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अंतिम इच्छा: ंमेडिकल कॉलेज को दान की पिता की देह
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बरेली। करीब दो साल पहले देहदान का संकल्प लेने वाले मेडिकल स्टोर संचालक 65 वर्षीय राजीव चंद्र अरोरा का 16 मार्च गुरुवार को निधन हो गया। जिसके बाद परिजनों ने उनके देहदान के संकल्प को पूरा करने के लिए एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज को पार्थिव शरीर सौंप दिया है। परिजनों के मुताबिक करीब दो साल पहले उन्होंने एसआरएमएस को देह सौंपने का संकल्प लिया था ताकि मेडिकल के स्टूडेंट्स पठन-पाठन और शोध कार्य कर बीमारियों के पनपने और उसके खात्मे की बारीकियां जान सकें।
रामपुर गार्डन के एक अपार्टमेंट में रहने वाले राजीव चंद्र अरोरा की बटलर प्लाजा के पास रिलायंस मेडिकल की शॉप है। प्रणव अरोरा और यशवर्धन अरोरा उनके बेटे हैं। प्रणव मुंबई में एक कंपनी में जॉब करते हैं और यशवर्धन ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में व्यवसायी हैं। प्रणव के मुताबिक पिता राजीव लंबे समय से पलमोनरी फाइब्रोसिस बीमारी से पीड़ित थे। नौ मार्च को उनकी तबियत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें एसआरएमएस में भर्ती कराया था। 16 को उनका इलाज के दौरान निधन हो गया। जिसके बाद पिता के संकल्प के अनुसार उनकी पार्थिव देह कॉलेज को सौंप दी गई। बताया कि पिता ने संकल्प पत्र में उन्होंने मृत शरीर को एसआरएमएस चिकित्सा संस्थान को शिक्षा एवं प्रशिक्षण के लिए दान देने का संकल्प किया था। उन्होंने बताया कि पिता के इस फैसले की जरूरत को देखते हुए उन्होंने और पत्नी नम्र्रता सिंह, भाई यशवर्धन और उनकी पत्नी अनुपमा शर्मा ने भी अपने देहदान के लिए एक हॉस्पिटल को देहदान का संकल्प ले रखा है।
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रामपुर गार्डन के एक अपार्टमेंट में रहने वाले राजीव चंद्र अरोरा की बटलर प्लाजा के पास रिलायंस मेडिकल की शॉप है। प्रणव अरोरा और यशवर्धन अरोरा उनके बेटे हैं। प्रणव मुंबई में एक कंपनी में जॉब करते हैं और यशवर्धन ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में व्यवसायी हैं। प्रणव के मुताबिक पिता राजीव लंबे समय से पलमोनरी फाइब्रोसिस बीमारी से पीड़ित थे। नौ मार्च को उनकी तबियत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें एसआरएमएस में भर्ती कराया था। 16 को उनका इलाज के दौरान निधन हो गया। जिसके बाद पिता के संकल्प के अनुसार उनकी पार्थिव देह कॉलेज को सौंप दी गई। बताया कि पिता ने संकल्प पत्र में उन्होंने मृत शरीर को एसआरएमएस चिकित्सा संस्थान को शिक्षा एवं प्रशिक्षण के लिए दान देने का संकल्प किया था। उन्होंने बताया कि पिता के इस फैसले की जरूरत को देखते हुए उन्होंने और पत्नी नम्र्रता सिंह, भाई यशवर्धन और उनकी पत्नी अनुपमा शर्मा ने भी अपने देहदान के लिए एक हॉस्पिटल को देहदान का संकल्प ले रखा है।
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