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बरेली में ही मिलेगा मृतकों के परिवार को मुआवजा
Updated Mon, 12 Jun 2017 08:44 PM IST
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बरेली।
मथुरा में भरतपुर-मथुरा मार्ग पर रविवार तड़के इनोवा के बेकाबू होकर मकेरा पुलिया तोड़कर रजबहा में पलटने से एक ही परिवार के नौ लोगों समेत दस की मौत होने राजीव नगर कॉलोनी में मातम छाया हुआ है। मरने वालों में इनोवा का चालक भी शामिल है। मृतकों को बरेली जिले से ही मुआवजा मिलना है। डीएम डॉ. पिंकी जोवल ने बताया कि मुख्यमंत्री राहत कोष से पीड़ित परिवार की मदद देने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। शासन से ही उनके मुआवजे की धनराशि की रकम तय होगी।
सुभाष नगर क्षेत्र की राजीव कॉलोनी निवासी महेश शर्मा (45), पत्नी दीपिका (42), बेटी मानसी (20), खुशबू (19), बेटे हार्दिक (15), रितिक (13) के साथ इनोवा से मेंहदीपुर बालाजी के दर्शन को जा रहे थे। उनके साथ उनकी बहन उत्तराखंड के बिलासपुर निवासी पूनम (37) पत्नी जयकरन, उनका बेटा रोहन (20) और बेटी सुरभि (19) भी थे। इनोवा हरीशचंद्र (25) निवासी बिछुरिया चला रहा था।
रविवार को तड़के करीब साढ़े चार बजे जब वे मकेरा गांव के पास थे तभी चालक को झपकी आने पर इनोवा बेकाबू होकर पुलिया तोड़ते हुए फतेहपुर सीकरी रजबहा में जा गिरी थी। मौके पर ही इनोवा में सवार सभी लोगों की मौत हो गई थी। हादसे में महेश का पूरा परिवार खत्म हो गया था, जबकि उसकी बहन और उसके बेटा-बेटी की भी जान चली गई थी। डीएम ने मृतकों के परिवार को मुआवजा दिलाने के लिए एडीएम (प्रशासन) को प्रस्ताव बनाकर देने की जिम्मेदारी दी थी। एडीएम ने मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद के लिए प्रस्ताव बनवाकर शासन को भिजवा दिया है।
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बस हादसा: मृतकों के जिलों से ही मिलेगा मुआवजा
हाईवे पर इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी तिराहे पर बीती चार जून की रात हुए बस हादसे में मरे 25 लोगों को उनके जिलों से ही मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया चल रही है। यहां बता दें कि हादसा गोंडा डिपो की बस के साथ हुआ था, जिसमें मरने वालों में ज्यादातर गोंडा और नोएडा के ही रहने वाले हैं। डीएम डॉ. पिंकी जोवल ने बताया कि डीएनए टेस्ट की कार्रवाई चल रही है। फोरेंसिक लैब के डायरेक्टर से उनकी बात हुई है। रिपोर्ट आने में अभी दो माह से ज्यादा का समय लगेगा। डीएनए के मिलान के बाद की मुआवजे की कार्रवाई मृतकों के जिलों से ही होगी।
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मथुरा में भरतपुर-मथुरा मार्ग पर रविवार तड़के इनोवा के बेकाबू होकर मकेरा पुलिया तोड़कर रजबहा में पलटने से एक ही परिवार के नौ लोगों समेत दस की मौत होने राजीव नगर कॉलोनी में मातम छाया हुआ है। मरने वालों में इनोवा का चालक भी शामिल है। मृतकों को बरेली जिले से ही मुआवजा मिलना है। डीएम डॉ. पिंकी जोवल ने बताया कि मुख्यमंत्री राहत कोष से पीड़ित परिवार की मदद देने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। शासन से ही उनके मुआवजे की धनराशि की रकम तय होगी।
सुभाष नगर क्षेत्र की राजीव कॉलोनी निवासी महेश शर्मा (45), पत्नी दीपिका (42), बेटी मानसी (20), खुशबू (19), बेटे हार्दिक (15), रितिक (13) के साथ इनोवा से मेंहदीपुर बालाजी के दर्शन को जा रहे थे। उनके साथ उनकी बहन उत्तराखंड के बिलासपुर निवासी पूनम (37) पत्नी जयकरन, उनका बेटा रोहन (20) और बेटी सुरभि (19) भी थे। इनोवा हरीशचंद्र (25) निवासी बिछुरिया चला रहा था।
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रविवार को तड़के करीब साढ़े चार बजे जब वे मकेरा गांव के पास थे तभी चालक को झपकी आने पर इनोवा बेकाबू होकर पुलिया तोड़ते हुए फतेहपुर सीकरी रजबहा में जा गिरी थी। मौके पर ही इनोवा में सवार सभी लोगों की मौत हो गई थी। हादसे में महेश का पूरा परिवार खत्म हो गया था, जबकि उसकी बहन और उसके बेटा-बेटी की भी जान चली गई थी। डीएम ने मृतकों के परिवार को मुआवजा दिलाने के लिए एडीएम (प्रशासन) को प्रस्ताव बनाकर देने की जिम्मेदारी दी थी। एडीएम ने मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद के लिए प्रस्ताव बनवाकर शासन को भिजवा दिया है।
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बस हादसा: मृतकों के जिलों से ही मिलेगा मुआवजा
हाईवे पर इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी तिराहे पर बीती चार जून की रात हुए बस हादसे में मरे 25 लोगों को उनके जिलों से ही मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया चल रही है। यहां बता दें कि हादसा गोंडा डिपो की बस के साथ हुआ था, जिसमें मरने वालों में ज्यादातर गोंडा और नोएडा के ही रहने वाले हैं। डीएम डॉ. पिंकी जोवल ने बताया कि डीएनए टेस्ट की कार्रवाई चल रही है। फोरेंसिक लैब के डायरेक्टर से उनकी बात हुई है। रिपोर्ट आने में अभी दो माह से ज्यादा का समय लगेगा। डीएनए के मिलान के बाद की मुआवजे की कार्रवाई मृतकों के जिलों से ही होगी।