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सपना चकनाचूर, स्मार्ट सिटी की दौड़ से बरेली बाहर

Sat, 24 Jun 2017 06:48 PM IST
Updated Sat, 24 Jun 2017 06:48 PM IST
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सपना चकनाचूर, स्मार्ट सिटी की दौड़ से बरेली बाहर
बरेली।
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पूरा शहर एक बार फिर हताश और अचंभित है। स्मार्ट सिटी की अंतिम सूची में एक बार फिर बरेली शामिल नहीं हो सका। 40 शहराें में 30 की घोषणा कर दी गई है। इसमें अलीगढ़, जैसा शहर शामिल है, लेकिन बरेली का कहीं नाम नहीं है। दस अन्य शहराें की घोषणा बाद में की जाएगी। इसके लिए 20 शहराें को प्रतियोगिता में शामिल किया गया है। इन शहर में भी बरेली नहीं है। इनमें बिहार के बिहारशरीफ, यूपी के रायबरेली और सहारनपुर जैसे शहरों को स्थान दिया गया है।
पिछले चार सालाें में निगम में कोई काम नहीं हुआ। न तो कूड़ा निस्तारण को लेकर ठोस रणनीति बन पाई और न ही निगम की आय बढ़ाने पर जोर दिया गया। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन योजना से तीन करोड़ रुपये से अधिक खपा दिए गए लेकिन इससे घर का कूड़ा सड़क पर आना खत्म नहीं हुआ। लोगों ने यूजर चार्ज दिया तो एजेंसी ने इसे निगम में जमा नहीं किया। नतीजा यह रहा कि तीन करोड़ से अधिक खपा देने के बाद भी निगम यूजर कलेक्शन से कमा नहीं पाई। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर काम कर रही दारा शॉ एजेंसी ने रेट्रोफिटिंग प्रोजेक्ट को तीसरे दौरे में पेश किया था, लेकिन यह चुना नहीं गया। इसके बाद इसमें सुधार के लिए कुछ बदलाव किए गए और राजस्व बढ़ाने का प्लान बना। बताया जा रहा है कि स्मार्ट सिटी में शामिल होने की बरेली की प्रबल संभावना लग रही थी लेकिन फिर भी इस बार यह पीछे रह गया। लखनऊ विश्वविद्यालय स्थित रीजनल सेंटर फॉर अर्बन एंवायरमेंटल स्टडीज (आरसीयूईएस) में स्मार्ट सिटी के प्रपोजल पर गहनता से पड़ताल की थी। यहां के विशेषज्ञों ने काम कर रही एजेंसी दारा शॉ को रेवेन्यू बढ़ाने पर जोर देने को कहा है। मुरादाबाद, सहारनपुर और बरेली के प्रपोजल उसमें लिए गए थे। उन्होंने भी माना था कि जब स्मार्ट सिटी के लिए बड़ी रकम खर्च की जा रही है तो इसकी वसूली भी होनी चाहिए।
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राजस्व की वसूली तो सुधार ही नहीं पाए
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में 1600 करोड़ रुपये केंद्र सरकार को खर्च करने हैं। इसमें आधी रकम प्रदेश सरकार को देनी है और आधी नगर निगम को। लेकिन बरेली नगर निगम की कमाई तो इतनी है ही नहीं। दारा शॉ एजेंसी ने जो प्लान बनाया था उसमें हाइटेक तरीके से टैक्स वसूली और ई हॉस्पिटल को लांच करके पैसा कमाना था। इसके अलावा फेरी दुकानदाराें से भी पैसे लेकर राजस्व मजबूत करना था। पिछले पांच सालाें में लक्ष्य का आधा भी टैक्स नगर निगम नहीं वसूल सका। इसके अलावा कोर्ट के चक्कर में वसूली प्रभावित रही। एक लाख 25 हजार चिह्नित कर दाता में मात्र 45 हजार ही कर देते हैं। विज्ञापन की दरें कम होने से निगम को खूब चूना लग रहा है। इसके अलावा जो अन्य आय के साधन हैं उसमें भी निगम पिछड़ रहा है। सिर्फ खर्चे बढ़े हैं।
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कूड़ा निस्तारण न होने से डूबा बरेली
घराें से सिर्फ कूड़ा उठाया जा रहा है इसका निस्तारण कहां और कैसे कर रहे हैं इस पर कोई बात ही नहीं हुई। पिछले चार सालाें में निगम में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को लेकर सिर्फ नूराकुश्ती होती रही। 350 मीट्रिक टन कूड़ा बाकरगंज जाता रहा लेकिन इसका निस्तारण नहीं हुआ। पूर्व नगर आयुक्त शीलधर यादव भी इस मामले में कमजोर साबित हुए।

गंदगी में तो अच्छे नंबर हैं
स्वच्छता अभियान के तहत सर्वेक्षण किया गया। बरेली को 297 रैंक मिली। सर्वे करने आई टीम ने जगह- जगह कूड़ा पाया। शौचालय और सफाई की स्थिति ठीक नहीं थी। स्वच्छता सर्वेक्षण में यूपी के जोर शहर टॉप 100 में थे उनको तो स्मार्ट सिटी में जगह मिल गई है, लेकिन जो शहर सौ से बाहर हैं वे स्मार्ट सिटी की दौड़ से भी बाहर हैं।


शहर के जिम्मेदाराें का यह हाल
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट पर शहर के सभासद ही आपस में लड़ते रहे। हरी भरी को प्लांट चलाने की अनुमति मेयर द्वारा अपने मन से दिए जाने पर 40 पार्षदों ने विरोध जता दिया। इसके बाद जब मुख्यमंत्री ने प्लांट के लिए सख्ती दिखाई तो अंत में हरी भरी को ही प्लांट चलाने की मंजूरी मिली। अब एक अन्य पत्र शहर में घूम रहा है कि सॉलिड प्लांट चलाने में भाजपा के कुछ पार्षद विरोध में हैं। लेकिन अभी तक पार्षद इस विरोध में सामने नहीं आए हैं।

ये भी फेल साबित हुए
- नए प्रस्ताव में इस पर ध्यान
राजस्व बढ़ाना
पुराने बस स्टैंड की जगह
ई- हेल्थ पर जोर
हैंडीक्रॉफ्ट में आर्थिक सुधार
यातायात व्यवस्था
ऊर्जा की बचत
शहर को आर्थिक रूप से मजबूत करना

आय बढ़ाने का बनाया था प्लान
सीतापुर आंख का अस्पताल, रोडवेज और संजय गांधी को डलवप करेंगे। इसके चार्ज बढ़ेंगे। कामर्शियल कॉम्पलेक्स बनेगा।
टैक्स वसूली के लिए जीपीएस के माध्यम से क्षेत्राें को चिह्नित किया जाएगा। ताकि कोई क्षेत्र न छूटे
हैंडी क्रॉफ्ट को बढ़ावा देंगे ताकि लोगों की इनकम बढ़े और वे लोग खर्च करें
चार जगह पार्किंग सुविधा देंगे जिससे राजस्व आएगा
वाईफाई और एडवरटाइजिंग से भी चार्ज वसूला जाएगा
फुटपाथ पर दुकान लगाने वालाें को भी जगह मिलेगी उनको भी टैक्स दायरे में लाएंगे
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