। बाकी मुद्दों पर चर्चा बोर्ड की सामान्य बैठक में की जा सकती है। लेखाधिकारी आरके गौतम में बजट का पहला पेज ही पढ़ पाया था। मेयर और सपा पार्षद सदन से उठकर चले गए। भाजपा पार्षदों ने इसे बजट का स्वीकृत होना नहीं माना और बाद में भी डटे रहकर सदन चलाया।
अवैध यूनीपोल और होर्डिंग पर पार्षदों का हंगामा
बोर्ड की बजट बैठक में अवैध यूनीपोल और होर्डिंग का मुद्दा जोर शोर से गूंजा। सपा पार्षद राजेश अग्रवाल, शमीम अहमद, मो. नासिर, उस्मान अल्वी, मोहम्मद नदीम और भाजपा के रुपेंद्र पटेल, रंजीत रस्तोगी, कपिलकांत और बागी विपुल लाला ने जानना चाहा कि चार अवैध यूनीपोल पाए जाने पर ठेकेदार पर एफआईआर क्यों नहीं हुई। राजेश अग्रवाल ने कहा कि एफआईआर ठेकेदार पर नहीं, उन अफसरों और कर्मचारियों पर कराएं जिन्होंने अनाधिकृत यूनीपोल लगवाए। विकास शर्मा और राजेश अग्रवाल के बीच नोकझोंक हो गई। पार्षद हंगामा करने लगे। मेयर ने सहायक नगर आयुक्त विकास सेन से पार्षदों के सवाल का जवाब देने को कहा। एसएनए जवाब देने के लिए खड़े हुए तो पार्षदों ने अवैध यूनीपोल लगाने वाले ठेकेदार का नाम पूछा। एसएनए ने नाम याद नहीं रहने की बात कही तो पार्षद गुस्सा होकर हंगामा करने लगे। आरिफ कुरैशी ने कुछ कहने की कोशिश की तो उनकी ही पार्टी के पार्षदों ने निशाने पर ले लिया।
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चार यूनीपोल बिना किसी आदेश के लगे
मेयर ने बताया कि पार्षदों को अवैध यूनीपोल और होर्डिंग की सूची उपलब्ध करा दी गई है। शहर में जितने भी यूनीपोल और होर्डिँग लगे हैं उनको नगर आयुक्त और रामसिंह जाटव के हस्ताक्षर से अनुमति मिली है। चार यूनीपोल ऐसे हैं जो बिना किसी अनुमति के लगे हैं। कपिलकांत ने बार-बार अवैध यूनीपोल लगाने वाले ठेकेदार का नाम पूछा। पूरे समय सदन में अवैध होर्डिंग और यूनीपोल पर ही हंगामा होता रहा। सपा और भाजपा के पार्षद कई बार एक दूसरे से भिड़े। दोनों दलों के पार्षदों ने एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाकर हमले किए।
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मेयर डा. आईएस तोमर की अध्यक्षता मेें मंगलवार तीन बजे प्रारंभ हुई बोर्ड की बजट बैठक में बजट के बजाय अवैध यूनीपोल और होर्डिंग पर चर्चा शुरू हो गई। डेढ़ घंटे तक चली बैठक में पूरे समय सपा और भाजपा के पार्षदों ने एक दूसरे पर तंज कसे। बार-बार हंगामा होने पर मेयर को कहना पड़ा कि आप सदन का सम्मान करना नहीं जानते। जब बजट पर चर्चा करने के लिए बैठक बुलाई गई है तो बाकी मुद्दों पर चर्चा क्योें कर रहे हैं। बाकी मुद्दों पर चर्चा बोर्ड की सामान्य बैठक में की जा सकती है। लेखाधिकारी आरके गौतम में बजट का पहला पेज ही पढ़ पाया था। मेयर और सपा पार्षद सदन से उठकर चले गए। भाजपा पार्षदों ने इसे बजट का स्वीकृत होना नहीं माना और बाद में भी डटे रहकर सदन चलाया।
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अवैध यूनीपोल और होर्डिंग पर पार्षदों का हंगामा
बोर्ड की बजट बैठक में अवैध यूनीपोल और होर्डिंग का मुद्दा जोर शोर से गूंजा। सपा पार्षद राजेश अग्रवाल, शमीम अहमद, मो. नासिर, उस्मान अल्वी, मोहम्मद नदीम और भाजपा के रुपेंद्र पटेल, रंजीत रस्तोगी, कपिलकांत और बागी विपुल लाला ने जानना चाहा कि चार अवैध यूनीपोल पाए जाने पर ठेकेदार पर एफआईआर क्यों नहीं हुई। राजेश अग्रवाल ने कहा कि एफआईआर ठेकेदार पर नहीं, उन अफसरों और कर्मचारियों पर कराएं जिन्होंने अनाधिकृत यूनीपोल लगवाए। विकास शर्मा और राजेश अग्रवाल के बीच नोकझोंक हो गई। पार्षद हंगामा करने लगे। मेयर ने सहायक नगर आयुक्त विकास सेन से पार्षदों के सवाल का जवाब देने को कहा। एसएनए जवाब देने के लिए खड़े हुए तो पार्षदों ने अवैध यूनीपोल लगाने वाले ठेकेदार का नाम पूछा। एसएनए ने नाम याद नहीं रहने की बात कही तो पार्षद गुस्सा होकर हंगामा करने लगे। आरिफ कुरैशी ने कुछ कहने की कोशिश की तो उनकी ही पार्टी के पार्षदों ने निशाने पर ले लिया।
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चार यूनीपोल बिना किसी आदेश के लगे
मेयर ने बताया कि पार्षदों को अवैध यूनीपोल और होर्डिंग की सूची उपलब्ध करा दी गई है। शहर में जितने भी यूनीपोल और होर्डिँग लगे हैं उनको नगर आयुक्त और रामसिंह जाटव के हस्ताक्षर से अनुमति मिली है। चार यूनीपोल ऐसे हैं जो बिना किसी अनुमति के लगे हैं। कपिलकांत ने बार-बार अवैध यूनीपोल लगाने वाले ठेकेदार का नाम पूछा। पूरे समय सदन में अवैध होर्डिंग और यूनीपोल पर ही हंगामा होता रहा। सपा और भाजपा के पार्षद कई बार एक दूसरे से भिड़े। दोनों दलों के पार्षदों ने एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाकर हमले किए।