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सीमा पर तनाव, बाजार में बढ़ रही जमाखोरी
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बरेली। भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच कुछ व्यापारियों ने जमाखोरी को बढ़ावा देना शुरू कर दिया। पाकिस्तान से आने वाले कुछ उत्पादों के साथ ही यहां की कुछ वस्तुएं भी स्टॉक की जा रही हैं। ताकि बाजार में कृत्रिम कमी पैदा करके जेब भरी जा सके। व्यापार मंडल यह जानकारी होने पर इन हालातों पर लगाम लगाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
पुलवामा की घटना के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच भारी तनाव है। इससे आयात-निर्यात भी प्रभावित हुआ है लेकिन ऐसे हालात नहीं हैं कि किसी भी उत्पाद की कमी हो। मगर कुछ मुनाफाखोर इस मौके का फायदा उठाने के लिए जमाखोरी पर जुट गए हैं ताकि बाजार में कुछ वस्तुओं की कृत्रिम कमी पैदा की जा सके। इसमें वे उत्पाद शामिल हैं, जिनका आयात पाकिस्तान से होता है। इसको लेकर बाजार में भी खूब चर्चा हो रही है। इस स्थिति से निपटने के लिए बृहस्पतिवार को उप्र उद्योग व्यापार मंडल की कोर कमेटी ने बैठक की। महामंत्री राजेश जसोरिया ने कहा कि सीमा पर तनावपूर्ण स्थिति में यदि कोई व्यापारी जमाखोरी की योजना बनाता है तो व्यापार मंडल उसके खिलाफ सख्त कदम उठाएगा। उन्होंने जल्द ही पीएम मोदी को पत्र भेजकर सेना का सहयोग करने की बात कही। इसके लिए लखनऊ में 3 मार्च को प्रांतीय महामंत्री राजेंद्र गुप्ता प्रांतीय सम्मेलन में प्रदेश भर के व्यापारियों से सेना का सहयोग करने की अपील क रेंगे।
पाकिस्तान का जवाब देने को व्यापारी साथ
वरिष्ठ उपाध्यक्ष दुर्गेश खटवानी ने कहा कि पहले भी आपात स्थिति में व्यापारियों ने सेना का सहयोग किया है। पाकिस्तान की नापाक हरकत का करारा जवाब देने के लिए देश हर स्थिति में सेना के साथ खड़ा है। चाहे बात धन की हो या फिर अन्न या खून की, लोग हर तरह से सेना का सहयोग करने को तैयार है। उप्र उद्योग व्यापार मंडल ने भी हर परिस्थिति से निपटने के लिए सेना का सहयोग करने का संकल्प लिया है। उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर सभी जरूरतों को पूरा करने का भी वादा किया। इस दौरान शिरीष गुप्ता, मुकेश अग्रवाल, विपिन गुप्ता, प्रवीण गोयल, श्याम, राकेश अग्रवाल, अशोक मोरजानी आदि मौजूद रहे।
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पुलवामा की घटना के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच भारी तनाव है। इससे आयात-निर्यात भी प्रभावित हुआ है लेकिन ऐसे हालात नहीं हैं कि किसी भी उत्पाद की कमी हो। मगर कुछ मुनाफाखोर इस मौके का फायदा उठाने के लिए जमाखोरी पर जुट गए हैं ताकि बाजार में कुछ वस्तुओं की कृत्रिम कमी पैदा की जा सके। इसमें वे उत्पाद शामिल हैं, जिनका आयात पाकिस्तान से होता है। इसको लेकर बाजार में भी खूब चर्चा हो रही है। इस स्थिति से निपटने के लिए बृहस्पतिवार को उप्र उद्योग व्यापार मंडल की कोर कमेटी ने बैठक की। महामंत्री राजेश जसोरिया ने कहा कि सीमा पर तनावपूर्ण स्थिति में यदि कोई व्यापारी जमाखोरी की योजना बनाता है तो व्यापार मंडल उसके खिलाफ सख्त कदम उठाएगा। उन्होंने जल्द ही पीएम मोदी को पत्र भेजकर सेना का सहयोग करने की बात कही। इसके लिए लखनऊ में 3 मार्च को प्रांतीय महामंत्री राजेंद्र गुप्ता प्रांतीय सम्मेलन में प्रदेश भर के व्यापारियों से सेना का सहयोग करने की अपील क रेंगे।
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पाकिस्तान का जवाब देने को व्यापारी साथ
वरिष्ठ उपाध्यक्ष दुर्गेश खटवानी ने कहा कि पहले भी आपात स्थिति में व्यापारियों ने सेना का सहयोग किया है। पाकिस्तान की नापाक हरकत का करारा जवाब देने के लिए देश हर स्थिति में सेना के साथ खड़ा है। चाहे बात धन की हो या फिर अन्न या खून की, लोग हर तरह से सेना का सहयोग करने को तैयार है। उप्र उद्योग व्यापार मंडल ने भी हर परिस्थिति से निपटने के लिए सेना का सहयोग करने का संकल्प लिया है। उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर सभी जरूरतों को पूरा करने का भी वादा किया। इस दौरान शिरीष गुप्ता, मुकेश अग्रवाल, विपिन गुप्ता, प्रवीण गोयल, श्याम, राकेश अग्रवाल, अशोक मोरजानी आदि मौजूद रहे।
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