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कमेटी गठित मगर जांच कराना भूला विश्वविद्यालय
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बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय को अपने रुपयों की भी परवाह नहीं है। परीक्षा फीस डकारकर बैठे बिजनौर जिले के कुछ कॉलेजों की जांच के लिए विश्वविद्यालय ने तीन सदस्यीय कमेटी तो गठित कर दी है, लेकिन इस कमेटी की अब तक न तो बैठक हुई है और न ही जांच शुरू हुई है।
विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षाओं के दौरान सामने आया कि बिजनौर जिले के कुछ कॉलेज परीक्षा फीस दिए बिना ही कई साल से परीक्षाएं करा रहे हैं। इसमें विश्वविद्यालय के बाबू भी संलिप्त हैं जो मामले को दबाकर इन कॉलेजों को हर साल परीक्षा सामग्री मुहैया कराते रहे। मामला खुलने के बाद कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल ने जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बना दी थी। बताया जाता है कि इस कमेटी में सिर्फ तीन सदस्य हैं। कमेटी का कोई अध्यक्ष न होने के चलते अब तक इसकी बैठक नहीं बुलाई गई है और परीक्षा विभाग ने भी कोई सुध नहीं ली है। इसके चलते जांच शुरू होने से पहले ही यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया है। हालांकि, परीक्षा नियंत्रक संजीव कुमार सिंह का कहना है कि इन कॉलेजों का रिजल्ट नहीं जारी होगा और परीक्षा फीस जुर्माना समेत वसूल की जाएगी।
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विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षाओं के दौरान सामने आया कि बिजनौर जिले के कुछ कॉलेज परीक्षा फीस दिए बिना ही कई साल से परीक्षाएं करा रहे हैं। इसमें विश्वविद्यालय के बाबू भी संलिप्त हैं जो मामले को दबाकर इन कॉलेजों को हर साल परीक्षा सामग्री मुहैया कराते रहे। मामला खुलने के बाद कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल ने जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बना दी थी। बताया जाता है कि इस कमेटी में सिर्फ तीन सदस्य हैं। कमेटी का कोई अध्यक्ष न होने के चलते अब तक इसकी बैठक नहीं बुलाई गई है और परीक्षा विभाग ने भी कोई सुध नहीं ली है। इसके चलते जांच शुरू होने से पहले ही यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया है। हालांकि, परीक्षा नियंत्रक संजीव कुमार सिंह का कहना है कि इन कॉलेजों का रिजल्ट नहीं जारी होगा और परीक्षा फीस जुर्माना समेत वसूल की जाएगी।
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