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हैंडबॉल की प्रतियोगिता और टीम दोनों निरस्त
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Fri, 19 Oct 2018 11:48 PM IST
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एसएम कॉलेज चंदौसी में हुई अंतर महाविद्यालयीय महिला हैंडबॉल प्रतियोगिता में एसएम कॉलेज द्वारा बाहरी खिलाड़ी खिलाए जाने की शिकायत सही साबित हुई। कॉलेज ने मेडल जीतने के खातिर बाहरी खिलाड़ियों को अपनी टीम से खिलाया। विश्वविद्यालय ने पूरी प्रतियोगिता और खिलाड़ियों को दिए गए सर्टिफिकेट निरस्त कर दिए हैं। नॉर्थ जोन के लिए चुनी गई टीम को भी निरस्त कर दिया। एसएम कॉलेज के प्राचार्य को चेतावनी जारी की गई है। अब नॉर्थ जोन के लिए टीम ट्रायल से चुनी जाएगी।
एसएम कॉलेज चंदौसी में महिला वर्ग की हैंडबॉल प्रतियोगिता हुई थी। इसमें एसएम कॉलेज की तीन खिलाड़ियों पर बरेली कॉलेज ने प्रोटेस्ट किया था। ये तीनों खिलाड़ी बाहर की थी जिनको कॉलेज का दिखाकर टीम से खिलाया गया। हालांकि फाइनल में चंदौसी को हिंदू कॉलेज से हार झेलनी पड़ी थी, लेकिन बरेली कॉलेज को 7-2 से हराया था। शिकायत के बाद विश्वविद्यालय ने मामले की जांच कराई। रिकार्ड चेक किए तो आरोप सही साबित हुए। एसएम कॉलेज को प्रतियोगिता से बाहर कर दिया गया, चूंकि प्रतियोगिता के लिए पांच टीमें होनी चाहिए। चार टीमें रह जाने के बाद पूरी प्रतियोगिता की निरस्त कर दी गई। यानी जो सर्टिफिकेट खिलाड़ियों को दिए गए वो भी निरस्त हो गए। प्रतियोगिता से नॉर्थ जोन की टीम चुनी गई थी उसे भी निरस्त कर दिया गया। अब टीम का चयन कैंपस में ट्रायल से होगा। वहीं फर्जीवाड़ा करने पर कॉलेज को नोटिस जारी किया गया है।
खिलाड़ियों को देना होगा सबूत
प्रतियोगिताओं में फर्जीवाड़ा कराने के लिए अब खिलाड़ियों को अपनी पहचान का सबूत भी देना होगा। वह किस कॉलेज में पढ़ते हैं प्रतियोगिता के वक्त इसका प्रमाण देना होगा। आधार के साथ आईकार्ड भी दिखाना होगा। टूर्नामेंट के दौरान विश्वविद्यालय इनका सत्यापन खुद करेगा। सही पाए जाने के बाद ही उनको खेलने का मौका मिलेगा। संदेह होने ऑनलाइन एडमिशन के डाटा से भी सत्यापन कराया जाएगा।
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बरेली कॉलेज ने वॉलीबॉल में उतार दिए फर्जी खिलाड़ी
हैंडबॉल में एसएम कॉलेज चंदौसी द्वारा बाहरी खिलाड़ी खिलाने पर बरेली कॉलेज ने ही आपत्ति दर्ज कराई थी, लेकिन टीम में जगह बनाने के लिए बरेली कॉलेज भी फर्जीवाड़ा करने से बाज नहीं आया। बरेली कॉलेज ने विश्वविद्यालय कैंपस में हुए वॉलीबॉल के ट्रायल में तीन फर्जी खिलाड़ी उतार दिए। बरेली कॉलेज की खिलाड़ियों के नाम पर बाहरी लड़कियों ट्रायल देने पहुंच गईं। तीनों खिलाड़ियों को विश्वविद्यालय की टीम से बाहर कर दिया गया है। साथ ही कॉलेज से जवाब तलब किया है कि बाहरी खिलाड़ियों को टीम में कैसे भेज दिया। तीनों खिलाड़ी बरेली कॉलेज की खिलाड़ियों के नाम से खेलीं, लेकिन आईकार्ड से इनका फर्जीवाड़ा खुल गया। पूछने पर सारी सच्चाई बाहर आ गई।
