{"_id":"5c92957fbdec22143b6f0926","slug":"181553110399-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोदी के ‘हैशटैग न्यू इंडिया’ में मुस्लिमों को तलाश रहीं शारदा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोदी के ‘हैशटैग न्यू इंडिया’ में मुस्लिमों को तलाश रहीं शारदा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। बोल बम, पोट्रेट फ्रॉम अयोध्या- लिविंग इंडियाज कांट्राडिक्शन व अन्य कई किताबों की लेखिका शारदा दुबे बरेली में मोदी काल में मुस्लिमों की आर्थिक-सामाजिक, शैक्षिक और राजनीतिक स्थिति के बारे में जानकारी कर रही हैं। अपनी नई पुस्तक मी फॉर माइनॉरिटी : मुस्लिम इन हैशटैग न्यू इंडिया के लिए उन्होंने बुधवार को शहर के कई लोगों से बात की।
अमर उजाला से बातचीत में शारदा ने बताया कि मोदी सरकार में भाजपा की सोशल मीडिया टीम तरह तरह से सरकार की उपलब्धियां गिना रही है। हैशटैग न्यू इंडिया ऐसा ही एक अभियान है। इसी को ध्यान में रखकर उन्होंने 2015 में मी फॉर माइनॉरिटी : मुस्लिम इन हैशटैग न्यू इंडिया किताब प्लान की, जिसके तहत यह देख रही हैं कि मोदी सरकार में मुस्लिमों के विकास के लिए क्या काम हुए, उनकी स्थिति क्या है। इसके लिए वे कई शहरों के चक्कर काटते हुए बरेली पहुंची। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि भाजपा के तीन तलाक के मुद्दे का मुस्लिम महिलाओं में सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। लेकिन पूरी कम्युनिटी पर नजर डालें तो स्थिति अच्छी नहीं है। ऐसे तथ्य सामने आएं है कि स्वतंत्रता के बाद से ही देश में सुनियोजित तरीके से एक धारा मुसलमान विरोधी चलाई जा रही है, जिससे यह कम्युनिटी उबर नहीं पा रही है।
इन दिनों मुंबई में रह रहीं शारदा दुबे मूलत: अंग्रेजी की लेखिका हैं। सन् 1994 में इन्होंने पहली पुस्तक फुटलूज ऑन वेस्ट कोस्ट (यात्रा वृत्तांत ) लिखी। इसके बाद से लगातार लेखन कर रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला से बातचीत में शारदा ने बताया कि मोदी सरकार में भाजपा की सोशल मीडिया टीम तरह तरह से सरकार की उपलब्धियां गिना रही है। हैशटैग न्यू इंडिया ऐसा ही एक अभियान है। इसी को ध्यान में रखकर उन्होंने 2015 में मी फॉर माइनॉरिटी : मुस्लिम इन हैशटैग न्यू इंडिया किताब प्लान की, जिसके तहत यह देख रही हैं कि मोदी सरकार में मुस्लिमों के विकास के लिए क्या काम हुए, उनकी स्थिति क्या है। इसके लिए वे कई शहरों के चक्कर काटते हुए बरेली पहुंची। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि भाजपा के तीन तलाक के मुद्दे का मुस्लिम महिलाओं में सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। लेकिन पूरी कम्युनिटी पर नजर डालें तो स्थिति अच्छी नहीं है। ऐसे तथ्य सामने आएं है कि स्वतंत्रता के बाद से ही देश में सुनियोजित तरीके से एक धारा मुसलमान विरोधी चलाई जा रही है, जिससे यह कम्युनिटी उबर नहीं पा रही है।
विज्ञापन
इन दिनों मुंबई में रह रहीं शारदा दुबे मूलत: अंग्रेजी की लेखिका हैं। सन् 1994 में इन्होंने पहली पुस्तक फुटलूज ऑन वेस्ट कोस्ट (यात्रा वृत्तांत ) लिखी। इसके बाद से लगातार लेखन कर रही हैं।
विज्ञापन