एसएम कॉलेज चंदौसी में हुई महिला हैंडबॉल प्रतियोगिता में एसएम कॉलेज द्वारा फर्जी खिलाड़ी खिलाए जाने की जांच कराई गई। शिकायत सही पाई गई। नॉर्थ जोन के लिए चुनी गई टीम निरस्त कर दी है। साथ ही प्रतियोगिता और सर्टिफिकेट भी निरस्त कर दिए हैं। कॉलेज को चेतावनी जारी की है। बरेली कॉलेज ने वॉलीबॉल के ट्रायल में तीन फर्जी खिलाड़ी भेजने की बात सामने आई। उनको टीम से बाहर कर कॉलेज से जवाब तलब किया है। प्रोफेसर एके जेटली, क्रीड़ा सचिव रुविवि
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एसएम कॉलेज चंदौसी में महिला वर्ग की हैंडबॉल प्रतियोगिता हुई थी। इसमें एसएम कॉलेज की तीन खिलाड़ियों पर बरेली कॉलेज ने प्रोटेस्ट किया था। ये तीनों खिलाड़ी बाहर की थी जिनको कॉलेज का दिखाकर टीम से खिलाया गया। हालांकि फाइनल में चंदौसी को हिंदू कॉलेज से हार झेलनी पड़ी थी, लेकिन बरेली कॉलेज को 7-2 से हराया था। शिकायत के बाद विश्वविद्यालय ने मामले की जांच कराई। रिकार्ड चेक किए तो आरोप सही साबित हुए। एसएम कॉलेज को प्रतियोगिता से बाहर कर दिया गया, चूंकि प्रतियोगिता के लिए पांच टीमें होनी चाहिए। चार टीमें रह जाने के बाद पूरी प्रतियोगिता की निरस्त कर दी गई। यानी जो सर्टिफिकेट खिलाड़ियों को दिए गए वो भी निरस्त हो गए। प्रतियोगिता से नॉर्थ जोन की टीम चुनी गई थी उसे भी निरस्त कर दिया गया। अब टीम का चयन कैंपस में ट्रायल से होगा। वहीं फर्जीवाड़ा करने पर कॉलेज को नोटिस जारी किया गया है।
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खिलाड़ियों को देना होगा सबूत
प्रतियोगिताओं में फर्जीवाड़ा कराने के लिए अब खिलाड़ियों को अपनी पहचान का सबूत भी देना होगा। वह किस कॉलेज में पढ़ते हैं प्रतियोगिता के वक्त इसका प्रमाण देना होगा। आधार के साथ आईकार्ड भी दिखाना होगा। टूर्नामेंट के दौरान विश्वविद्यालय इनका सत्यापन खुद करेगा। सही पाए जाने के बाद ही उनको खेलने का मौका मिलेगा। संदेह होने ऑनलाइन एडमिशन के डाटा से भी सत्यापन कराया जाएगा।
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बरेली कॉलेज ने वॉलीबॉल में उतार दिए फर्जी खिलाड़ी
हैंडबॉल में एसएम कॉलेज चंदौसी द्वारा बाहरी खिलाड़ी खिलाने पर बरेली कॉलेज ने ही आपत्ति दर्ज कराई थी, लेकिन टीम में जगह बनाने के लिए बरेली कॉलेज भी फर्जीवाड़ा करने से बाज नहीं आया। बरेली कॉलेज ने विश्वविद्यालय कैंपस में हुए वॉलीबॉल के ट्रायल में तीन फर्जी खिलाड़ी उतार दिए। बरेली कॉलेज की खिलाड़ियों के नाम पर बाहरी लड़कियों ट्रायल देने पहुंच गईं। तीनों खिलाड़ियों को विश्वविद्यालय की टीम से बाहर कर दिया गया है। साथ ही कॉलेज से जवाब तलब किया है कि बाहरी खिलाड़ियों को टीम में कैसे भेज दिया। तीनों खिलाड़ी बरेली कॉलेज की खिलाड़ियों के नाम से खेलीं, लेकिन आईकार्ड से इनका फर्जीवाड़ा खुल गया। पूछने पर सारी सच्चाई बाहर आ गई।
एसएम कॉलेज चंदौसी में हुई महिला हैंडबॉल प्रतियोगिता में एसएम कॉलेज द्वारा फर्जी खिलाड़ी खिलाए जाने की जांच कराई गई। शिकायत सही पाई गई। नॉर्थ जोन के लिए चुनी गई टीम निरस्त कर दी है। साथ ही प्रतियोगिता और सर्टिफिकेट भी निरस्त कर दिए हैं। कॉलेज को चेतावनी जारी की है। बरेली कॉलेज ने वॉलीबॉल के ट्रायल में तीन फर्जी खिलाड़ी भेजने की बात सामने आई। उनको टीम से बाहर कर कॉलेज से जवाब तलब किया है। प्रोफेसर एके जेटली, क्रीड़ा सचिव रुविवि